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नियम 134-ए के तहत बच्चों का दाखिला शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 07 May 2016 12:28 AM IST
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एडमिश्ान
- फोटो : Bureau
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नियम 134 ए के तहत शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिले शुक्रवार से प्रारंभ हो गए हैं। अब आवंटित स्कूल में जाकर विद्यार्थी अपना दाखिला सुनिश्चित कर सकते हैं। वीरवार को दाखिलों के लिए निकाले गए ड्रॉ के बाद सभी अभिभावक अपने बच्चों के लिए संबंधित स्कूलों में जाकर दाखिलों की प्रक्रिया के बारे में आज से पूछताछ करने लगे हैं। दाखिले 13 मई तक जारी रहेंगे। सिरसा खंड में दूसरी से बारहवीं कक्षा तक प्राइवेट स्कूलों में 1496 सीटें रिक्त थी। इनमें दाखिलों के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई जिसके बाद वीरवार को परिणाम घोषित कर दाखिले के लिए ड्रॉ निकाला गया। ड्रॉ में जिस विद्यार्थी के नाम पर जो स्कूल निकला उसमें उसका दाखिला होगा। यह कार्रवाई खंड स्तर पर आयोजित की गई। उसके बाद आज से स्कूलों में दाखिले प्रारंभ हो गए हैं जो 13 मई तक जारी रहेंगे।
अभिभावकों व विद्यार्थियों ने संबंधित स्कूलों में जाकर कर दाखिलों की कार्रवाई आज से ही शुरू कर दी है। सिरसा खंड के 64 प्राइवेट स्कूलों में सीटों के अनुसार दाखिला दिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने बताया कि किसी भी विद्यार्थी को दाखिले से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह खंड शिक्षा कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि सिरसा खंड में 333 उन विद्यार्थियों को नियम 134 ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा जिन्होंने प्रवेश परीक्षा में 55 या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। पहले दिन कई स्कूलों में विद्यार्थियों व अभिभावकों को दाखिलों के लिए भागदौड़ करते देखा गया।
अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ऐलनाबाद। छात्र-अभिभावक सहायक संघ ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा के नाम एक ज्ञापन एसडीएम प्रदीप दहिया को सौंप कर कहा कि जिन बच्चों का ड्रा में नाम आया है उन बच्चों को वह स्कूल अलॉट किया है जो कि उनके घर से काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने मांग की है कि 17 मई तक सभी आवेदकों को स्कूल अलॉट नहीं किए गए तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। छात्र-अभिभावक सहायक संघ के अध्यक्ष प्रेम घोड़ेला, नरसिंह ओढ, रामकुमार, जसवंत, राजबीर सिंह, सुमित्रा देवी, जसविंद्र, राजीव, आशा रानी, दानाराम, पुरुषोत्तम दास, ओमप्रकाश, जयपाल, बाबुलाल, महेंद्र सिंह, हरपाल सिंह आदि ने ज्ञापन में लिखा है कि नियम 134- ए के तहत निजी स्कूलों में अथक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए किए गए आवेदनों का ड्रा छह मई को निकाला गया, लेकिन शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में सीटें उपलब्ध होने के बावजूद पहले परीक्षा हुई और फिर ड्रा। ऐलनाबाद के सभी निजी स्कूलों की 1057 रिक्त सीटों की एवज में केवल 657 आवेदन और केवल 412 आवेदकों द्वारा परीक्षा देने के बावजूद ड्रा के माध्यम से केवल 178 बच्चों को ही स्कूल अलॉट किए गए।
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अगर परीक्षा नहीं होती तो सभी गरीब बच्चों को नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना पूरा हो जाता। ऐसे में अभिभावकों में रोष है कि सीटें होने के बाद भी नियमों का हवाला देकर बच्चों को दाखिले से वंचित रखा जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी की गैर हाजिरी में ड्रा की सूची तैयार करके चिपका दी गई है। ड्रा में कुछ उन बच्चों के नाम है जो कि पहली कक्षा के हैं और परीक्षा तीसरी कक्षा की दी गई है और वो पास हो गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि समस्त शिक्षा मंडल भ्रष्ट हो चुका है। उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि जिन बच्चों का ड्रा में नाम आया है उन बच्चों को वह स्कूल अलॉट किया है जो कि उनके घर से काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने लिखा है कि 17 मई तक सभी आवेदकों को स्कूल अलॉट नहीं किए गए तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व हरियाणा सरकार की होगी।
फोटो: ऐलनाबाद में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते छात्र-अभिभावक सहायता संघ के सदस्य।
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अभिभावकों व विद्यार्थियों ने संबंधित स्कूलों में जाकर कर दाखिलों की कार्रवाई आज से ही शुरू कर दी है। सिरसा खंड के 64 प्राइवेट स्कूलों में सीटों के अनुसार दाखिला दिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने बताया कि किसी भी विद्यार्थी को दाखिले से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह खंड शिक्षा कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि सिरसा खंड में 333 उन विद्यार्थियों को नियम 134 ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा जिन्होंने प्रवेश परीक्षा में 55 या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। पहले दिन कई स्कूलों में विद्यार्थियों व अभिभावकों को दाखिलों के लिए भागदौड़ करते देखा गया।
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अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ऐलनाबाद। छात्र-अभिभावक सहायक संघ ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा के नाम एक ज्ञापन एसडीएम प्रदीप दहिया को सौंप कर कहा कि जिन बच्चों का ड्रा में नाम आया है उन बच्चों को वह स्कूल अलॉट किया है जो कि उनके घर से काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने मांग की है कि 17 मई तक सभी आवेदकों को स्कूल अलॉट नहीं किए गए तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। छात्र-अभिभावक सहायक संघ के अध्यक्ष प्रेम घोड़ेला, नरसिंह ओढ, रामकुमार, जसवंत, राजबीर सिंह, सुमित्रा देवी, जसविंद्र, राजीव, आशा रानी, दानाराम, पुरुषोत्तम दास, ओमप्रकाश, जयपाल, बाबुलाल, महेंद्र सिंह, हरपाल सिंह आदि ने ज्ञापन में लिखा है कि नियम 134- ए के तहत निजी स्कूलों में अथक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए किए गए आवेदनों का ड्रा छह मई को निकाला गया, लेकिन शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में सीटें उपलब्ध होने के बावजूद पहले परीक्षा हुई और फिर ड्रा। ऐलनाबाद के सभी निजी स्कूलों की 1057 रिक्त सीटों की एवज में केवल 657 आवेदन और केवल 412 आवेदकों द्वारा परीक्षा देने के बावजूद ड्रा के माध्यम से केवल 178 बच्चों को ही स्कूल अलॉट किए गए।
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अगर परीक्षा नहीं होती तो सभी गरीब बच्चों को नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना पूरा हो जाता। ऐसे में अभिभावकों में रोष है कि सीटें होने के बाद भी नियमों का हवाला देकर बच्चों को दाखिले से वंचित रखा जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी की गैर हाजिरी में ड्रा की सूची तैयार करके चिपका दी गई है। ड्रा में कुछ उन बच्चों के नाम है जो कि पहली कक्षा के हैं और परीक्षा तीसरी कक्षा की दी गई है और वो पास हो गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि समस्त शिक्षा मंडल भ्रष्ट हो चुका है। उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि जिन बच्चों का ड्रा में नाम आया है उन बच्चों को वह स्कूल अलॉट किया है जो कि उनके घर से काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने लिखा है कि 17 मई तक सभी आवेदकों को स्कूल अलॉट नहीं किए गए तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व हरियाणा सरकार की होगी।
फोटो: ऐलनाबाद में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते छात्र-अभिभावक सहायता संघ के सदस्य।