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Sirsa News: शीतकालीन अवकाश में बुजुर्गों से जीवन की बारीकियां सीखेंगे विद्यार्थी
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राजकीय प्राइमरी विद्यालय चत्तरगढ़पट्टी में मेगा पीटीएम में उपस्थित शिक्षक व विद्यार्थी । स्कू
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्कूलों में एक जनवरी से शीतकालीन अवकाश की शुरुआत हो रही है। इस बार शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए खास प्रकार का होमवर्क तैयार किया है, जो पारंपरिक लिखने और रटने के बजाय अनुभव आधारित पढ़ाई पर केंद्रित रहेगा। इसमें बच्चे बुजुर्गों से जीवन की बारीकियां सीखेंगे।
जिले के 523 प्राथमिक स्कूलों में मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इसमें बच्चों के माता-पिता की जिम्मेदारी तय की गई। बालवाटिका-3 से पांचवीं के बच्चों को इस बार परंपरागत शिक्षण लेखन से हटकर गृहकार्य दिया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी व बड़े सदस्य मेंटर की भूमिका निभाएंगे और वे अपने अनुभवों से नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान के साथ संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता, कौशल, व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे। यह सभी गतिविधियां जहां विद्यार्थी को पढ़ने-लिखने, गणना जैसे कौशल देगी, वहीं उन्हें आकलन, अनुमान लगाना, विश्लेषण, एकीकरण, प्रथक्करण, अवलोकन, प्रबंधन एवं प्रस्तुतीकरण सिखाएगी। गृहकार्य में किए बदलाव को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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अनुभव आधारित शिक्षा का उद्देश्य
विद्यार्थियों को पारिवारिक पृष्ठभूमि से जोड़ने और तकनीकी उपकरणों जैसे मोबाइल और टीवी से दूर रखने के लिए उन्हें घरेलू कार्यों में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल बच्चों के कौशल में वृद्धि करेगी, उनके सोचने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाएगी और उन्हें जीवनशैली से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
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पीटीएम में अभिभावकों को दी जानकारी
रविवार को स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई। इसमें शीतकालीन अवकाश के दौरान दिए जाने वाले गृहकार्य और शेड्यूल के बारे में अभिभावकों को बताया गया। इस दौरान बच्चों के लिए कई खेलकूद गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा, जिनमें मटका दौड़, नींबू दौड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकशी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने शीतकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के समग्र विकास के लिए अभिभावकों को कुछ अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसमें बताया कि टीवी का समय सीमित करें, शाम 8 बजे के बाद टीवी बंद रखें। बच्चों की स्कूल डायरी की समीक्षा करें और कमजोर विषयों पर ध्यान दें। बच्चों को समय पर उठने के लिए प्रेरित करें। सोने से पहले बच्चों को शिक्षाप्रद कहानियां सुनाएं। बच्चों को खाना बनाने, सफाई जैसे कामों में मदद के लिए शामिल करें।
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जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में मेगा पीटीएम हुई हैं। पीटीएम में अभिभावकों को बच्चों के गृहकार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। - डॉ. कपिल देव, कोआर्डिनेटर, एफएलएन।
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सिरसा। स्कूलों में एक जनवरी से शीतकालीन अवकाश की शुरुआत हो रही है। इस बार शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए खास प्रकार का होमवर्क तैयार किया है, जो पारंपरिक लिखने और रटने के बजाय अनुभव आधारित पढ़ाई पर केंद्रित रहेगा। इसमें बच्चे बुजुर्गों से जीवन की बारीकियां सीखेंगे।
जिले के 523 प्राथमिक स्कूलों में मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इसमें बच्चों के माता-पिता की जिम्मेदारी तय की गई। बालवाटिका-3 से पांचवीं के बच्चों को इस बार परंपरागत शिक्षण लेखन से हटकर गृहकार्य दिया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी व बड़े सदस्य मेंटर की भूमिका निभाएंगे और वे अपने अनुभवों से नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान के साथ संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता, कौशल, व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे। यह सभी गतिविधियां जहां विद्यार्थी को पढ़ने-लिखने, गणना जैसे कौशल देगी, वहीं उन्हें आकलन, अनुमान लगाना, विश्लेषण, एकीकरण, प्रथक्करण, अवलोकन, प्रबंधन एवं प्रस्तुतीकरण सिखाएगी। गृहकार्य में किए बदलाव को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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अनुभव आधारित शिक्षा का उद्देश्य
विद्यार्थियों को पारिवारिक पृष्ठभूमि से जोड़ने और तकनीकी उपकरणों जैसे मोबाइल और टीवी से दूर रखने के लिए उन्हें घरेलू कार्यों में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल बच्चों के कौशल में वृद्धि करेगी, उनके सोचने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाएगी और उन्हें जीवनशैली से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
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पीटीएम में अभिभावकों को दी जानकारी
रविवार को स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई। इसमें शीतकालीन अवकाश के दौरान दिए जाने वाले गृहकार्य और शेड्यूल के बारे में अभिभावकों को बताया गया। इस दौरान बच्चों के लिए कई खेलकूद गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा, जिनमें मटका दौड़, नींबू दौड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकशी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने शीतकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के समग्र विकास के लिए अभिभावकों को कुछ अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसमें बताया कि टीवी का समय सीमित करें, शाम 8 बजे के बाद टीवी बंद रखें। बच्चों की स्कूल डायरी की समीक्षा करें और कमजोर विषयों पर ध्यान दें। बच्चों को समय पर उठने के लिए प्रेरित करें। सोने से पहले बच्चों को शिक्षाप्रद कहानियां सुनाएं। बच्चों को खाना बनाने, सफाई जैसे कामों में मदद के लिए शामिल करें।
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जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में मेगा पीटीएम हुई हैं। पीटीएम में अभिभावकों को बच्चों के गृहकार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। - डॉ. कपिल देव, कोआर्डिनेटर, एफएलएन।