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Sirsa News: रोजगारोन्मुखी पोर्टफोलियो का विकास एवं प्रस्तुतिकरण सिखाया
Wed, 06 Mar 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:27 PM IST
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सिरसा। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के फैशन डिजाइन एवं लाइफ स्टाइल टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए पोर्टफोलियो के विकास एवं प्रस्तुतिकरण सिखाया गया।
इस कार्यशाला के समापन सत्र में विवि के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक भी आए। उन्होंने कहा कि फैशन डिजाइनिंग एक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम है। इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों ने फैशन डिजाइनिंग के विभिन्न पहलुओं को बारीकी से सीखा है, जो उन्हें अपने जीवन में सफल बनने में सहायक होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत कई डिजाइनों को सराहा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के डीन प्रो. सुशील कुमार ने बताया कि कार्यशाला के पहले दिन विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ स्वयं को डिजाइनर के रूप में साक्षात्कार करवाने के गुर सिखाए गए।
कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को आर्ट ऑफ स्टोरी टेलिंग एक्टिविटी के माध्यम से पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने की जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता ने कहा कि आर्ट ऑफ स्टोरी टेलिंग एक प्रमुख तत्व है जो आपके पोर्टफोलियो में जान डालता है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत में अपनी जगह बनाने के लिए एक अच्छा पोर्टफोलियो सफलता की कुंजी हो सकता है। ऐसे में अपने जॉब प्रोफाइल के सभी तत्वों को भली प्रकार जांच कर एवं अपने कौशल को युक्ति के साथ पोर्टफोलियो में प्रस्तुत करना बहुत बड़ी कला है। विद्यार्थियों ने अखबार समेत कई प्रकार की सामग्री से बनी ड्रेस पहन कर रैंप वॉक किया और इससे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर गुरप्रीत कौर, बेअंत कौर एवं रूपिंदर कौर सहित विभाग के कई विद्यार्थी मौजूद रहे।
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इस कार्यशाला के समापन सत्र में विवि के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक भी आए। उन्होंने कहा कि फैशन डिजाइनिंग एक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम है। इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों ने फैशन डिजाइनिंग के विभिन्न पहलुओं को बारीकी से सीखा है, जो उन्हें अपने जीवन में सफल बनने में सहायक होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत कई डिजाइनों को सराहा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के डीन प्रो. सुशील कुमार ने बताया कि कार्यशाला के पहले दिन विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ स्वयं को डिजाइनर के रूप में साक्षात्कार करवाने के गुर सिखाए गए।
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कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को आर्ट ऑफ स्टोरी टेलिंग एक्टिविटी के माध्यम से पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने की जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता ने कहा कि आर्ट ऑफ स्टोरी टेलिंग एक प्रमुख तत्व है जो आपके पोर्टफोलियो में जान डालता है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत में अपनी जगह बनाने के लिए एक अच्छा पोर्टफोलियो सफलता की कुंजी हो सकता है। ऐसे में अपने जॉब प्रोफाइल के सभी तत्वों को भली प्रकार जांच कर एवं अपने कौशल को युक्ति के साथ पोर्टफोलियो में प्रस्तुत करना बहुत बड़ी कला है। विद्यार्थियों ने अखबार समेत कई प्रकार की सामग्री से बनी ड्रेस पहन कर रैंप वॉक किया और इससे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर गुरप्रीत कौर, बेअंत कौर एवं रूपिंदर कौर सहित विभाग के कई विद्यार्थी मौजूद रहे।
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