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Sirsa News: नहरों में घग्गर का मटमैला पानी घुला
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कालांवाली। भाखडा नहर में घग्गर का पानी का दृश्य । संवाद
कालांवाली। भाखड़ा नहर में नहरी पानी की बंदी के चलते शहर में पहले ही पानी की किल्लत बनी हुई थी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में एक वक्त पानी छोड़ा जा रहा था। अब कुछ दिनों से भाखड़ा नहर में घग्गर का मटमैला पानी आ रहा है। इसने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। वहीं, भाखड़ा नहर में घग्गर का पानी आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इसके चलते गांव तख्तमल में तो शुक्रवार को गुरुद्वारे में मुनादी करवा कर लोगों को सतर्क किया गया। मुनादी करवाकर गांव वालों से अपील की गई कि नहरों के कच्चे हिस्सों को मजबूत कर लें। भाखड़ा में घग्गर का पानी आने पर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जलघर के मोगे को बंद करवा दिया ताकि घग्गर का पानी जलघर की डिग्गियों में न जमा हो।
कर्मचारियों की लापरवाही के चलते दो दिनों से घग्गर का मटमैला पानी जलघर की डिगियों में चल रहा था। लोगों की ओर से अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद जलघर के मोगों को बंद किया गया। लोगों का मानना है कि घग्गर का पानी दूषित होने के अलावा जहरीला भी हो सकता है, क्योंकि यह पानी किसानों के खेतों में से होकर आ रहा है। इसमें किसानों की ओर से फसलों पर हानिकारक कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। ऐसे में पानी लोगों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
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भाखड़ा के पानी के घग्गर का पानी मिलने की सूचना मिलने के साथ ही जलघरों के मोगों को बंद करवाने का काम शुरू कर दिया गया है। जलघर में अलग से एक टैंक को खाली करवा कर उसमें घग्गर के पानी को एकत्रित किया जाएगा। जलघर में जो पानी पहले से एकत्रित कर रखा है पहले उसकी सप्लाई दी जाएगी। घग्गर के पानी की जांच करवा कर ही उसकी सप्लाई दी जाएगी।
- नरेंद्र भांभू, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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इसके चलते गांव तख्तमल में तो शुक्रवार को गुरुद्वारे में मुनादी करवा कर लोगों को सतर्क किया गया। मुनादी करवाकर गांव वालों से अपील की गई कि नहरों के कच्चे हिस्सों को मजबूत कर लें। भाखड़ा में घग्गर का पानी आने पर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जलघर के मोगे को बंद करवा दिया ताकि घग्गर का पानी जलघर की डिग्गियों में न जमा हो।
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कर्मचारियों की लापरवाही के चलते दो दिनों से घग्गर का मटमैला पानी जलघर की डिगियों में चल रहा था। लोगों की ओर से अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद जलघर के मोगों को बंद किया गया। लोगों का मानना है कि घग्गर का पानी दूषित होने के अलावा जहरीला भी हो सकता है, क्योंकि यह पानी किसानों के खेतों में से होकर आ रहा है। इसमें किसानों की ओर से फसलों पर हानिकारक कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। ऐसे में पानी लोगों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
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भाखड़ा के पानी के घग्गर का पानी मिलने की सूचना मिलने के साथ ही जलघरों के मोगों को बंद करवाने का काम शुरू कर दिया गया है। जलघर में अलग से एक टैंक को खाली करवा कर उसमें घग्गर के पानी को एकत्रित किया जाएगा। जलघर में जो पानी पहले से एकत्रित कर रखा है पहले उसकी सप्लाई दी जाएगी। घग्गर के पानी की जांच करवा कर ही उसकी सप्लाई दी जाएगी।
- नरेंद्र भांभू, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।