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Sirsa News: बीरूवालागुढ़ा में नशे के आरोपियों की जमानत करवाने का मामला गरमाया, थाने में लोगों के बीच हुई बहसबाजी
Thu, 21 Dec 2023 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 21 Dec 2023 11:37 PM IST
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बडागुढ़ा थाने में एकत्रित लोग। (ग्रामीण)
संवाद न्यूज एजेंसी
बडागुढ़ा। गांव बीरूवालागुढ़ा में नशे के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत करवाने के मामले का विवाद गहरा गया। पिछले कई दिनों से चल रहे इस विवाद को लेकर वीरवार शाम काफी संख्या में लोग बडागुढ़ा थाने में एकत्रित हुए। वहीं 6 गांवों की पंचायतें भी इस मामले को निपटाने के लिए पहुंची, लेकिन मामला नहीं निपट सका। इसके बाद दोनों पक्षों के 5-5 लोगों ने थाने में एसएचओ के समक्ष बातचीत कर मामला निपटाने के प्रयास किए। घंटों चली बातचीत व खींचतान के बाद मामला सुलझ गया।
दरअसल, गांव बीरूवालागुढ़ा में कुछ समय पूर्व पंचायत व ग्रामीणों ने एक बैठक कर बढ़ते नशे को रोकने के लिए कई निर्णय लिए थे। वहीं इस दौरान एक कमेटी का गठन भी किया गया था। इस बैठक में सभी ग्रामीणों ने इस बात पर सहमति जताई गई थी कि अगर गांव का कोई भी व्यक्ति नशे के मामले में पकड़ा जाता है तो उसकी कोई भी जमानत नहीं करवाएगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद गांव की नशा मुक्ति कमेटी व ग्राम पंचायत ने लगातार कई बैठकों का आयोजन कर नशे के खिलाफ अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि इसी बीच गांव के ही एक नंबरदार ने नशे के मामले में आरोपियों की जमानत करवा दी। इसके बाद ये मामला गरमा गया। नशा मुक्ति कमेटी ने आरोप लगाया कि नंबरदार के साथ मिलकर कुछ युवकों ने इस अभियान को खराब करने की कोशिश की है। फिर दूसरे दिन गांव की कमेटी व ग्राम पंचायत ने एक बैठक बुलाई, जिसमें दोनों पक्षों के लोग पहुंचे। लेकिन इस दौरान मामला न निपटने के चलते ग्रामीणों ने जमानत करवाने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान कर दिया। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने एतराज जताते हुए थाने में शिकायत दी कि गांव में मुनादी करवाकर उनकी बेइज्जती की गई है। ये विवाद पिछले कई दिनों से चल रहा था। मामले को निपटाने के लिए ग्रामीणों के अलावा आस-पड़ोस के गांवों से पंचायतें व मौजिज लोग पहुंचे, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पाई।
वर्जन
दोनों पक्षों में आपसी गलतफहमी के चलते विवाद बढ़ गया था, लेकिन अब दोनों पक्षों को समझाकर मामले को निपटा दिया गया है।-- - अशोक कुमार, थाना प्रभारी।
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वर्जन
ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चला रखा है। गांव के एक व्यक्ति ने नशे के आरोपियों की जमानत करवा दी थी। इसके चलते ग्रामीणों में रोष था। इस मामले में पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसके बाद वीरवार को लोग थाने में पहुंचे। ये मामला बातचीत के बाद निपट गया है। उक्त लोगों ने भविष्य में नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करने की बात कही है।-- - सुखविंदर सिंह, सरपंच (गांव बीरूवालागुढ़ा)।
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बडागुढ़ा। गांव बीरूवालागुढ़ा में नशे के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत करवाने के मामले का विवाद गहरा गया। पिछले कई दिनों से चल रहे इस विवाद को लेकर वीरवार शाम काफी संख्या में लोग बडागुढ़ा थाने में एकत्रित हुए। वहीं 6 गांवों की पंचायतें भी इस मामले को निपटाने के लिए पहुंची, लेकिन मामला नहीं निपट सका। इसके बाद दोनों पक्षों के 5-5 लोगों ने थाने में एसएचओ के समक्ष बातचीत कर मामला निपटाने के प्रयास किए। घंटों चली बातचीत व खींचतान के बाद मामला सुलझ गया।
दरअसल, गांव बीरूवालागुढ़ा में कुछ समय पूर्व पंचायत व ग्रामीणों ने एक बैठक कर बढ़ते नशे को रोकने के लिए कई निर्णय लिए थे। वहीं इस दौरान एक कमेटी का गठन भी किया गया था। इस बैठक में सभी ग्रामीणों ने इस बात पर सहमति जताई गई थी कि अगर गांव का कोई भी व्यक्ति नशे के मामले में पकड़ा जाता है तो उसकी कोई भी जमानत नहीं करवाएगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद गांव की नशा मुक्ति कमेटी व ग्राम पंचायत ने लगातार कई बैठकों का आयोजन कर नशे के खिलाफ अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि इसी बीच गांव के ही एक नंबरदार ने नशे के मामले में आरोपियों की जमानत करवा दी। इसके बाद ये मामला गरमा गया। नशा मुक्ति कमेटी ने आरोप लगाया कि नंबरदार के साथ मिलकर कुछ युवकों ने इस अभियान को खराब करने की कोशिश की है। फिर दूसरे दिन गांव की कमेटी व ग्राम पंचायत ने एक बैठक बुलाई, जिसमें दोनों पक्षों के लोग पहुंचे। लेकिन इस दौरान मामला न निपटने के चलते ग्रामीणों ने जमानत करवाने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान कर दिया। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने एतराज जताते हुए थाने में शिकायत दी कि गांव में मुनादी करवाकर उनकी बेइज्जती की गई है। ये विवाद पिछले कई दिनों से चल रहा था। मामले को निपटाने के लिए ग्रामीणों के अलावा आस-पड़ोस के गांवों से पंचायतें व मौजिज लोग पहुंचे, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पाई।
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दोनों पक्षों में आपसी गलतफहमी के चलते विवाद बढ़ गया था, लेकिन अब दोनों पक्षों को समझाकर मामले को निपटा दिया गया है।
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ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चला रखा है। गांव के एक व्यक्ति ने नशे के आरोपियों की जमानत करवा दी थी। इसके चलते ग्रामीणों में रोष था। इस मामले में पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसके बाद वीरवार को लोग थाने में पहुंचे। ये मामला बातचीत के बाद निपट गया है। उक्त लोगों ने भविष्य में नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करने की बात कही है।