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सीडीएलयू पेपर लीक मामले में छात्रों के बयान, 20 रुपये में खरीदे थे पेपर
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सीडीएलयू की फाइल फोटो।
- फोटो : Sirsa
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की यूजी की परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार एसआईटी ने बीते दिन शुक्रवार को फतेहाबाद के एमएम कॉलेज के तीन छात्रों को जांच में शामिल करने के लिए हुडा चौकी में बुलाया और उनके बयान दर्ज किए। बयान दर्ज करवाने के बाद छात्रों ने सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में पहुंचे। लेकिन परीक्षा नियंत्रक से उनकी मुलाकात नहीं हुई।
सीडीएलयू के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को एमएम कॉलेज के तीन छात्रों को जांच के लिए बुलाया। तीन छात्रों ने एसआईटी को दर्ज करवाने अपने बयान में बताया कि 17 दिसंबर को जब परीक्षा शुरू हुई तो सुबह वे कॉलेज के गेट पर पहुंचे तो वहां पर दो अनजान युवक प्रिंट हुए पेपर बांट रहे थे। हमसे पूछा कि तुम्हारा भी पेपर है, पैसे दो पेपर देते हैं। छात्रों ने बताया कि उनके एक साथी का बीएससी तृतीय सेमेस्टर केमिस्ट्री का ही पेपर था, हमने 20 रुपये में पेपर ले लिया। इसके बाद हम पेपर लेकर सुपरिंटेंडेंट के पास पहुंचे। सुपरिंटेंडेंट को पूरी बात की जानकारी दी और कहा कि छात्रों के कैरियर के साथ खिलवाड़ हो रहा है। तब सुपरिंटेंडेंट ने उन्हें सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह का नंबर उपलब्ध करवाया। हमने परीक्षा नियंत्रक को फोन करके जानकारी दी और उन्हें वाट्सअप पर पेपर भेजा। परीक्षा नियंत्रक ने जांच के बाद पेपर लीक होने की सूचना दी और पेपर रद्द करने की घोषणा की।
जांच में फतेहाबाद के मुख्यतार सिंह कॉलेज के प्रश्न पत्र के बंडल की टूटी हुई मिली थी सील
सीडीएलयू के अधीन कॉलेजों में 16 दिसंबर को बीकॉम द्वितीय वर्ष के इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस के पेपर दोपहर दो बजे होना था। लेकिन यह पेपर वाट्सअप पर लीक हो गया था। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह को इस बात की सूचना मिली तो उन्होंने पेपर रद्द कर दिया और सभी परीक्षा केंद्रों को बंडल न खोलने के निर्देश दिए। इसके अगले दिन ही 17 दिसंबर को बीएससी तृतीय सेमेस्टर का केमिस्ट्री का पेपर भी लीक हो गया। छात्रों ने यह पेपर भी परीक्षा नियंत्रक को वाट्सअप पर भेज दिया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह ने परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा नियंत्रक के आग्रह पर वीसी ने जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी ने सभी 29 परीक्षा केंद्रों से इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस के प्रश्न पत्रों के बंडल मंगवाए। कमेटी ने फतेहाबाद के बहबलपुर स्थित मुख्यतार सिंह पीजी कॉलेज के केमिस्ट्री के प्रश्न पत्रों के बंडलों की सील टेंपरिंग की हुई पाई। शुरूआती जांच में पता चला कि इसी कॉलेज से ही इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस का पेपर लीक होने की रिपोर्ट दी। साथ ही एफआईआर करवाने की अनुशंसा की। सीडीएलयू ने एसपी सिरसा को पत्र लिखकर इस मामले की पुलिस जांच का अनुरोध किया। एसपी ने एसआईटी से इसकी जांच के निर्देश दिए। डीएसपी आर्यन चौधरी के नेतृत्व में एसआईटी इसकी जांच कर रही है।
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जांच चल रही है। अभी इस संबंध पर ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।
आर्यन चौधरी, डीएसपी सिरसा।
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सीडीएलयू के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को एमएम कॉलेज के तीन छात्रों को जांच के लिए बुलाया। तीन छात्रों ने एसआईटी को दर्ज करवाने अपने बयान में बताया कि 17 दिसंबर को जब परीक्षा शुरू हुई तो सुबह वे कॉलेज के गेट पर पहुंचे तो वहां पर दो अनजान युवक प्रिंट हुए पेपर बांट रहे थे। हमसे पूछा कि तुम्हारा भी पेपर है, पैसे दो पेपर देते हैं। छात्रों ने बताया कि उनके एक साथी का बीएससी तृतीय सेमेस्टर केमिस्ट्री का ही पेपर था, हमने 20 रुपये में पेपर ले लिया। इसके बाद हम पेपर लेकर सुपरिंटेंडेंट के पास पहुंचे। सुपरिंटेंडेंट को पूरी बात की जानकारी दी और कहा कि छात्रों के कैरियर के साथ खिलवाड़ हो रहा है। तब सुपरिंटेंडेंट ने उन्हें सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह का नंबर उपलब्ध करवाया। हमने परीक्षा नियंत्रक को फोन करके जानकारी दी और उन्हें वाट्सअप पर पेपर भेजा। परीक्षा नियंत्रक ने जांच के बाद पेपर लीक होने की सूचना दी और पेपर रद्द करने की घोषणा की।
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जांच में फतेहाबाद के मुख्यतार सिंह कॉलेज के प्रश्न पत्र के बंडल की टूटी हुई मिली थी सील
सीडीएलयू के अधीन कॉलेजों में 16 दिसंबर को बीकॉम द्वितीय वर्ष के इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस के पेपर दोपहर दो बजे होना था। लेकिन यह पेपर वाट्सअप पर लीक हो गया था। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह को इस बात की सूचना मिली तो उन्होंने पेपर रद्द कर दिया और सभी परीक्षा केंद्रों को बंडल न खोलने के निर्देश दिए। इसके अगले दिन ही 17 दिसंबर को बीएससी तृतीय सेमेस्टर का केमिस्ट्री का पेपर भी लीक हो गया। छात्रों ने यह पेपर भी परीक्षा नियंत्रक को वाट्सअप पर भेज दिया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह ने परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा नियंत्रक के आग्रह पर वीसी ने जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी ने सभी 29 परीक्षा केंद्रों से इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस के प्रश्न पत्रों के बंडल मंगवाए। कमेटी ने फतेहाबाद के बहबलपुर स्थित मुख्यतार सिंह पीजी कॉलेज के केमिस्ट्री के प्रश्न पत्रों के बंडलों की सील टेंपरिंग की हुई पाई। शुरूआती जांच में पता चला कि इसी कॉलेज से ही इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस का पेपर लीक होने की रिपोर्ट दी। साथ ही एफआईआर करवाने की अनुशंसा की। सीडीएलयू ने एसपी सिरसा को पत्र लिखकर इस मामले की पुलिस जांच का अनुरोध किया। एसपी ने एसआईटी से इसकी जांच के निर्देश दिए। डीएसपी आर्यन चौधरी के नेतृत्व में एसआईटी इसकी जांच कर रही है।
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जांच चल रही है। अभी इस संबंध पर ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।
आर्यन चौधरी, डीएसपी सिरसा।