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स्वच्छ सर्वेक्षण : पिछले वर्ष के मुकाबले गिरी सिरसा की रैंकिंग
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डंपिंग स्टेशन पर कचरे में मुंह मारते बेसहारा पशु
- फोटो : Sirsa
सिरसा। वर्ष 2021 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम जारी हो गया है। पिछले वर्ष टॉप-100 की सूची में आया सिरसा पीछे खिसक गया है। कुल 6000 अंकों के लिए हुए सर्वेक्षण में सिरसा जिला केवल 2194.47 अंक हासिल कर पाया और इस बार सिरसा की रैंकिंग 238 रही। पिछले वर्ष सिरसा 176 रैंक हासिल कर पाया था।
स्वच्छता सर्वेक्षण में कई बड़ी खामियां ने रैंक गिरने का कारण साबित हुई। शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सफाई कर्मचारियों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन को फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव के कारण रैंकिंग गिरी। इतना ही नहीं सड़क पर घूम हे बेसहारा पशु और डंपिंग स्टेशनों में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुआ है।
उपमंडलों की भी रही खराब रैंकिंग
सिरसा के अलावा कालांवाली व ऐलनाबाद नगर पालिकाओं का प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा है और यहां भी रैंकिंग बीते वर्ष के मुकाबले नीचे गई है। इस बार रानियां व नगर परिषद में स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हुआ है जहां डबवाली 14 पायदान आगे बढ़कर 51वीं रैंकिंग पर पहुंचा है वहीं रानियां 120वें पायदान से सीधे 74वें स्थान पर आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में सिरसा नगर परिषद की रैंकिंग इस बार 238वीं आई है। बीते वर्ष के मुकाबले रैंकिंग 62 पायदान नीचे लुढ़की है। कुल 6000 स्कोर में से सिरसा को महज 2194.47 स्कोर मिले है। बीते वर्ष सिरसा 176वें स्थान पर था। मंडी डबवाली को 50 हजार से एक लाख की जनसंख्या के बीच जोनल रैंकिंग में 51वां स्थान मिला है। डबवाली को 2273.43 अंक मिले है। बीते वर्ष डबवाली की 65वीं रैंकिंग थी। 2019 में मंडी डबवाली का रैंक 737 था। रानियां का जोनल रैंकिंग में 74वां रैंक आया और यहां सराहनीय सुधार हुआ है। रानियां को 2972.18 स्कोर मिला है। वर्ष 2020 में रानियां की रैंकिंग 120वीं थी जबकि 2019 में 403 रैंक था। कालांवाली में इस बार 547वां रैंक आया है जबकि बीते वर्ष यहां की रैंकिंग 255 थी। कालांवाली को 1369.97 स्कोर मिला है। ऐलनाबाद को इस बार 146वीं रैंकिंग हासिल हुई है। इसे 1556.85 स्कोर मिला है। बीते वर्ष ऐलनाबाद की रैंकिंग 71वीं थी। 2019 में इसका स्थान 260वां था।
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आमजन फीडबैक को लेकर काम नहीं कर पाया नप प्रशासन
सिरसा नगर परिषद में स्वच्छता एप से 19066 लोगों ने राय रखी जबकि पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से 5657 लोगों ने व 1969 आइवीआर पोर्टल पर राय दी। रानियां में स्वच्छता एप पर 560 लोगों ने पोर्टल ओटीपी पर 186 लोगों ने राय दी जबकि आइवीआर पर कोई फीडबैक नहीं आया। डबवाली में स्वच्छता एप पर महज 28 लोगों ने तथा पोर्टल ओटीपी पर 313 लोगों ने फीडबैक दी। ऐलनाबाद में स्वच्छता एप पर 2055 ने व पोर्टल एप पर 3952 लोगों ने फीडबैक दी। दोनों ही जगह आइवीआर पर किसी ने भी फीडबैक नहीं दी। कालांवाली में स्वच्छता एप पर 6575 व पोर्टल ओटीपी पर 95 व आइवीआर पर एक व्यक्ति ने फीडबैक दिया। इसका मुख्य कारण ये रहा कि नगर परिषद प्रशासन आमजन को फीडबैक देने के लिए जागरुकता अभियान नहीं चला पाया। सिटीजन फीडबैक के 1800 अंक निर्धारित थे, लेकिन इसमें केवल 967.26 अंक ही हासिल कर पाए।
इन कारण पर करना होगा मंथन
- नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों का अभाव है
- शहर के निकलने वाले कूड़ा को अलग-अलग नहीं किया जा रहा।
- शहरी क्षेत्र में कूड़ा सड़कों पर बिखरा हुआ मिलता है।
- बाजारों की नियमित सफाई नहीं हो पाती।
- कचरे का निस्तारीकरण नियम अनुसार नहीं हो पा रहा।
-सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब है।
-डंपिंग प्वाइंट के बाहर भी कूड़ा बिखरा रहता है और बेसहारा पशु उसमें मुंह मारते हैं।
वर्ष अनुसार रैंकिंग
शहर, वर्ष, 2018, 2019, 2020,2021
सिरसा, 291, 270, 176, 238
मंडी डबवाली, 318, 737, 65, 51
ऐलनाबाद, 130, 260, 71, 146
कालांवाली, 272, 481, 255, 547
रानियां, 110, 403, 120, 74
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जहां-जहां भी कमियां रही है, उन्हें अब दूर किया जाएगा। रैंकिंग पर मंथन करेंगे और अधिकारियों की बैठक लेकर नये सिरे से योजना तैयार करेंगे ताकि भविष्य में रैंकिंग सुधारी जा सके।
-जयवीर यादव, प्रशासक, नगर परिषद, सिरसा।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में कई बड़ी खामियां ने रैंक गिरने का कारण साबित हुई। शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सफाई कर्मचारियों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन को फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव के कारण रैंकिंग गिरी। इतना ही नहीं सड़क पर घूम हे बेसहारा पशु और डंपिंग स्टेशनों में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुआ है।
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उपमंडलों की भी रही खराब रैंकिंग
सिरसा के अलावा कालांवाली व ऐलनाबाद नगर पालिकाओं का प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा है और यहां भी रैंकिंग बीते वर्ष के मुकाबले नीचे गई है। इस बार रानियां व नगर परिषद में स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हुआ है जहां डबवाली 14 पायदान आगे बढ़कर 51वीं रैंकिंग पर पहुंचा है वहीं रानियां 120वें पायदान से सीधे 74वें स्थान पर आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में सिरसा नगर परिषद की रैंकिंग इस बार 238वीं आई है। बीते वर्ष के मुकाबले रैंकिंग 62 पायदान नीचे लुढ़की है। कुल 6000 स्कोर में से सिरसा को महज 2194.47 स्कोर मिले है। बीते वर्ष सिरसा 176वें स्थान पर था। मंडी डबवाली को 50 हजार से एक लाख की जनसंख्या के बीच जोनल रैंकिंग में 51वां स्थान मिला है। डबवाली को 2273.43 अंक मिले है। बीते वर्ष डबवाली की 65वीं रैंकिंग थी। 2019 में मंडी डबवाली का रैंक 737 था। रानियां का जोनल रैंकिंग में 74वां रैंक आया और यहां सराहनीय सुधार हुआ है। रानियां को 2972.18 स्कोर मिला है। वर्ष 2020 में रानियां की रैंकिंग 120वीं थी जबकि 2019 में 403 रैंक था। कालांवाली में इस बार 547वां रैंक आया है जबकि बीते वर्ष यहां की रैंकिंग 255 थी। कालांवाली को 1369.97 स्कोर मिला है। ऐलनाबाद को इस बार 146वीं रैंकिंग हासिल हुई है। इसे 1556.85 स्कोर मिला है। बीते वर्ष ऐलनाबाद की रैंकिंग 71वीं थी। 2019 में इसका स्थान 260वां था।
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आमजन फीडबैक को लेकर काम नहीं कर पाया नप प्रशासन
सिरसा नगर परिषद में स्वच्छता एप से 19066 लोगों ने राय रखी जबकि पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से 5657 लोगों ने व 1969 आइवीआर पोर्टल पर राय दी। रानियां में स्वच्छता एप पर 560 लोगों ने पोर्टल ओटीपी पर 186 लोगों ने राय दी जबकि आइवीआर पर कोई फीडबैक नहीं आया। डबवाली में स्वच्छता एप पर महज 28 लोगों ने तथा पोर्टल ओटीपी पर 313 लोगों ने फीडबैक दी। ऐलनाबाद में स्वच्छता एप पर 2055 ने व पोर्टल एप पर 3952 लोगों ने फीडबैक दी। दोनों ही जगह आइवीआर पर किसी ने भी फीडबैक नहीं दी। कालांवाली में स्वच्छता एप पर 6575 व पोर्टल ओटीपी पर 95 व आइवीआर पर एक व्यक्ति ने फीडबैक दिया। इसका मुख्य कारण ये रहा कि नगर परिषद प्रशासन आमजन को फीडबैक देने के लिए जागरुकता अभियान नहीं चला पाया। सिटीजन फीडबैक के 1800 अंक निर्धारित थे, लेकिन इसमें केवल 967.26 अंक ही हासिल कर पाए।
इन कारण पर करना होगा मंथन
- नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों का अभाव है
- शहर के निकलने वाले कूड़ा को अलग-अलग नहीं किया जा रहा।
- शहरी क्षेत्र में कूड़ा सड़कों पर बिखरा हुआ मिलता है।
- बाजारों की नियमित सफाई नहीं हो पाती।
- कचरे का निस्तारीकरण नियम अनुसार नहीं हो पा रहा।
-सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब है।
-डंपिंग प्वाइंट के बाहर भी कूड़ा बिखरा रहता है और बेसहारा पशु उसमें मुंह मारते हैं।
वर्ष अनुसार रैंकिंग
शहर, वर्ष, 2018, 2019, 2020,2021
सिरसा, 291, 270, 176, 238
मंडी डबवाली, 318, 737, 65, 51
ऐलनाबाद, 130, 260, 71, 146
कालांवाली, 272, 481, 255, 547
रानियां, 110, 403, 120, 74
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जहां-जहां भी कमियां रही है, उन्हें अब दूर किया जाएगा। रैंकिंग पर मंथन करेंगे और अधिकारियों की बैठक लेकर नये सिरे से योजना तैयार करेंगे ताकि भविष्य में रैंकिंग सुधारी जा सके।
-जयवीर यादव, प्रशासक, नगर परिषद, सिरसा।