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Sirsa News: पंचायती समस्याओं के समाधान के लिए आज मुख्यमंत्री से मिलेंगे सरपंच
Thu, 23 Jul 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:42 AM IST
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मीडिया से बातचीत करते सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जसकरण सिंह।
सरपंच बोले- ग्रांट के अभाव में रुके विकास कार्य, फंड, डीसी रेट व मानदेय बढ़ाने की मांग
फोटो 9
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिरसा जिले के सरपंच 23 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। वे सरकारी ग्रांट की कमी, निर्माण सामग्री के कम डीसी रेट और लंबित विकास कार्यों जैसी समस्याओं पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने सिरसा आ रहे हैं।
इससे पहले बुधवार को जिलेभर के सरपंचों की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख मांगें रखने का निर्णय लिया गया। सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग ने बताया कि पंचायतों के लिए निर्धारित डीसी रेट बाजार भाव से काफी कम हैं।
जसकरण ने कहा कि विकास कार्यों में इस्तेमाल सामग्री की वास्तविक लागत अधिक होने पर भी भुगतान डीसी रेट के अनुसार होता है जिससे सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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जसकरण ने उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कई बार संपर्क किया पर कोई समाधान नहीं निकला। सरकार की ओर से मिलने वाला वित्तीय अनुदान भी लंबे समय से जारी नहीं हुआ है।
लंबित मुद्दे और मांगें
फंड के अभाव में कई सरपंचों ने सामाजिक सहयोग और उधार पर सामग्री लेकर विकास कार्य पूरे करवाए हैं। अब संबंधित फर्म संचालक भुगतान के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। कंग ने सरपंचों के मानदेय को भी अपर्याप्त बताया। उन्होंने पंजाब सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी सरपंचों का मासिक मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाया जिसमें कई लाभार्थियों को केवल आधी राशि मिली है। शेष राशि जारी न होने से अनेक परिवारों के मकान अधूरे पड़े हैं।
प्रभावी विकास के लिए वित्तीय सहायता
एसोसिएशन के उपप्रधान प्रिंस बिश्नोई मौजगढ़ ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सरपंच जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण पद हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि सरपंचों को समय पर संसाधन और पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलेगी, तभी वे गांवों के विकास कार्य प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। बैठक में जिलेभर के सरपंच उपस्थित रहे।
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सिरसा। सिरसा जिले के सरपंच 23 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। वे सरकारी ग्रांट की कमी, निर्माण सामग्री के कम डीसी रेट और लंबित विकास कार्यों जैसी समस्याओं पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने सिरसा आ रहे हैं।
इससे पहले बुधवार को जिलेभर के सरपंचों की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख मांगें रखने का निर्णय लिया गया। सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग ने बताया कि पंचायतों के लिए निर्धारित डीसी रेट बाजार भाव से काफी कम हैं।
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जसकरण ने कहा कि विकास कार्यों में इस्तेमाल सामग्री की वास्तविक लागत अधिक होने पर भी भुगतान डीसी रेट के अनुसार होता है जिससे सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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जसकरण ने उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कई बार संपर्क किया पर कोई समाधान नहीं निकला। सरकार की ओर से मिलने वाला वित्तीय अनुदान भी लंबे समय से जारी नहीं हुआ है।
लंबित मुद्दे और मांगें
फंड के अभाव में कई सरपंचों ने सामाजिक सहयोग और उधार पर सामग्री लेकर विकास कार्य पूरे करवाए हैं। अब संबंधित फर्म संचालक भुगतान के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। कंग ने सरपंचों के मानदेय को भी अपर्याप्त बताया। उन्होंने पंजाब सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी सरपंचों का मासिक मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाया जिसमें कई लाभार्थियों को केवल आधी राशि मिली है। शेष राशि जारी न होने से अनेक परिवारों के मकान अधूरे पड़े हैं।
प्रभावी विकास के लिए वित्तीय सहायता
एसोसिएशन के उपप्रधान प्रिंस बिश्नोई मौजगढ़ ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सरपंच जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण पद हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि सरपंचों को समय पर संसाधन और पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलेगी, तभी वे गांवों के विकास कार्य प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। बैठक में जिलेभर के सरपंच उपस्थित रहे।