{"_id":"56f2cd344f1c1bf859f14d27","slug":"sirsa-news-hindi-news-aggitation-villegiers-strike-electricity-sirsa","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेरगढ़ में बिजली के लिए आत्मदाह का प्रयास, प्रशासन में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शेरगढ़ में बिजली के लिए आत्मदाह का प्रयास, प्रशासन में मचा हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 23 Mar 2016 10:37 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण्ा
- फोटो : Bureau
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पच्चीस फीसदी से अधिक लाइन लॉस वाले अर्बन फीडर की बिजली आधी किए जाने पर ग्रामीण विरोध में उतर रहे हैं। बुधवार को गांव खुईयांमलकाना तथा शेरगढ़ में स्थित 33केवी बिजलीघर पर ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। देर शाम को गांव शेरगढ़ में धरनास्थल पर एक व्यक्ति ने मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। उसे उठाने गई पुलिस के साथ ग्रामीणों की जमकर हाथापाई हुई। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों तथा प्रशासन में बातचीत चल रही थी।
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गांव खुईयांमलकाना
गांव खुईयांमलकाना तथा दीवानखेड़ा के ग्रामीण सुबह करीब 10 बजे संजय नंबरदार, गांव दीवानखेड़ा के सरपंच सुबेग सिंह, जोनी, डॉ. तरसेम सेमा के नेतृत्व में गांव में स्थित 33केवी बिजलीघर पर जुटे। ग्रामीणों ने महज 12 घंटे बिजली दिए जाने पर रोष जाहिर किया। ग्रामीणों ने कर्मचारियों से पूछा कि उन्होंने बिजलीघर के लिए जमीन दी हुई है। एग्रीमेंट के अनुसार उन्हें चौबीस घंटे बिजली मिलनी चाहिए। ऐसा नहीं हो रहा। एमडी के आदेशों का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने कुछ भी नहीं कहा। गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद करवा दी। ग्रामीण वहीं बैठ गए। शैड्यूल पर ग्रामीण खुद ही बहस गए। करीब ढाई घंटे बाद बैरंग वापस लौट गए।
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गांव शेरगढ़
गांव शेरगढ़ के ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे जसवीर सिंह भाटी, ब्लाक समिति सदस्य जसकरण सिंह भाटी, गुरपाल सिंह पाली, ताकत सिंह, अवतार सिंह, इकबाल सिंह, गुरप्रीत सिंह भाटी, कर्मवीर सिंह, कपूर सिंह, जगनंदन सिंह फौजी के नेतृत्व में 33केवी बिजलीघर में पहुंचे। दो दिन से सात घंटे बिजली कटौती करने पर जवाब तलबी की। कोई जवाब नहीं मिला तो जेई छोटू राम को सबस्टेशन से बाहर करके बिजली बंद करवा दी। स्टेशन के गेट को तार लगाकर बंद कर दिया। ग्रामीणों ने तंबू गाड़कर नारेबाजी शुरू कर दी। हरियाणा सरकार तथा बिजली निगम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि बिजलीघर के लिए वर्ष 2010 में पंचायत ने करीब सवा चार एकड़ जमीन दी थी।
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करीब दो एकड़ भूमि पर बिजलीघर बना है। शेष जमीन पर भी बिजलीघर का कब्जा है। हर वर्ष गर्मी से पूर्व उनकी बिजली कटौती कर दी जाती है। वर्ष 2015 में 19 घंटे बिजली देने का वायदा निगम ने किया था। अब 12 घंटे कर दी है। जोकि धोखा है। ऐसा रहा तो वे किसी भी कीमत पर बिजलीघर नहीं चलने देंगे। जब इसकी शिकायत एक्सईन के पास लेकर गए तो उन्होंने कहा कि बिजलीघर, आपके बाप का है क्या? बिजली निगम अधिकारी सरेआम दुव्र्यवहार कर रहे हैं। जोकि सहन नहीं है। जब तक़ उन्हें पूरी बिजली नहीं मिलती और एक्सईन मौका पर आकर माफी नहीं मांगते तो नहीं हटेंगे। देर शाम तक निगम अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की वार्तालाप चलती रही। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
शाम को अचानक धरना पर बैठे शीशपाल ने मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पता चलने पर अन्य ग्रामीणों ने उसे रोक लिया। मौका पर तैनात पुलिस ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। ग्रामीण शीशपाल के हक में उतर आए। पुलिस के साथ जमकर हाथापाई हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर एसडीएम डबवाली अजय कुमार तथा एक्सईन एमआर सचदेवा मौका पर पहुंचे। ग्रामीणों को आपके बाप का बिजलीघर कहने वाले एक्सईएन ने हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद एसडीएम से बातचीत शुरू की।
ग्रामीणों ने दिए फेक्ट
बिजली निगम ने कहा कि गांव शेरगढ़ के लोग बहुत कम बिजली बिल अदा करते हैं। जिस पर ग्रामीणों ने भी फेक्ट दिए। ग्रामीणों ने कहा कि गांव का कुल बिजली बिल आठ लाख 65 हजार 348 है। जबकि चार लाख 53 हजार 326 रुपये बिल जनस्वास्थ्य विभाग का है। उस पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई। क्या वे बिल भी हम भरेंगे? निगम अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में वार्ता चल रही थी।