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Sirsa News: राज्य प्रदूषण बोर्ड ने नगर परिषद पर लगाया 12 लाख का जुर्माना

Thu, 07 May 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 07 May 2026 11:24 PM IST
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state pollution board fined on nagar parishd
 बकरियांवाली कचरा प्लांट पर लगा कचरे का ढे़र। फाइल फोटो।
प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में बकरियांवाली प्लांट में पैदा हो रहा लीचेट जैसा हानिकारक तरल पदार्थ
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21 अप्रैल को उपायुक्त की गठित कमेटी ने किया था निरीक्षण, बनाई थी रिपोर्ट
60 लाख रुपये का जुर्माना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर अब तक लग चुका है
फोटो ---

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कचरा प्रबंधन के नाम पर लोगों व दुकानदारों पर जुर्माना लगाने वाले नगर परिषद प्रशासन पर हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड ने बड़े स्तर पर जुर्माना लगाया है। प्रति माह एक लाख रुपये के हिसाब से 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बकरियांवाली प्लांट में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के तहत प्रबंधन नहीं करने पर एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार यह जुर्माना लगाया गया है। हरियाणा प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो 60 लाख रुपये का जुर्माना इससे पूर्व भी लगाया जा चुका है।

हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड की यह कार्रवाई मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए की गई है। हाल ही में दो बार किए गए निरीक्षण में सामने आया है कि कचरा प्रबंधन को लेकर आधुनिक विधियों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। इससे लीचेट जैसा हानिकारक तरल पैदा हो रहा है। यह मानव स्वास्थ्य, भूमि और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
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इसको लेकर कोई गंभीरता नगर परिषद प्रशासन नहीं दिखा रहा है। इतना ही नहीं, सालों से काम करने वाले कर्मचारी महज कागजी खानापूर्ति करने के साथ मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों को गुमराह करने पर जुटे हुए हैं।
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यही कारण है कि इस बार प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने इस मामले को सख्ती से निपटने का निर्णय किया है। नगर परिषद की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 की पूरी तरह से पालना नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, हर तीन माह में भेजी जाने वाली रिपोर्ट में बड़े स्तर पर फेरबदल कर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था देखने वाले अधिकारी भेजते हैं।
इसमें निस्तारण के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। प्रदूषण बोर्ड की पिछले चार साल की कार्रवाई को देखा जाए तो कचरा प्रबंधन को लेकर नगर परिषद कितना गंभीर है। इसका खुलासा हो जाता है।
60 लाख रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए लगाया गया है जुर्माना
अधिकारियों के अनुसार, नगर परिषद पर बकरियांवाली स्थित कूड़ा निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत कार्रवाई की गई है। पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए यह जुर्माना लगाया गया है। यह पर्यावरण क्षतिपूर्ति अवधि 1.04.2025 से 31.03.2026 तक की गैर-अनुपालना के लिए लगाई गई है। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के आदेशानुसार पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर नगर परिषद सिरसा पर 60 लाख की पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई जा चुकी है।
दो बार के निरीक्षण में वैज्ञानिक प्रबंधन सहित अन्य खामियां मिलीं
एचएसपीएसीबी के अधिकारियों ने बताया कि 26 फरवरी और 21 अप्रैल को विभाग के अधिकारियों ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान साइट पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर बड़े स्तर खामियां देखने को मिलीं। इस दौरान सामने आया कि कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन, लीचेट प्रबंधन, कचरा निस्तारण न होने से लेकर सुरक्षा उपकरण आदि की बड़े स्तर पर कमी पाई गई।
लीचेट जैसा तरल पदार्थ बनता है जो भूमि और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
अधिकारियों के अनुसार, लीचेट प्रबंधन को लेकर कोई आधुनिक विधि का प्रयोग नहीं किया गया है। सही मायने में कचरे से बनने वाला लीचेट एक ऐसा तरल पदार्थ है जो अपशिष्ट पदार्थों से पानी के गुजरने और उनमें घुले या निलंबित प्रदूषकों को सोख लेने से बनता है। मुख्य रूप से यह लैंडफिल में अपशिष्ट पदार्थों से बारिश के पानी या अन्य तरल पदार्थों के रिसने से पैदा होता है। इसमें कई तरह के हानिकारक रसायन, प्रदूषक और विषाक्त पदार्थ होते हैं। लीचेट में भारी धातुओं, कार्बनिक यौगिकों और रोगजनकों सहित कई प्रकार के पदार्थ होते हैं। इससे यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए संभावित रूप से खतरनाक हो जाता है।

कोट्स
नगर परिषद के बकरियांवाली डंप साइट पर कचरा निस्तारण प्रक्रिया पर विभाग नियमित रूप से निगरानी एवं निरीक्षण कर रहा है। जब तक साइट पर सभी कमियों की पूर्ण पालना सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार जुर्माना लगाने की प्रक्रिया निरंतर जारी हरेगी।
-ईश्वर प्रकार रावत, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड।
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