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Sirsa News: जांच के दायरे में निजी कॉलेजों से पीएचडी हुए शिक्षक
Sun, 07 Jan 2024 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 07 Jan 2024 11:45 PM IST
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पीएचडी की फर्जी डिग्री देने के मामले में शिक्षकों को किया तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय कॉलेजों में अन्य राज्यों से प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से पीएचडी करने वाले शिक्षकों को सोमवार को पंचकूला में तलब किया गया है। इनमें से अधिकतर शिक्षक 10 से 15 साल की नौकरी कर चुके हैं। प्रदेशभर में ज्यादातर शिक्षकों ने राजस्थान की प्राइवेट कॉलेजों से पीएचडी की है। इन कॉलेजों के शिक्षक ही जांच के दायरे में हैं।
अहम बात यह है कि नियमित शिक्षकों से पहले अनुबंधित शिक्षकों को जांच में शामिल किया गया था। राजकीय नेशनल कॉलेज से पांच शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की, जो कि पंचकूला के सेक्टर - 1 स्थित राजकीय कॉलेज में आयोजित बैठक में अपने दस्तावेज लेकर जाएंगे। बता दें कि जिले के कई कॉलेजों के प्राचार्यों को पिछले साल दिसंबर में उच्चतर शिक्षा विभाग ने तलब किया गया था। इस दौरान सभी प्राचार्यों को एक प्रोफार्मा दिया गया, जिसमें उन्हें शिक्षकों की सभी प्रकार की जानकारी भरकर देनी थी। इन्हीं जानकारी के आधार पर अब नियमित शिक्षकों को बुलाया गया है, जिन्हाेंने अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों से पीएचडी की है।
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बॉक्स
इस प्रकार मांगी गई है शिक्षकों से जानकारी
- पीएचडी प्रवेश परीक्षा कब हुई और किस तिथि को हुई।
- परीक्षार्थी का रोल नंबर क्या
- फीस रजिस्ट्रेशन नंबर
- कोर्स वर्किंग डीएमसी
- पीएचडी का रजिस्ट्रेशन
- रजिस्ट्रेशन कॉपी
- गाइड का नाम
- गाइड की पोस्टिंग कॉलेज का नाम
- हर 6 महीने की प्रोग्रेस रिपोर्ट
- पीएचडी की सबमिशन रसीद
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वर्जन
मुझे इस बारे में नहीं पता। किसी प्रकार की कोई जानकारी मेरे ध्यान में नहीं है।-- - राम कुमार जांगड़ा, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय सिरसा।
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वर्जन
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज में एक लेटर आया है। जिसमें उन रेगुलर शिक्षकों को बुलाया गया है, जिन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से पीएचडी की है।-- - डॉ. संदीप गोयल, प्राचार्य, राजकीय नेशनल कॉलेज, सिरसा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय कॉलेजों में अन्य राज्यों से प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से पीएचडी करने वाले शिक्षकों को सोमवार को पंचकूला में तलब किया गया है। इनमें से अधिकतर शिक्षक 10 से 15 साल की नौकरी कर चुके हैं। प्रदेशभर में ज्यादातर शिक्षकों ने राजस्थान की प्राइवेट कॉलेजों से पीएचडी की है। इन कॉलेजों के शिक्षक ही जांच के दायरे में हैं।
अहम बात यह है कि नियमित शिक्षकों से पहले अनुबंधित शिक्षकों को जांच में शामिल किया गया था। राजकीय नेशनल कॉलेज से पांच शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की, जो कि पंचकूला के सेक्टर - 1 स्थित राजकीय कॉलेज में आयोजित बैठक में अपने दस्तावेज लेकर जाएंगे। बता दें कि जिले के कई कॉलेजों के प्राचार्यों को पिछले साल दिसंबर में उच्चतर शिक्षा विभाग ने तलब किया गया था। इस दौरान सभी प्राचार्यों को एक प्रोफार्मा दिया गया, जिसमें उन्हें शिक्षकों की सभी प्रकार की जानकारी भरकर देनी थी। इन्हीं जानकारी के आधार पर अब नियमित शिक्षकों को बुलाया गया है, जिन्हाेंने अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों से पीएचडी की है।
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इस प्रकार मांगी गई है शिक्षकों से जानकारी
- पीएचडी प्रवेश परीक्षा कब हुई और किस तिथि को हुई।
- परीक्षार्थी का रोल नंबर क्या
- फीस रजिस्ट्रेशन नंबर
- कोर्स वर्किंग डीएमसी
- पीएचडी का रजिस्ट्रेशन
- रजिस्ट्रेशन कॉपी
- गाइड का नाम
- गाइड की पोस्टिंग कॉलेज का नाम
- हर 6 महीने की प्रोग्रेस रिपोर्ट
- पीएचडी की सबमिशन रसीद
वर्जन
मुझे इस बारे में नहीं पता। किसी प्रकार की कोई जानकारी मेरे ध्यान में नहीं है।
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उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज में एक लेटर आया है। जिसमें उन रेगुलर शिक्षकों को बुलाया गया है, जिन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से पीएचडी की है।