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एसआईटी ने डेरा प्रबंधन जांच में पेश होने का दिया नोटिस
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पंजाब के मौड मंडी ब्लॉस्ट मामले में पंजाब पुलिस की एसआईटी टीम बुधवार को डेरा सच्चा सौदा पहुंची। टीम ने सदर थाने में अपनी एंट्री दर्ज करवाई। करीब दो बजे सिरसा सदर पुलिस के साथ एसआईटी डेरे में पहुंची। टीम ने डेरे के वाइस चेयरमैन पीआर नैन से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक एसआईटी की टीम डेरे में रही।
टीम ने पीआर नैन को बठिंडा में आईजी के समक्ष जांच में पेश होने के लिए नोटिस दिया। इसके बाद टीम वापस बठिंडा रवाना हो गई। बता दें कि इससे पहले पंजाब पुलिस की एसआईटी 21 जनवरी 2020 को सिरसा में आई थी। तब डेरे की प्रबंधन कमेटी के वाइस चेयरपर्सन पीआर नैन को नोटिस देकर बठिंडा में एसआईटी के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। उस समय डेरे की ओर से उनका वकील पेश हुआ था। टीम ने उस समय डेरे से वर्कशॉप से संबंधित रिकॉर्ड, इंचार्ज और कर्मचारियों का लेखा जोखा मांगा था। बता दें कि पंजाब विधानसभा चुनाव में बठिंडा के मौड मंडी में कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी की रैली में बम ब्लास्ट हुआ था। यह बम एक कार में बलास्ट हुआ था, इसमें सात लोगों की मौत हुई थी। इस कार को डेरे के वर्कशॉप में तैयार किया गया था। साथ ही इसमें सिरसा की एक बैटरी की दुकान से बैटरी भी खरीदी गई थी।
इस मामले में पंजाब पुलिस ने डेरे की वर्कशॉप के इंचार्ज गुरतेज सिंह, अवतार सिंह, अमरीक सिंह को वांटेड घोषित किया है। 21 जनवरी को तीनों आरोपियों को नाम जमीन, वोटर कार्ड व अन्य भूमि का रिकार्ड जांचने के लिए एसआईटी सिरसा आई थी और कई सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्ड खंगाला था। एक आरोपी अमरीक सिंह के नाम पर खाजाखेड़ा में जमीन मिली थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सिरसा के पांच गवाहों को सुरक्षा देने के लिए भी बठिंडा एसएसपी ने सिरसा एसपी को पत्र लिखा था।
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टीम ने पीआर नैन को बठिंडा में आईजी के समक्ष जांच में पेश होने के लिए नोटिस दिया। इसके बाद टीम वापस बठिंडा रवाना हो गई। बता दें कि इससे पहले पंजाब पुलिस की एसआईटी 21 जनवरी 2020 को सिरसा में आई थी। तब डेरे की प्रबंधन कमेटी के वाइस चेयरपर्सन पीआर नैन को नोटिस देकर बठिंडा में एसआईटी के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। उस समय डेरे की ओर से उनका वकील पेश हुआ था। टीम ने उस समय डेरे से वर्कशॉप से संबंधित रिकॉर्ड, इंचार्ज और कर्मचारियों का लेखा जोखा मांगा था। बता दें कि पंजाब विधानसभा चुनाव में बठिंडा के मौड मंडी में कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी की रैली में बम ब्लास्ट हुआ था। यह बम एक कार में बलास्ट हुआ था, इसमें सात लोगों की मौत हुई थी। इस कार को डेरे के वर्कशॉप में तैयार किया गया था। साथ ही इसमें सिरसा की एक बैटरी की दुकान से बैटरी भी खरीदी गई थी।
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इस मामले में पंजाब पुलिस ने डेरे की वर्कशॉप के इंचार्ज गुरतेज सिंह, अवतार सिंह, अमरीक सिंह को वांटेड घोषित किया है। 21 जनवरी को तीनों आरोपियों को नाम जमीन, वोटर कार्ड व अन्य भूमि का रिकार्ड जांचने के लिए एसआईटी सिरसा आई थी और कई सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्ड खंगाला था। एक आरोपी अमरीक सिंह के नाम पर खाजाखेड़ा में जमीन मिली थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सिरसा के पांच गवाहों को सुरक्षा देने के लिए भी बठिंडा एसएसपी ने सिरसा एसपी को पत्र लिखा था।
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