{"_id":"68c5b40f0e52ecb5ab057c0f","slug":"speedy-hearing-in-national-lok-adalat-31-thousand-341-cases-settled-in-one-day-sirsa-news-c-128-1-svns1027-144198-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: राष्ट्रीय लोक अदालत में तेजी से हुई सुनवाई, एक दिन में निपटाए 31 हजार 341 केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: राष्ट्रीय लोक अदालत में तेजी से हुई सुनवाई, एक दिन में निपटाए 31 हजार 341 केस
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों की सुनवाई करते न्यायाधीश।
सिरसा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को न्यायालय परिसर सिरसा, ऐलनाबाद व डबवाली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में 44 हजार 229 केसों में से 31 हजार 341 केसों का निपटारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन एवं सत्र न्यायाधीश पुनिश जिंदिया ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पीड़ितों को 10 करोड़ 93 लाख 15 हजार 128 रुपये क्लेम राशि दी गई है। लोक अदालत में चेक बाउंस, बैक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना,घरेलू विवाद, बिजली व पानी से संबंधित विवाद, दिवानी विवाद से जुड़े मामले शामिल थे।
छह बेंचों का किया गया था गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत में छह बेंचों का गठन किया गया था। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट सुमित गर्ग, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवजीत क्लेयर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमित, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी हरलीन पाल सिंह व उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी डबवाली प्रतीक सिंह धोनचक ने केसों का निपटारा किया।
विज्ञापन
लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त : प्रवेश सिंगला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त है,क्योकि इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत के माध्यम से समझौता करवाया जाता है। इससे उनका आपसी मनमुटाव समाप्त हो जाता है। लोक अदालत की खास बात ये है कि इसमें फैसला होने के बाद फैसले को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। लोक अदालत की प्रक्रिया बिलकुल संक्षिप्त व साधारण है।
विज्ञापन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन एवं सत्र न्यायाधीश पुनिश जिंदिया ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पीड़ितों को 10 करोड़ 93 लाख 15 हजार 128 रुपये क्लेम राशि दी गई है। लोक अदालत में चेक बाउंस, बैक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना,घरेलू विवाद, बिजली व पानी से संबंधित विवाद, दिवानी विवाद से जुड़े मामले शामिल थे।
विज्ञापन
छह बेंचों का किया गया था गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत में छह बेंचों का गठन किया गया था। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट सुमित गर्ग, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवजीत क्लेयर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमित, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी हरलीन पाल सिंह व उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी डबवाली प्रतीक सिंह धोनचक ने केसों का निपटारा किया।
विज्ञापन
लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त : प्रवेश सिंगला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त है,क्योकि इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत के माध्यम से समझौता करवाया जाता है। इससे उनका आपसी मनमुटाव समाप्त हो जाता है। लोक अदालत की खास बात ये है कि इसमें फैसला होने के बाद फैसले को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। लोक अदालत की प्रक्रिया बिलकुल संक्षिप्त व साधारण है।