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Sirsa News: मच्छरों से निजात दिलाएगी छात्र मोहित की मॉस्किटो आर्गेनिक कॉइल
Tue, 19 Dec 2023 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 19 Dec 2023 10:26 PM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूचान से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी मोहित व उसकी गाइड को सम्मानि
सिरसा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूचान के आठवीं कक्षा के छात्र मोहित ने मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल बनाई है। दरअसल, बाजार में उपलब्ध अन्य कॉइल फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए उसने ऑर्गेनिक कॉइल का आविष्कार किया है। मोहित के इस आइडिया ने उसे राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में पहुंचा दिया है। जिले से एकमात्र मोहित का मॉडल राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया जाएगा।
मोहित ने मच्छरों को भगाने के लिए कॉइल बनाई है, जो घरेलू पदार्थों से तैयार की गई है। यह बाजार में उपलब्ध कॉइल से ज्यादा सुरक्षित व कम लागत में तैयार की गई है। इस कॉइल में गोबर, कपूर, नीम की पत्तियों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं खुशबू के लिए गुलाब की पत्तियों का भी इस्तेमाल किया है। इसे मोहित ने ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल का नाम दिया है। उसका मार्गदर्शन रसायन विज्ञान की प्रवक्ता पुष्पा रानी ने किया। विद्यार्थी मोहित ने बताया कि उसका यह माॅडल चार महीने में बनकर तैयार हुआ है।
शहर में बढ़ रही डेंगू की संख्या को देखकर आया आइडिया
शहर में दिनों दिन दिन डेंगू व मलेरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। यह दोनों मच्छर जनित बीमारियां है। मच्छरों को मारने के लिए घरों में बाजार की बनी विभिन्न कंपनियों की कॉइल का इस्तेमाल होता है। इन बाजार से बनी कॉइल के पीछे लिखा होता है कि इनमें जहर का इस्तेमाल किया जाता है। जो फेफड़ों के लिए हानिकारक है। वहीं बच्चों व बुजुर्गों के लिए ये जानलेवा भी साबित हो सकती है। इन्हीं सब को देखकर विद्यार्थी के मन में आर्गेनिक कॉइल बनाने का ख्याल मन में आया। उसके बाद उसने अपनी शिक्षिका को आइडिया के बारे में बताया। वहीं इंटरनेट की सहायता से भी खूब जानकारी हासिल की।
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प्रदेशभर से 16 टीमों का हुआ चयन
राज्य स्तरीय 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 16 व 17 दिसंबर को शेखपुरा खालसा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करनाल में हुआ। इसमें हरियाणा के सभी जिलों से जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए। हरियाणा भर से 16 टीमों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ। अब इन 16 विद्यार्थियों को उनके गाइड के साथ राष्ट्र स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। हालांकि अभी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए जगह का व समय निर्धारित नहीं हुई है। उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति इन विद्यार्थियों को सम्मानित करें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूचान के विद्यार्थी मोहित का मॉडल राष्ट्र स्तर के लिए चयनित हुआ है। विद्यार्थी ने ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल का निर्माण किया है। जिसे इस्तेमाल करने से मच्छरों से छुटकारा मिलेगा।-- - डॉ. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सिरसा।
विद्यार्थी ने इस मॉडल को बनाने में 4 महीने लगाए हैं। सितंबर को विद्यार्थी ने मॉडल को बनाना शुरू किया था। बार -बार मेहनत करने के बाद इस मुकाम तक पहुंचें हैं। इसको स्वयं भी इस्तेमाल करके देखा है। यह 100 फीसदी लाभकारी है। --- पुष्पा रानी, गाइड व प्रवक्ता रसायन विज्ञान।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूचान के आठवीं कक्षा के छात्र मोहित ने मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल बनाई है। दरअसल, बाजार में उपलब्ध अन्य कॉइल फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए उसने ऑर्गेनिक कॉइल का आविष्कार किया है। मोहित के इस आइडिया ने उसे राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में पहुंचा दिया है। जिले से एकमात्र मोहित का मॉडल राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया जाएगा।
मोहित ने मच्छरों को भगाने के लिए कॉइल बनाई है, जो घरेलू पदार्थों से तैयार की गई है। यह बाजार में उपलब्ध कॉइल से ज्यादा सुरक्षित व कम लागत में तैयार की गई है। इस कॉइल में गोबर, कपूर, नीम की पत्तियों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं खुशबू के लिए गुलाब की पत्तियों का भी इस्तेमाल किया है। इसे मोहित ने ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल का नाम दिया है। उसका मार्गदर्शन रसायन विज्ञान की प्रवक्ता पुष्पा रानी ने किया। विद्यार्थी मोहित ने बताया कि उसका यह माॅडल चार महीने में बनकर तैयार हुआ है।
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शहर में बढ़ रही डेंगू की संख्या को देखकर आया आइडिया
शहर में दिनों दिन दिन डेंगू व मलेरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। यह दोनों मच्छर जनित बीमारियां है। मच्छरों को मारने के लिए घरों में बाजार की बनी विभिन्न कंपनियों की कॉइल का इस्तेमाल होता है। इन बाजार से बनी कॉइल के पीछे लिखा होता है कि इनमें जहर का इस्तेमाल किया जाता है। जो फेफड़ों के लिए हानिकारक है। वहीं बच्चों व बुजुर्गों के लिए ये जानलेवा भी साबित हो सकती है। इन्हीं सब को देखकर विद्यार्थी के मन में आर्गेनिक कॉइल बनाने का ख्याल मन में आया। उसके बाद उसने अपनी शिक्षिका को आइडिया के बारे में बताया। वहीं इंटरनेट की सहायता से भी खूब जानकारी हासिल की।
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प्रदेशभर से 16 टीमों का हुआ चयन
राज्य स्तरीय 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 16 व 17 दिसंबर को शेखपुरा खालसा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करनाल में हुआ। इसमें हरियाणा के सभी जिलों से जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए। हरियाणा भर से 16 टीमों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ। अब इन 16 विद्यार्थियों को उनके गाइड के साथ राष्ट्र स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। हालांकि अभी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए जगह का व समय निर्धारित नहीं हुई है। उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति इन विद्यार्थियों को सम्मानित करें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूचान के विद्यार्थी मोहित का मॉडल राष्ट्र स्तर के लिए चयनित हुआ है। विद्यार्थी ने ऑर्गेनिक मॉस्किटो कॉइल का निर्माण किया है। जिसे इस्तेमाल करने से मच्छरों से छुटकारा मिलेगा।
विद्यार्थी ने इस मॉडल को बनाने में 4 महीने लगाए हैं। सितंबर को विद्यार्थी ने मॉडल को बनाना शुरू किया था। बार -बार मेहनत करने के बाद इस मुकाम तक पहुंचें हैं। इसको स्वयं भी इस्तेमाल करके देखा है। यह 100 फीसदी लाभकारी है। -