40 ग्राम सोना खाने वाले इस सांड़ की 14 दिन से हो रही खातिरदारी, अब परिवार उठाएगा ये कदम
हरियाणा के सिरसा के वार्ड नंबर छह स्थित खेत्रपाल वाली गली निवासी जनक राज का परिवार पिछले 14 दिनों से एक सांड़ की खातिरदारी कर रहा है। इसकी वजह है यह है कि उक्त सांड़ उनके 40 ग्राम सोने के गहने निगल लिया है। पशु चिकित्सक ने बताया था कि हरा चारा, गुड़ आदि खिलाने पर गहने सांड़ के पेट से गोबर के साथ बाहर आ जाएंगे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
जनक राज चौदह दिनों में सांड़ की खातिरदारी पर काफी खर्च कर चुका है। अब तो पशु चिकित्सक का भी कहना है कि सांड़ के पेट से गहने निकलना मुश्किल है।
सांड़ को गोशाला में छोड़ने की सोच रहा जनक राज
जनक राज के परिवार ने कुछ दिन पहले निर्णय किया था कि यदि सांड़ के पेट से आभूषण बाहर नहीं आते हैं तो वे उसे गोशाला में छोड़कर आएंगे। जनक राज को आशंका है कि यदि सांड़ को खुले में छोड़ दिया तो सोने की लालच में कोई असामाजिक तत्व उसकी हत्या कर सकता है। परिजनों और पड़ोसियों की सलाह पर जनक राज सांड़ की खातिरदारी तो कर रहा है, लेकिन अब उसे भी उम्मीद नहीं है कि गहने मिलेंगे।
सांड़ के पेट से गहने निगलने मुश्किल : चिकित्सक
पशु विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुखविंदर चौहान का कहना है कि सांड़ के पेट से सोने का बाहर आना नामुमकिन है। उनका कहना है कि पशु के पेट के चार भाग होते हैं। यदि सांड़ ने सोने के आभूषण निगल लिए हैं तो वह उसके पेट के दूसरे और तीसरे हिस्से में हो सकते हैं। ऐसे में उनके बाहर आने की उम्मीद कम ही है। यह भी आशंका है कि सांड़ ने गहने निगलने के बाद कहीं पर जुगाली की हो और गहने बाहर आ गए हों।
मां ने सब्जी के छिलके साथ फेंक दिए थे गहने
कालांवाली निवासी जनक राज के पारिवारिक सदस्य 19 अक्तूबर को एक शादी समारोह में शिरकत करके आए थे। जनक राज की पत्नी और पुत्रवधू सोने के गहने उतारकर रसोई में एक कटोरी में रखकर सो गईं थीं। इस दौरान रसोई में सब्जी के छिलकों के नीचे सोने के गहने वाली कटोरी छिप गई। बाद में जनक राज की बुजुर्ग मां ने सब्जी के छिलकों व अन्य बची सब्जियों व फल को गली में पशुओं के लिए बनाई गई जगह पर फेंक दिया था।
सीसीटीवी से की गई पूंछ कटे सांड़ की पहचान
कुछ देर बाद जनक राज की मां गली में खड़ी थीं तो उनकी नजर सोने के चमकते एक टॉप्स पर पड़ी तो उन्होंने उसे उठाकर परिजनों को दिखाया। इसके बाद उन्हें याद आया कि ऐसे ही टॉप्स उनके भी थे, जिसे उतार कर रसोई में रखे थे। रसोई में जाकर देखा तो गहने वहां नहीं थे। गहने कहां गए इसका पता करने के लिए घर में लगे सीसीटीवी की जांच की गई तो पता चला कि गहने सब्जियों के कचरे के साथ मां ने बाहर फेंक दिया है।
इसके बाद बाहर लगे सीसीटीवी की जांच की तो उसमें गहने फेंकने के बाद एक पूंछ कटे सांड़ को देखा गया, जोकि सब्जियों को खा रहा है। अंदाजा लगाया गया कि इसी ने सब्जियों के साथ गहने को भी निगल लिया होगा। इसके बाद परिजनों ने उक्त सांड़ की तलाश शुरू की। आखिरकार तीन घंटे की तलाश के बाद एक गली में पूंछ कटा सांड़ बैठा मिल गया।
इंजेक्शन लगाकर काबू किया था सांड़ को
जनक राज के परिजनों और पड़ोसियों ने मिलकर सांड़ के गले में रस्सी डाली और उसे वहां से लाने का प्रयास किया, लेकिन सांड़ टस से मस नहीं हुआ। कई आदमियों को देखकर वहां भड़क गया। इसके बाद उसे काबू करने के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया।
चिकित्सक ने सांड़ को इंजेक्शन लगाया तो वह शांत पड़ा फिर उसे पकड़ कर घर लाया गया और एक खाली प्लाट में बांध दिया। चिकित्सक की सलाह पर जनक राज का परिवार सांड़ की हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर जमकर खातिरदारी कर रहा है, लेकिन आज तक गहने गोबर में नहीं मिले हैं। जनक राज अब सांड़ को गोशाला छोड़कर आने की सोच रहे हैं।