{"_id":"65c51561536797c6b20bd542","slug":"the-functioning-of-city-council-officers-became-a-hindrance-in-inviting-tender-for-cleaning-sirsa-news-c-128-1-svns1027-114853-2024-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नगर परिषद के अफसरों की कार्यप्रणाली बनी सफाई के निविदा आमंत्रण में बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नगर परिषद के अफसरों की कार्यप्रणाली बनी सफाई के निविदा आमंत्रण में बाधा
Thu, 08 Feb 2024 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 08 Feb 2024 11:24 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ने के बाद भी नगर परिषद ने अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया है। जिसके कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था सही नहीं होने से कूड़े का उठान नहीं होता है।
बता दें कि शहर में सफाई का टेंडर निजी एजेंसी को दिया जाना था, ताकि सड़कों पर नियमित रूप से झाडू लग सके। मगर, उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण टेंडर अधर में लटके हुए हैं, क्योंकि कुछ अधिकारी पूर्व में काम करने वाली एजेंसी को टेंडर देना नहीं चाहते हैं, वे नई कंपनी को टेंडर देना चाहते हैं। इसी कारण शहर की सड़कों की सफाई के निविदा अटक गए हैं। जिसके कारण आमजन के साथ-साथ सफाई शाखा के अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों की माने तो पूरे शहर की सफाई 116 नियमित कर्मचारियों के ऊपर आन पड़ी है। जबकि शहर में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 250 के आसपास सफाईकर्मी चाहिए। ऐसे में कर्मचारियों पर काम का भार ज्यादा बढ़ने से उनमें भी प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। बता दें कि पूर्व में डिंग मैन पॉवर के पास सड़कों की सफाई का टेंडर था। जिसे 6 माह से नगर परिषद के अधिकारी आगे बढ़ा रहे थे। जब टेंडर खत्म हो गया तो अधिकारियों ने उसे आगे बढ़ाने से मना कर दिया। जिसके बाद से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है।
विज्ञापन
सफाई पर ऐसा होता है खर्च
पूजा कंसल्टेंट एजेंसी - प्रतिमाह 50 से 60 लाख रुपये ।
रोड स्वीपिंग एजेंसी - सालाना दो से ढाई करोड़ रुपये।
नगर परिषद के नियमित कर्मचारी-- 116 कर्मचारी
नगर परिषद की मौजूदा स्थिति
- डोर टू डोर कचरा उठाया जाता है। उसे सेकेंडरी प्वाइंट पर डाला जाता है।
- एजेंसी का टेंडर खत्म होने के बाद नगर परिषद के कर्मचारी कर रहे है सफाई
- पूजा एजेंसी डंपिंग प्वाइंटों से उठवा रही है कचरा
- आधे शहर में गलियों की सफाई नहीं हुई है। मुख्य सड़कों को नगर परिषद के कर्मचारी कर रहे हैं साफ।
एजेंसी द्वारा टेंडर लगाए गए थे। जिन्हें ओपन करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नई एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा।
-अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के नियमित कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। एजेंसी के कर्मचारियों का एरिया में भी सफाई सरकारी कर्मचारी करवा रहे हैं। जैसे ही टेंडर हो जाएगा, व्यवस्था पहले की तरह हो जाएगी।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद
विज्ञापन
बता दें कि शहर में सफाई का टेंडर निजी एजेंसी को दिया जाना था, ताकि सड़कों पर नियमित रूप से झाडू लग सके। मगर, उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण टेंडर अधर में लटके हुए हैं, क्योंकि कुछ अधिकारी पूर्व में काम करने वाली एजेंसी को टेंडर देना नहीं चाहते हैं, वे नई कंपनी को टेंडर देना चाहते हैं। इसी कारण शहर की सड़कों की सफाई के निविदा अटक गए हैं। जिसके कारण आमजन के साथ-साथ सफाई शाखा के अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों की माने तो पूरे शहर की सफाई 116 नियमित कर्मचारियों के ऊपर आन पड़ी है। जबकि शहर में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 250 के आसपास सफाईकर्मी चाहिए। ऐसे में कर्मचारियों पर काम का भार ज्यादा बढ़ने से उनमें भी प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। बता दें कि पूर्व में डिंग मैन पॉवर के पास सड़कों की सफाई का टेंडर था। जिसे 6 माह से नगर परिषद के अधिकारी आगे बढ़ा रहे थे। जब टेंडर खत्म हो गया तो अधिकारियों ने उसे आगे बढ़ाने से मना कर दिया। जिसके बाद से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है।
विज्ञापन
सफाई पर ऐसा होता है खर्च
पूजा कंसल्टेंट एजेंसी - प्रतिमाह 50 से 60 लाख रुपये ।
रोड स्वीपिंग एजेंसी - सालाना दो से ढाई करोड़ रुपये।
नगर परिषद के नियमित कर्मचारी
नगर परिषद की मौजूदा स्थिति
- डोर टू डोर कचरा उठाया जाता है। उसे सेकेंडरी प्वाइंट पर डाला जाता है।
- एजेंसी का टेंडर खत्म होने के बाद नगर परिषद के कर्मचारी कर रहे है सफाई
- पूजा एजेंसी डंपिंग प्वाइंटों से उठवा रही है कचरा
- आधे शहर में गलियों की सफाई नहीं हुई है। मुख्य सड़कों को नगर परिषद के कर्मचारी कर रहे हैं साफ।
एजेंसी द्वारा टेंडर लगाए गए थे। जिन्हें ओपन करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नई एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा।
-अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के नियमित कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। एजेंसी के कर्मचारियों का एरिया में भी सफाई सरकारी कर्मचारी करवा रहे हैं। जैसे ही टेंडर हो जाएगा, व्यवस्था पहले की तरह हो जाएगी।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद