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पुलिस की सूझबूझ से टला खूनी संघर्ष

Wed, 25 May 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो / अमर उजाला, सिरसा Updated Wed, 25 May 2016 11:32 PM IST
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thed - फोटो : Bureau
रानियां रोड पर बांदरों वाली पुलिया के समीप रास्ते जाम कर प्रदर्शन कर रहे थेहड़ मोल्लावासियों ने प्रशासन को खूब खरी खरी सुनाई लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह से शांत रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं तक ही नहीं सुनी। इससे पहले की स्थिति ज्यादा बिगड़ती पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाला। इस दौरान संत रविदास चौक से लेकर बांदरों वाली पुलिया तक दुकानें पूरी तरह से बंद रही। जिस समय एसडीएम प्रदर्शनकारियों से रास्ते खोलने की अपील कर रहे थे तभी युवाओं ने जता दिया था कि वे कुछ और ही इरादे लेकर आए है।
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युवकों उनके मोहल्ले की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने की बात कही तो एसडीएम ने इस बारे में बातचीत कर पता चला ऐसा कुछ भी नहीं है मारूति मंदिर के पीछे वाली गली में दूषित पानी की आपूर्ति शिकायत आई है। इस बीच स्वयं को थेहड़ कमेटी का एक पदाधिकारी बताते हुए एक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि आज उनकी संख्या कम है ऐसे में रास्ते खोल दिए जाएं, 20-30 हजार लोग मिलकर किसी दिन जाम लगाएंगे तो प्रदर्शनकारियों ने एक ओर का रास्ता खेल दिया। पुलिस ने अवरोधक हटाने शुरू किए तो युवाओं ने नारेबाजी करते हुए फिर से रास्ते जाम कर दिए।
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कुछ देर थेहड़ समिति के प्रधान मौके पर पहुंचे तो उनकी भी नहीं मानी और युवा पथराव करते हुए खाजाखेड़ा रोड की ओर से भागे। पुलिस ने उन्हें दूर तक खदेड़ा। इस बीच विवेकानंद स्कूल के विद्यार्थी पुल पर ही बस को छोड़कर पैदल ही शहर कर ओर जाने लगे तो डीएसपी विजय कक्कड़ ने बच्चो की सुरक्षा को लेकर आदेश दिया बाद मे पुलिसकर्मियों ने सभी बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर तक पहुंचाया। उधर प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के आगे रखे मटके सड़क पर लाकर फोड़ने शुरू कर दिए तो एक टायर वाले की दुकान के टायर उठाकर सड़क पर डाल दिए, जिन्हें लेकर कहासुनी हुई।  पुलिस को इस बात का अंदाजा नहीं था कि हालात इतने बिगड़ सकते हैं। पहले मात्र 15 से 20 पुलिसकर्मी थे, जबकि प्रदर्शनकारी सौ से अधिक थे। बाद में पुलिस फोर्स मौके पर बुलाया गया। तहसीलदार ओपी बिश्नोई डयूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौके पर मौजूद रहे।
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