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विदेशों से आए लोगों की स्वास्थ्य की विभाग कर रहा निगरानी, पांच दिन बाद दोबारा होगी परिवार सहित जांच
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टेंडर के दौरान कागजी कार्रवाई पूरी करते शिक्षा विभाग के अधिकारी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। ओमिक्रॉन पर स्वाथ्य विभाग ने ग्राउंड पर काम शुरू कर दिया है। जहां एक ओर विदेेशों से आने वालों के स्वास्थ्य पर निगाह रखी जा रही है वहीं दूसरी ओर उनकी एक बार दोबारा परिवार सहित जांच होगी। इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए जिले भर में 1600 बेड तैयार कर लिए गए हैं। बच्चों के लिए विशेष रूप से 18 अस्पतालों में 300 बेड आरक्षित किए गए हैं। ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या भी इस बार बढ़ा दी गई है ताकि जरूरत के समय परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
हालांकि जिले में अभी तक एक भी ओमिक्रॉन का मामला सामने नहीं आया है। इस समय जिले में कोरोना का कोई एक्टिव केस नहीं है। लेकिन कोरोना के नये स्ट्रेन ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है ताकि पिछली बार की तरह परेशानियों का सामना ना करना पड़े। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठकें करके रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। ये तो स्पष्ट है कि नया स्ट्रेन ज्यादा तेजी से फैलता है लेकिन अभी ये नहीं पता कि ये कोरोना से कितना खतरनाक है। हालांकि जिन्हें वैक्सीन लग चुकी हैं, उनके लिए तो फिर भी बचाव है। लेकिन जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी, उनके लिए ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खासकर 18 वर्ष से छोटे किशोरों और बच्चों के लिए दिक्कत है। नागरिक अस्पताल का नया आईसीयू शुरू हो गया है। यहां कोरोना वार्ड को शिफ्ट कर दिया गया है। ज्यादा गंभीर मरीजों का यहां इलाज शुरू हो गया है। संवाद
विदेेश से आए 13 नए लोग, संख्या हुई 68
विदेश से आने वाले सभी लोगों की एयरपोर्ट पर ही कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। इसके बाद ही जिले में एंट्री होती है। वीरवार को 13 नए लोग विदेश से सिरसा आए हैं। विदेश से सिरसा आने वालों की अब तक संख्या 68 तक हो चुकी है। हालांकि सभी की एक बार कोरोना जांच हो चुकी है और सभी की रिपोर्ट भी निगेटिव है। फिर भी विभाग उक्त सभी के स्वास्थ्य पर निगाह बनाए हुए है। नया फैसला ये है कि विदेशों से आने वाले लोगों की पहली जांच के पांच दिन बाद दोबारा जांच होगी। इतना ही नहीं उनके परिवार के सभी सदस्यों की जांच की जाएगी। ताकि कोरोना संक्रमण का पता लगाया जा सके।
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तैयारी : जिले भर में 1600 बेड तैयार, बच्चों के लिए 300 आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर के अस्पतालों में 1600 से ज्यादा बेड का इंतजाम कर लिया है। पिछली बार बीमार मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने में समस्या आई थी। इसलिए इस बार बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। पिछली बार करीब 900 बेड ही विभाग के पास थे। इसके अलावा बच्चों के लिए अलग से जिले के सरकारी और निजी सहित 18 अस्पतालों में 300 बेड आरक्षित रखे गए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स भी प्रत्येक अस्पताल में दो से ज्यादा हैं।
ऑक्सीजन के लिए व्यवस्था : पिछली बार थे केवल 70 सिलेंडर, इस बार 436 की व्यवस्था
पिछली बार स्वास्थ्य विभाग के पास केवल 70 ऑक्सीजन के सिलिंडर थे। इसलिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बार अभी तक ही स्वास्थ्य विभाग ने 436 सिलिंडरों की व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा सिरसा और डबवाली में एक-एक ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है। सिरसा नागरिक अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट प्रतिदिन 100 सिलिंडर जितनी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाएगा जबकि डबवाली का ऑक्सीजन प्लांट प्रतिदिन 50 सिलिंडर जितनी ऑक्सीजन पैदा करेगा।
ये भी जरूरी : अभी तक 72 फीसदी लोगों में बनी है एंटीबॉडी, 82 फीसदी का हो चुका टीकाकरण
कोरोना नई लहर में कितना प्रभाव होगा। इस पर भी स्वास्थ्य विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है। पिछली बार हुए सीरो सर्वे में पता चला था कि जिले के 72 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी है। यानी केवल 28 फीसदी लोगों को कोरोना का खतरा है। इसके अलावा अभी तक 18 वर्ष की अधिक उम्र की आबादी में से 82 फीसदी लोगों को टीकाकरण की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा 38 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना से बचाव के लिए दोनों डोज लगवा ली है। अब केवल 18 वर्ष से छोटी आयु के किशोर व बच्चे हैं जिन्हें अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ।
विदेश से अभी तक आए ज्ञात लोगों की जानकारी
देश, संख्या
ऑस्ट्रेलिया, 03
कनाडा, 07
दुबई, 11
इंग्लैंड, 07
केन्या, 01
मलयेशिया, 04
नेपाल, 03
सिंगापुर, 02
यूके, 04
यूएसए, 01
मास्को, 01
जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधन
संसाधन, पिछली बार की संख्या, इस बार
वेंटिलेटर, 45,71
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 185,231
ऑक्सीजन सिलिंडर डी-टाइप, 70,418
ऑक्सीजन सिलिंडर बी-टाइप, 160,274
बी-पैप मशीन, 4,24
कोरोना और नये स्ट्रेन से निपटने के लिए हमारी तैयारियां पूरी हैं। जहां एक ओर बेड की संख्या बढ़ाई गई है वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पहले से बेहतर है। विदेशों से आने वालों को भी ट्रैस करके जांच की जा रही है। नया फैसला ये है कि विदेशों से आ चुके लोगों को जिले में आने के पांच दिन बाद भी दोबारा जांच होगी, उनके परिवार के सदस्यों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
-डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा।
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हालांकि जिले में अभी तक एक भी ओमिक्रॉन का मामला सामने नहीं आया है। इस समय जिले में कोरोना का कोई एक्टिव केस नहीं है। लेकिन कोरोना के नये स्ट्रेन ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है ताकि पिछली बार की तरह परेशानियों का सामना ना करना पड़े। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठकें करके रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। ये तो स्पष्ट है कि नया स्ट्रेन ज्यादा तेजी से फैलता है लेकिन अभी ये नहीं पता कि ये कोरोना से कितना खतरनाक है। हालांकि जिन्हें वैक्सीन लग चुकी हैं, उनके लिए तो फिर भी बचाव है। लेकिन जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी, उनके लिए ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खासकर 18 वर्ष से छोटे किशोरों और बच्चों के लिए दिक्कत है। नागरिक अस्पताल का नया आईसीयू शुरू हो गया है। यहां कोरोना वार्ड को शिफ्ट कर दिया गया है। ज्यादा गंभीर मरीजों का यहां इलाज शुरू हो गया है। संवाद
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विदेेश से आए 13 नए लोग, संख्या हुई 68
विदेश से आने वाले सभी लोगों की एयरपोर्ट पर ही कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। इसके बाद ही जिले में एंट्री होती है। वीरवार को 13 नए लोग विदेश से सिरसा आए हैं। विदेश से सिरसा आने वालों की अब तक संख्या 68 तक हो चुकी है। हालांकि सभी की एक बार कोरोना जांच हो चुकी है और सभी की रिपोर्ट भी निगेटिव है। फिर भी विभाग उक्त सभी के स्वास्थ्य पर निगाह बनाए हुए है। नया फैसला ये है कि विदेशों से आने वाले लोगों की पहली जांच के पांच दिन बाद दोबारा जांच होगी। इतना ही नहीं उनके परिवार के सभी सदस्यों की जांच की जाएगी। ताकि कोरोना संक्रमण का पता लगाया जा सके।
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तैयारी : जिले भर में 1600 बेड तैयार, बच्चों के लिए 300 आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर के अस्पतालों में 1600 से ज्यादा बेड का इंतजाम कर लिया है। पिछली बार बीमार मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने में समस्या आई थी। इसलिए इस बार बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। पिछली बार करीब 900 बेड ही विभाग के पास थे। इसके अलावा बच्चों के लिए अलग से जिले के सरकारी और निजी सहित 18 अस्पतालों में 300 बेड आरक्षित रखे गए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स भी प्रत्येक अस्पताल में दो से ज्यादा हैं।
ऑक्सीजन के लिए व्यवस्था : पिछली बार थे केवल 70 सिलेंडर, इस बार 436 की व्यवस्था
पिछली बार स्वास्थ्य विभाग के पास केवल 70 ऑक्सीजन के सिलिंडर थे। इसलिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बार अभी तक ही स्वास्थ्य विभाग ने 436 सिलिंडरों की व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा सिरसा और डबवाली में एक-एक ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है। सिरसा नागरिक अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट प्रतिदिन 100 सिलिंडर जितनी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाएगा जबकि डबवाली का ऑक्सीजन प्लांट प्रतिदिन 50 सिलिंडर जितनी ऑक्सीजन पैदा करेगा।
ये भी जरूरी : अभी तक 72 फीसदी लोगों में बनी है एंटीबॉडी, 82 फीसदी का हो चुका टीकाकरण
कोरोना नई लहर में कितना प्रभाव होगा। इस पर भी स्वास्थ्य विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है। पिछली बार हुए सीरो सर्वे में पता चला था कि जिले के 72 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी है। यानी केवल 28 फीसदी लोगों को कोरोना का खतरा है। इसके अलावा अभी तक 18 वर्ष की अधिक उम्र की आबादी में से 82 फीसदी लोगों को टीकाकरण की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा 38 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना से बचाव के लिए दोनों डोज लगवा ली है। अब केवल 18 वर्ष से छोटी आयु के किशोर व बच्चे हैं जिन्हें अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ।
विदेश से अभी तक आए ज्ञात लोगों की जानकारी
देश, संख्या
ऑस्ट्रेलिया, 03
कनाडा, 07
दुबई, 11
इंग्लैंड, 07
केन्या, 01
मलयेशिया, 04
नेपाल, 03
सिंगापुर, 02
यूके, 04
यूएसए, 01
मास्को, 01
जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधन
संसाधन, पिछली बार की संख्या, इस बार
वेंटिलेटर, 45,71
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 185,231
ऑक्सीजन सिलिंडर डी-टाइप, 70,418
ऑक्सीजन सिलिंडर बी-टाइप, 160,274
बी-पैप मशीन, 4,24
कोरोना और नये स्ट्रेन से निपटने के लिए हमारी तैयारियां पूरी हैं। जहां एक ओर बेड की संख्या बढ़ाई गई है वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पहले से बेहतर है। विदेशों से आने वालों को भी ट्रैस करके जांच की जा रही है। नया फैसला ये है कि विदेशों से आ चुके लोगों को जिले में आने के पांच दिन बाद भी दोबारा जांच होगी, उनके परिवार के सदस्यों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
-डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा।