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Sirsa News: गलियों में घरों के आगे बने रैंप तोड़े बिना सड़क बनाने में जुटा ठेकेदार

Thu, 06 Jun 2024 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 06 Jun 2024 11:38 PM IST
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The contractor is busy in building the road without breaking the ramps built in front of the houses in the streets
अग्रसेन कॉलोनी में बिन रैंप तोड़े बनाई जी रही सड़क।
सिरसा। लोकसभा चुनावों पूर्ण होने के बाद अधिकारी अब फील्ड में नजर आने लगे हैं। वीरवार को नगर परिषद के अधिकारी फील्ड में उतरे और विकास कार्यों का निरीक्षण करते नजर आए। जहां अधिकारी निरीक्षण कर विकास कार्य की जांच कर रहे हैं। वहीं अग्रसेन कॉलोनी में ठेकेदार अपनी मर्जी से सड़क बना रहा है। हालात यह है कि आधी गली में लोगों के रैंप तोड़कर आधी गली में रैंप छोड़ दिए गए हैं। जिसको लेकर कई बार लोग नगर परिषद में शिकायत कर चुके हैं। आरोप है कि ठेकेदार एक नेता के नाम पर लोगों को धमका रहा है।
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बता दें कि आचार संहिता लगने से पूर्व कई सड़कों के टेंडर अधिकारियों ने अलॉट कर दिए थे। इन सड़कों में आचार संहिता के दौरान विकास कार्य हुआ है। जहां विकास कार्य तेज गति से चल रहे थे, वहीं अधिकारियों की चुनावों में ड्यूटियां लगाई गई थी। इसमें विकास कार्य नियमानुसार हुए है या नहीं, किसी भी अधिकारी ने इनकी सुध लेने की कोशिश नहीं की। जैसे ही आचार संहिता हटी है, अब विकास कार्यों की पैमाइश का कार्य शुरू हो गया है ताकि ठेकेदार को भुगतान जारी हो सके। अहम बात यह है कि जिन सड़कों की समय पर मॉनिटरिंग व जांच ही नहीं हुई। उन सड़कों की पेमेंट ठेकेदार को जारी करना कई सवाल विभागीय कार्यप्रणाली पर उठता है।
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सड़क निर्माण को लेकर यह है नियम
1 सड़क निर्माण के दौरान जेई को साइट पर रहना पड़ता है।
2 . जेई को सड़क के अलग अलग स्तर की फोटो व वीडियोग्राफी तैयार करवानी होती है।
3. सड़कों के रैंप तोड़ गए है या नहीं। इसकी जांच करनी होती है।
4. अधिकारियों को सामग्री की गुणवत्ता की और इंटरलॉकिंग टाइलों की जांच करनी होती। उनके सैंपल लैब में भिजवाने होते हैं।
5. सड़क बनाने के दौरान सही बनी है या नहीं, उसका लेवल सही है या नहीं, इसकी जांच करनी होती है।
6 . सड़क निर्माण करने से पहले स्थिति क्या थी, इसकी फोटोग्राफी करवानी होती है।
7. यदि सड़क इंटरलॉकिंग थी तो वह कितने प्रतिशत कंडम थी। उन ईंटों का क्या किया। उनका पैसा काटा गया या अन्य जगह लगाया गया।
यह मिल रही हैं खामियां
1. सड़कों का लेवल गलत बनाया गया है।
2. रैंप नहीं तोड़े गए हैं। जिससे सड़कों की चौड़ाई कम हो गई और आवागमन बाधित हो रहा है।
3. बारिश पानी की निकासी की व्यवस्था कई सड़कों में नहीं है।
4. सीवरेज के मेनहोल ऊपर कर दिए हैं। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
5. वॉल बनाने में पुरानी ईंटों का प्रयोग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।

रैंप तोड़े बिना कोई सड़क बनाई जा रही है तो उसका मौका निरीक्षण किया जाएगा। रैंप तोड़कर सड़क को पूरी चौड़ाई में बनवाया जाएगा।
-प्रवीण शर्मा, जेई।
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