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Sirsa News: 32 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान, अचानक बढ़ी गर्मी
Thu, 05 Mar 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:50 PM IST
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- न्यूनतम तापमान 14 डिग्री पहुंचा, अचानक गर्मी आने से स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर
- वायरल बुखार, खांसी, जुकाम की बढ़ रही ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। जिले में अचानक गर्मी बढ़ने से अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में इस अचानक बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दिन के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होती है, लेकिन दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी का असर बढ़ गया है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर को अनुकूल होने में समय लगता है।
इसी कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में इन दिनों बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीजों की ओपीडी बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस मौसम में ठंडी और गर्म चीजों का संतुलन बनाए रखें तथा ज्यादा ठंडा पानी या ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें।
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अचानक से बढ़ेगी पानी की खपत
मौसम में बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव खेती और पानी की खपत पर भी पड़ने लगा है। तापमान बढ़ने के कारण पीने के पानी की मांग में भी वृद्धि होने की संभावना है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को अधिक पानी की जरूरत महसूस होने लगती है, जिससे पानी की खपत बढ़ जाती है।
फसलों को अधिक सिंचाई की जरूरत
कृषि क्षेत्र में भी तापमान बढ़ने का असर देखने को मिलेगा। किसानों का कहना है कि तापमान बढ़ने से फसलों को अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। विशेष रूप से गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए इस समय पानी बेहद जरूरी होता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो किसानों को सिंचाई की संख्या बढ़ानी पड़ सकती है। तापमान में वृद्धि होने पर फसलों में नमी बनाए रखना जरूरी होता है। इसलिए किसानों को समय-समय पर खेतों की निगरानी करते रहना चाहिए और जरूरत के अनुसार सिंचाई करनी चाहिए।
इस सप्ताह 33 डिग्री तक रहेगा तापमान
आईएमडी के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पहले से ही सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासतौर पर दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है। आईएमडी के अनुसार, आगामी इस सप्ताह में 33 डिग्री तक तापमान रहेगा।
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- वायरल बुखार, खांसी, जुकाम की बढ़ रही ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। जिले में अचानक गर्मी बढ़ने से अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में इस अचानक बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दिन के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होती है, लेकिन दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी का असर बढ़ गया है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर को अनुकूल होने में समय लगता है।
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इसी कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में इन दिनों बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीजों की ओपीडी बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस मौसम में ठंडी और गर्म चीजों का संतुलन बनाए रखें तथा ज्यादा ठंडा पानी या ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें।
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अचानक से बढ़ेगी पानी की खपत
मौसम में बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव खेती और पानी की खपत पर भी पड़ने लगा है। तापमान बढ़ने के कारण पीने के पानी की मांग में भी वृद्धि होने की संभावना है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को अधिक पानी की जरूरत महसूस होने लगती है, जिससे पानी की खपत बढ़ जाती है।
फसलों को अधिक सिंचाई की जरूरत
कृषि क्षेत्र में भी तापमान बढ़ने का असर देखने को मिलेगा। किसानों का कहना है कि तापमान बढ़ने से फसलों को अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। विशेष रूप से गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए इस समय पानी बेहद जरूरी होता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो किसानों को सिंचाई की संख्या बढ़ानी पड़ सकती है। तापमान में वृद्धि होने पर फसलों में नमी बनाए रखना जरूरी होता है। इसलिए किसानों को समय-समय पर खेतों की निगरानी करते रहना चाहिए और जरूरत के अनुसार सिंचाई करनी चाहिए।
इस सप्ताह 33 डिग्री तक रहेगा तापमान
आईएमडी के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पहले से ही सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासतौर पर दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है। आईएमडी के अनुसार, आगामी इस सप्ताह में 33 डिग्री तक तापमान रहेगा।