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शहरियों को 20 लीटर प्रति व्यक्ति मिलेगा ज्यादा पानी, होगी मॉनीटरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:59 AM IST
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एक अप्रैल से शहरी क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 155 लीटर पानी मिलना शुरू हो गया है। पहले यह प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी मिलता था। गर्मी से पहले सरकार ने यह सुविधा दी ताकि लोगों को पानी की किल्लत न हो। इतना ही नहीं जन स्वास्थ्य विभाग व्यर्थ पानी बहाने वालों पर भी नजर रखेगा और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। विभाग ने व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। अगर कहीं कोई व्यक्ति व्यर्थ पानी बहाता नजर आए तो उसकी फोटो या वीडियो व्हाट्सएप कर सकते हैं। इसके जरिए लोग सीवरेज तथा पेयजल संबंधी समस्या के हल के लिए शिकायत भी भेज सकते हैं।
जन स्वास्थ्य विभाग प्रति व्यक्ति आपूर्ति किए जाने वाले पेयजल को 25 फीसदी वेस्ट मानता है। इसके अनुसार ही बिल जारी करता है। लेकिन लोग अंधाधुंध तरीके से पेयजल को अपने वाहनों के साथ-साथ सब्जी उगाने, ईंटों की तराई करने तथा फर्श धोने के रूप में प्रयोग करते हैं। प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बह जाता है। जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। गर्मियों में यह स्थिति काफी विकराल रूप धारण कर लेती है। नौबत जन स्वास्थ्य विभाग की चौखट तक आंदोलन के रूप में पहुंच जाती है। इस बार विभाग ने पहले ही अभियान छेड़ दिया है। विभागीय टीम सुबह पांच बजे से ही गलियों में निकल जाती है। सुबह करीब 10 बजे तक चेकिंग होती है। शाम को चार से छह बजे तक शहर में मॉनिटरिंग होती है। विभाग का कहना है कि उपरोक्त समय में सबसे ज्यादा पानी व्यर्थ बहता है।
छापा मारकर पानी व्यर्थ कहाने वाले को पकड़ा
पिछले दिनों विभाग ने प्रेम नगर में एक घर के बाहर तथा भीतर व्यर्थ बहाए जाने की शिकायत पाकर छापा मारा। व्यर्थ बहाए जा रहे पानी को कैमरे में कैद दिया। संबंधित मकान मालिक टीम पर बिफर गया। टीम के साथ बदसलूकी की। टीम ने तेवर तीखे किए तो मकान मालिक का पारा नीचे आ गया। टीम ने व्यर्थ पानी बहाने के जुर्म में संबंधित मकान मालिक पर 1200 रुपये जुर्माना किया है। विभाग के अनुसार जुर्माना तीन हजार रुपये तक हो सकता है। इसके बावजूद अगर संबंधित व्यक्ति न माने तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त टीम ने पेयजल से प्लाट में लगी सब्जी को सींच रहे एक व्यक्ति को पकड़ा। कनेक्शन रेगुलर पाया गया। जिसके चलते उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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ऐसे कार्रवाई करेगा विभाग
अमूमन मीटर लगे रेगुलर कनेक्शन पर महकमा 60 रुपये प्रति माह चार्ज करता है। विभाग के अनुसार अगर कोई व्यक्ति व्यर्थ पानी बहाता मिल गया और उसका कनेक्शन भी नाजायज है तो संबंधित मकान की रजिस्टरी की तारीख से वर्तमान तारीख तक जुर्माना वसूला जाएगा। रेगुलर कनेक्शन होने पर पानी व्यर्थ में बहाए जाने पर 1200 रुपये से लेकर अधिकतम तीन हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
लीकेज मिली तो पैनल रेट लेगा विभाग
विभाग के अनुसार कई जगहों पर लीकेज की शिकायत मिलती है। संबंधित जगह की खुदाई की जाती है, तो व्यक्तिगत कनेक्शन लीकेज मिलता है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए अब विभाग संबंधित पर उपरोक्त खर्च के अतिरिक्त पैनल रेट वसूल करेगा। यानी डबल वसूली होगी।
ऐसे हो सकती है शिकायत
विभागीय टीम अपने स्तर पर व्यर्थ पानी बहाने वालों को रोककर जागरूक करेगी। इसके अतिरिक्त लोगों को मुहिम से जोडने के लिए विभाग ने व्हाट्सऍप नंबर जारी किया है। जिस पर व्यर्थ पानी बहाने वालों की फोटो या वीडियो शेयर की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सीवरेज युक्त पेयजल या फिर सीवरेज संबंधी शिकायत भी भेजी जा सकती है।
गर्मियों में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए मुहिम छेड़ी गई है। लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। हम पानी पीने के लिए देते हैं, न की वाहन, फर्श या फिर ईंटों की तराई या सब्जी या फल उगाने के लिए। लोगों को यह बात समझनी चाहिए। पानी का महत्व क्या है। अगर कहीं भी व्यर्थ पानी बहता है या फिर सीवरेज-पानी संबंधी शिकायत है, तो वह मुझे व्हाट्सएप नंबर 99925-76377 पर भेज सकते हैं। संबंधित शिकायत का निपटारा किया जाएगा।
सतपाल रोज, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग, डबवाली
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जन स्वास्थ्य विभाग प्रति व्यक्ति आपूर्ति किए जाने वाले पेयजल को 25 फीसदी वेस्ट मानता है। इसके अनुसार ही बिल जारी करता है। लेकिन लोग अंधाधुंध तरीके से पेयजल को अपने वाहनों के साथ-साथ सब्जी उगाने, ईंटों की तराई करने तथा फर्श धोने के रूप में प्रयोग करते हैं। प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बह जाता है। जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। गर्मियों में यह स्थिति काफी विकराल रूप धारण कर लेती है। नौबत जन स्वास्थ्य विभाग की चौखट तक आंदोलन के रूप में पहुंच जाती है। इस बार विभाग ने पहले ही अभियान छेड़ दिया है। विभागीय टीम सुबह पांच बजे से ही गलियों में निकल जाती है। सुबह करीब 10 बजे तक चेकिंग होती है। शाम को चार से छह बजे तक शहर में मॉनिटरिंग होती है। विभाग का कहना है कि उपरोक्त समय में सबसे ज्यादा पानी व्यर्थ बहता है।
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छापा मारकर पानी व्यर्थ कहाने वाले को पकड़ा
पिछले दिनों विभाग ने प्रेम नगर में एक घर के बाहर तथा भीतर व्यर्थ बहाए जाने की शिकायत पाकर छापा मारा। व्यर्थ बहाए जा रहे पानी को कैमरे में कैद दिया। संबंधित मकान मालिक टीम पर बिफर गया। टीम के साथ बदसलूकी की। टीम ने तेवर तीखे किए तो मकान मालिक का पारा नीचे आ गया। टीम ने व्यर्थ पानी बहाने के जुर्म में संबंधित मकान मालिक पर 1200 रुपये जुर्माना किया है। विभाग के अनुसार जुर्माना तीन हजार रुपये तक हो सकता है। इसके बावजूद अगर संबंधित व्यक्ति न माने तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त टीम ने पेयजल से प्लाट में लगी सब्जी को सींच रहे एक व्यक्ति को पकड़ा। कनेक्शन रेगुलर पाया गया। जिसके चलते उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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ऐसे कार्रवाई करेगा विभाग
अमूमन मीटर लगे रेगुलर कनेक्शन पर महकमा 60 रुपये प्रति माह चार्ज करता है। विभाग के अनुसार अगर कोई व्यक्ति व्यर्थ पानी बहाता मिल गया और उसका कनेक्शन भी नाजायज है तो संबंधित मकान की रजिस्टरी की तारीख से वर्तमान तारीख तक जुर्माना वसूला जाएगा। रेगुलर कनेक्शन होने पर पानी व्यर्थ में बहाए जाने पर 1200 रुपये से लेकर अधिकतम तीन हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
लीकेज मिली तो पैनल रेट लेगा विभाग
विभाग के अनुसार कई जगहों पर लीकेज की शिकायत मिलती है। संबंधित जगह की खुदाई की जाती है, तो व्यक्तिगत कनेक्शन लीकेज मिलता है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए अब विभाग संबंधित पर उपरोक्त खर्च के अतिरिक्त पैनल रेट वसूल करेगा। यानी डबल वसूली होगी।
ऐसे हो सकती है शिकायत
विभागीय टीम अपने स्तर पर व्यर्थ पानी बहाने वालों को रोककर जागरूक करेगी। इसके अतिरिक्त लोगों को मुहिम से जोडने के लिए विभाग ने व्हाट्सऍप नंबर जारी किया है। जिस पर व्यर्थ पानी बहाने वालों की फोटो या वीडियो शेयर की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सीवरेज युक्त पेयजल या फिर सीवरेज संबंधी शिकायत भी भेजी जा सकती है।
गर्मियों में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए मुहिम छेड़ी गई है। लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। हम पानी पीने के लिए देते हैं, न की वाहन, फर्श या फिर ईंटों की तराई या सब्जी या फल उगाने के लिए। लोगों को यह बात समझनी चाहिए। पानी का महत्व क्या है। अगर कहीं भी व्यर्थ पानी बहता है या फिर सीवरेज-पानी संबंधी शिकायत है, तो वह मुझे व्हाट्सएप नंबर 99925-76377 पर भेज सकते हैं। संबंधित शिकायत का निपटारा किया जाएगा।
सतपाल रोज, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग, डबवाली