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स्वच्छ सर्वेक्षण : सफाई पर हर माह 70 लाख रुपये खर्च, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
Sun, 12 Jan 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:40 PM IST
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रानियां बाइपास सब्जी मंडी के पीछे मुख्य डंपिंग प्वाइंट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की सफाई पर नगर परिषद हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बावजूद इसके रैंक सुधरने की जगह बिगड़ रही है। वर्ष 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण परिणाम में सिरसा की रैंक जहां 176 थी वह अगले साल 2021 में 238 पर पहुंच गई। इसके बाद से स्थिति ओर बिगड़ती गई। वर्ष 2023 में सिरसा की रैंक 269 पर पहुंच गई।
नगर परिषद की ओर से सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह 70 लाख रुपये के आस पास खर्च किया जाता है। हालांकि डोर-टू-डोर कचरा उठान व डंपिंग प्वाइंट को कम करने दिशा में नगर परिषद ने अच्छे प्रयास किए हैं। इसके बाद भी रैंकिंग में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिलता है। इस मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। वहीं एजेंसी भी सही मायने में उन नियमों पर फोकस नहीं कर रही, जिसके पालन जरूरी है। इसका परिणाम है कि हर साल साढ़े 8 करोड़ रुपये पर सफाई पर खर्च करने के बाद भी नगर परिषद की रैंकिंग में निरंतर गिरावट देखने को मिलती है। पिछले तीन साल में 93 अंकों की गिरावट देखने को मिली है।
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कचरा निस्तारण न होने पर हर माह एक लाख का लगता है जुर्माना
डोर टू डोर कचरा उठान और कचरा निस्तारण का 22 साल के लिए टेंडर पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को दिया गया है। सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, डबवाली और कालांवाली में डोर टू डोर व्यवस्था बनाने का काम इसी एजेंसी के पास है। यही एजेंसी कचरा उठान के साथ निस्तारण का कार्य करती है। सिरसा के बकरियांवाली प्लांट में ऐलनाबाद और सिरसा का कचरा निस्तारित किया जाता है। सालों पुराना एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पड़े कचरे का निपटान आज तक नहीं हो पाया है। यहीं कारण है कि नगर परिषद पर हर माह पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। हर साल 12 लाख रुपये बतौर जुर्माना नगर परिषद बोर्ड के खाते में जमा करवाता है।
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यह है जानना जरूरी है
शहर की आबादी : 211000
प्रतिदिन कचरा निकलता है : 120 एमटी
- दो एजेंसी कार्यरत : डिंग मैनपॉवर और पूजा वेस्ट मैनेजमेंट
- डिंग मैनपावर : 16 से 17 लाख रुपये प्रतिमाह
- पूजा वेस्ट मैनेजमेंट : 14 से 15 लाख रुपये प्रतिमाह
सिरसा की रैकिंग
वर्ष रैंक
2018 - 291
2019 - 270
2020 - 176
2021 - 238
2022 - 254
2023 - 269
बॉक्स
2023 में इस प्रकार रही थी अंकों की स्थिति
कुल अंक : 7500
1. एसएलपी (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) :
कुल 4830 अंक
सिरसा को मिले : 1593 अंक
सर्टिफिकेशन :
कुल अंक 2500
- सिरसा को मिले-- 525 अंक
सिटीजन वायस :
कुल अंक 2170
- सिरसा को मिले : 1352.13 अंक
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कोट्स
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। जेई, टेक्निकल सुपरवाइजर सहित सफाई शाखा के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस बार उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। स्वच्छता में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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सिरसा। शहर की सफाई पर नगर परिषद हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बावजूद इसके रैंक सुधरने की जगह बिगड़ रही है। वर्ष 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण परिणाम में सिरसा की रैंक जहां 176 थी वह अगले साल 2021 में 238 पर पहुंच गई। इसके बाद से स्थिति ओर बिगड़ती गई। वर्ष 2023 में सिरसा की रैंक 269 पर पहुंच गई।
नगर परिषद की ओर से सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह 70 लाख रुपये के आस पास खर्च किया जाता है। हालांकि डोर-टू-डोर कचरा उठान व डंपिंग प्वाइंट को कम करने दिशा में नगर परिषद ने अच्छे प्रयास किए हैं। इसके बाद भी रैंकिंग में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिलता है। इस मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। वहीं एजेंसी भी सही मायने में उन नियमों पर फोकस नहीं कर रही, जिसके पालन जरूरी है। इसका परिणाम है कि हर साल साढ़े 8 करोड़ रुपये पर सफाई पर खर्च करने के बाद भी नगर परिषद की रैंकिंग में निरंतर गिरावट देखने को मिलती है। पिछले तीन साल में 93 अंकों की गिरावट देखने को मिली है।
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कचरा निस्तारण न होने पर हर माह एक लाख का लगता है जुर्माना
डोर टू डोर कचरा उठान और कचरा निस्तारण का 22 साल के लिए टेंडर पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को दिया गया है। सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, डबवाली और कालांवाली में डोर टू डोर व्यवस्था बनाने का काम इसी एजेंसी के पास है। यही एजेंसी कचरा उठान के साथ निस्तारण का कार्य करती है। सिरसा के बकरियांवाली प्लांट में ऐलनाबाद और सिरसा का कचरा निस्तारित किया जाता है। सालों पुराना एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पड़े कचरे का निपटान आज तक नहीं हो पाया है। यहीं कारण है कि नगर परिषद पर हर माह पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। हर साल 12 लाख रुपये बतौर जुर्माना नगर परिषद बोर्ड के खाते में जमा करवाता है।
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यह है जानना जरूरी है
शहर की आबादी : 211000
प्रतिदिन कचरा निकलता है : 120 एमटी
- दो एजेंसी कार्यरत : डिंग मैनपॉवर और पूजा वेस्ट मैनेजमेंट
- डिंग मैनपावर : 16 से 17 लाख रुपये प्रतिमाह
- पूजा वेस्ट मैनेजमेंट : 14 से 15 लाख रुपये प्रतिमाह
सिरसा की रैकिंग
वर्ष रैंक
2018 - 291
2019 - 270
2020 - 176
2021 - 238
2022 - 254
2023 - 269
बॉक्स
2023 में इस प्रकार रही थी अंकों की स्थिति
कुल अंक : 7500
1. एसएलपी (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) :
कुल 4830 अंक
सिरसा को मिले : 1593 अंक
सर्टिफिकेशन :
कुल अंक 2500
- सिरसा को मिले
सिटीजन वायस :
कुल अंक 2170
- सिरसा को मिले : 1352.13 अंक
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कोट्स
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। जेई, टेक्निकल सुपरवाइजर सहित सफाई शाखा के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस बार उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। स्वच्छता में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद