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नशे पर सख्ती : पुलिस अधीक्षक ने बनाई डी-एडिक्शन टीम
Sat, 18 Jul 2026 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:34 PM IST
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युद्ध नशे के विरुद्ध
टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक करना और नशे की रोकथाम करना है
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार के नशा मुक्त हरियाणा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सिरसा पुलिस ने पहल की है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ पांच सदस्यीय डी-एडिक्शन टीम बनाई है। टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक करना और नशे की रोकथाम करना है।
टीम के सदस्य स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कोचिंग सेंटर का नियमित दौरा करेंगे। वे विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान बताएंगे। मादक पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी।
शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, कार्यशालाएं, जागरूकता रैलियां और काउंसिलिंग सत्र आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके
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पहचान और कार्रवाई
टीम नशे से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान करेगी। उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग, मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की मदद से परामर्श व उपचार मिलेगा। नशा उपलब्ध कराने वालों की सूचना पर गोपनीय सत्यापन होगा और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशा बेचने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलेगा। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने सभी संबंधित अधिकारियों को टीम को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
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टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक करना और नशे की रोकथाम करना है
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार के नशा मुक्त हरियाणा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सिरसा पुलिस ने पहल की है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ पांच सदस्यीय डी-एडिक्शन टीम बनाई है। टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक करना और नशे की रोकथाम करना है।
टीम के सदस्य स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कोचिंग सेंटर का नियमित दौरा करेंगे। वे विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान बताएंगे। मादक पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी।
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शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, कार्यशालाएं, जागरूकता रैलियां और काउंसिलिंग सत्र आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके
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पहचान और कार्रवाई
टीम नशे से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान करेगी। उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग, मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की मदद से परामर्श व उपचार मिलेगा। नशा उपलब्ध कराने वालों की सूचना पर गोपनीय सत्यापन होगा और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशा बेचने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलेगा। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने सभी संबंधित अधिकारियों को टीम को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।