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Sirsa News: हवा में घुला पराली का धुआं, आंखों में जलन, सांस पर संकट
Mon, 21 Oct 2024 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:51 AM IST
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सिरसा शहर के बाहरी क्षेत्र में रविवार को वातावरण में छाई धुंए की परत। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार के मुकाबले रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। जिले का एक्यूआई 214 दर्ज किया गया। यानी शहर की हवा खराब है। इसका असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। इससे आंखों में जलन होने लगी है। विशेषज्ञों की माने प्रदूषण का बढ़ता स्तर दमा मरीजों, बजुर्गों और बच्चों के लिए हानिकारक है। सिरसा में रविवार को आसमान में धुएं की एक परत देखने को मिली। सुबह 11 बजे तक यह परत छंट पाई।
पिछले कुल वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो नवंबर में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। ऐसे में आगामी दिन विभाग और प्रशासन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। पिछले वर्ष 4 नवंबर 2023 को एक्यूआई 439 के आंकड़े तक पहुंच गया था। इस कारण प्रशासन ने लोगों को सुबह व शाम की सैर न करने की एडवाइजरी जारी कर दी थी। अस्पतालों में आंखों व सांस के मरीजों की संख्या कई गुणा बढ़ गई थी।
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बॉक्स
शहर की तीन जगहों से एक्यूआई का आंकड़ा
स्थान-- एफ ब्लॉक सेक्टर
स्तर - खराब
एक्यूआई - 214
पीएम 2.5 - 135
पीएम 10 - 291
आद्रता - 34 प्रतिशत
-- -
स्थान - हुडा सेक्टर
स्तर - खराब
एक्यूआई - 178
पीएम 2.5 - 107
पीएम 10 - 222
आद्रता - 34 प्रतिशत
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स्थान : रोड़ी बाजार
स्तर - खराब
एक्यूआई - 180
पीएम 2.5 - 111
पीएम 10 - 235
आद्रता - 34 प्रतिशत
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बॉक्स
यह जानना जरूरी
पीएम 10 व पीएम 2.5 वह कण होते हैं। जिनकी मात्रा वातारण में बढ़ने से सांस की दिक्कत पैदा होती है। यह कण सांस के जरिये सीधे फेंफड़ों पर असर डालते हैं। इस कारण सांस लेने में तकलीफ होती है।
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बॉक्स
प्रदूषण के मुख्य कारक
1 पराली जलाना
2 कूड़ा जलाना
3 गांवों में खेतों की सफाई उपरांत कचरा जलाया जाना
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कोट्स
मौसम में फैल रही स्मॉग के कारण आखों में जलन होना, पानी आना, आखों का लाल हो जाना आदि समस्याएं आनी शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में आंखाें में जलन समस्या बढ़ेगी। इससे बचने के लिए जब भी आप घर से कहीं बाहर निकलें तो आखों पर चश्मा लगाएं। बाइक पर आप हेलमेट लगाएं उससे आखों का बचाव होगा। आखों में जलन होने पर ठंडे पानी से आखों को धोये, ज्यादा समस्या होने पर अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। - डाॅ. महीप बंसल , नेत्ररोग विशेषज्ञ, सिरसा।
मौसम में फैल रहे धुएं कारण सांस के मरीजों को परेशानी ज्यादा होती है। कुछ लोगों को स्कीन एलर्जी भी होती है। प्रदूषण के समय में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जब भी बाहर निकले, तो मुंह पर कपड़ा लगा कर निकलें। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. दिपेश तलवाड़, सिरसा।
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सिरसा। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार के मुकाबले रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। जिले का एक्यूआई 214 दर्ज किया गया। यानी शहर की हवा खराब है। इसका असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। इससे आंखों में जलन होने लगी है। विशेषज्ञों की माने प्रदूषण का बढ़ता स्तर दमा मरीजों, बजुर्गों और बच्चों के लिए हानिकारक है। सिरसा में रविवार को आसमान में धुएं की एक परत देखने को मिली। सुबह 11 बजे तक यह परत छंट पाई।
पिछले कुल वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो नवंबर में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। ऐसे में आगामी दिन विभाग और प्रशासन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। पिछले वर्ष 4 नवंबर 2023 को एक्यूआई 439 के आंकड़े तक पहुंच गया था। इस कारण प्रशासन ने लोगों को सुबह व शाम की सैर न करने की एडवाइजरी जारी कर दी थी। अस्पतालों में आंखों व सांस के मरीजों की संख्या कई गुणा बढ़ गई थी।
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शहर की तीन जगहों से एक्यूआई का आंकड़ा
स्थान
स्तर - खराब
एक्यूआई - 214
पीएम 2.5 - 135
पीएम 10 - 291
आद्रता - 34 प्रतिशत
स्थान - हुडा सेक्टर
स्तर - खराब
एक्यूआई - 178
पीएम 2.5 - 107
पीएम 10 - 222
आद्रता - 34 प्रतिशत
स्थान : रोड़ी बाजार
स्तर - खराब
एक्यूआई - 180
पीएम 2.5 - 111
पीएम 10 - 235
आद्रता - 34 प्रतिशत
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यह जानना जरूरी
पीएम 10 व पीएम 2.5 वह कण होते हैं। जिनकी मात्रा वातारण में बढ़ने से सांस की दिक्कत पैदा होती है। यह कण सांस के जरिये सीधे फेंफड़ों पर असर डालते हैं। इस कारण सांस लेने में तकलीफ होती है।
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प्रदूषण के मुख्य कारक
1 पराली जलाना
2 कूड़ा जलाना
3 गांवों में खेतों की सफाई उपरांत कचरा जलाया जाना
कोट्स
मौसम में फैल रही स्मॉग के कारण आखों में जलन होना, पानी आना, आखों का लाल हो जाना आदि समस्याएं आनी शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में आंखाें में जलन समस्या बढ़ेगी। इससे बचने के लिए जब भी आप घर से कहीं बाहर निकलें तो आखों पर चश्मा लगाएं। बाइक पर आप हेलमेट लगाएं उससे आखों का बचाव होगा। आखों में जलन होने पर ठंडे पानी से आखों को धोये, ज्यादा समस्या होने पर अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। - डाॅ. महीप बंसल , नेत्ररोग विशेषज्ञ, सिरसा।
मौसम में फैल रहे धुएं कारण सांस के मरीजों को परेशानी ज्यादा होती है। कुछ लोगों को स्कीन एलर्जी भी होती है। प्रदूषण के समय में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जब भी बाहर निकले, तो मुंह पर कपड़ा लगा कर निकलें। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. दिपेश तलवाड़, सिरसा।