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1500 जवानों की सुरक्षा साये के बीच सिरसा में रही शांति
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 06 Jun 2016 01:23 AM IST
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- फोटो : bureau
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दोबारा से जाट आंदोलन के चलते जिलेभर में रविवार को सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी रही। सुबह से ही पुलिस अधिकारियों के काफिले और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गश्त करने लगे। हालांकि प्रशासन का ज्यादा ध्यान जाट बहुल चोपटा, डबवाली व सिरसा मेें रहा।
करीब डेढ़ हजार पुलिस फोर्स पूरी तैयारी के साथ इन इलाकों में फ्लैग मार्च निकालती रही। पंजाब व राजस्थान सीमा पर कड़ी नाकेबंदी की गई और जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहनोें की तलाशी और उसमें सवार लोगों का पूरा ब्योरा लिया। प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ शरारती तत्व बाहर से आकर गड़बड़ी फैला सकते हैं। ऐसे में सीमा पर पुलिस ने तनिक भी चूक नहीं बरती। प्रशासन की तरफ से सभी थाना क्षेत्रोें में ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की गई थी और आदेश दिए गए थे शरारती तत्वों से सख्ती से पेश आया जाए। साथ ही हाईवे पर प्रशासन का फोकस रहा, ताकि किसी भी सूरत में ये मार्ग बाधित नहीं हो पाए। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता व सीआईडी इंचार्ज अजय शर्मा रात तक जिलेभर से इनपुट लेते रहे। वहीं सोशल साइटों पर भी पुलिस कर्मचारी की पैनी नजर बनी रही।
जाट बाहुल्य चोपटा व डबवाली पर रहा फोकस
डीएसपी कुलदीप बैनीवाल के हाथों में ऐलनाबाद क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चोपटा व डबवाली क्षेत्र सिरसा में जाटों का गढ़ माना जाता है ऐसे में यहां पर अन्य क्षेत्रों की तुलना में पुलिस बल की तैनाती ज्यादा रही। दोपहर को सिरसा शहर में डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ की अगुवाई में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें शहर थाना प्रभारी सहित सभी चौकी प्रभारी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से फ्लैग मार्च की शुरुआत हुई। ये बरनाला रोड, हिसार रोड, डबवाली रोड, रानियां रोड, बेगू रोड व बाजारों से होकर गुजरा। देर शाम तक जिले में शांति व्यवस्था कायम रहने के उपरांत जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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सीआईडी की रही अहम भूमिका
एक तरफ पुलिस फोर्स फ्लैग मार्च निकालकर लोगोें में सुरक्षा का अहसास भरती रही दूसरी तरफ सीआईडी के कर्मचारी जाट बहुल क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच रहकर उनके इरादे टटोलते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में जाट आंदोलन को लेकर क्या-क्या बातें हो रही है इसकी जानकारी सीआईडी कर्मचारी अपने इंचार्ज को देते रहे। सीआईडी का ज्यादातर फोकस अफवाह फैलाने वालों व भड़काऊ पूर्ण बातें करने वालों पर रहा। इससे प्रशासन को जिले भर की असल स्थिति की जानकारी मिलती रही। जिस क्षेत्र के बारे में सीआईडी से कोई इनपुट मिला शीघ्र ही वहां अधिकारी फ्लैग मार्च निकालने वहां पहुंच गए। जाट आंदोलन से जुड़ी हर प्रकार की सटीक सूचना जुटाकर प्रशासन तक पहुंचाने में सीआईडी अहम भूमिका अदा कर रही हैं।
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करीब डेढ़ हजार पुलिस फोर्स पूरी तैयारी के साथ इन इलाकों में फ्लैग मार्च निकालती रही। पंजाब व राजस्थान सीमा पर कड़ी नाकेबंदी की गई और जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहनोें की तलाशी और उसमें सवार लोगों का पूरा ब्योरा लिया। प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ शरारती तत्व बाहर से आकर गड़बड़ी फैला सकते हैं। ऐसे में सीमा पर पुलिस ने तनिक भी चूक नहीं बरती। प्रशासन की तरफ से सभी थाना क्षेत्रोें में ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की गई थी और आदेश दिए गए थे शरारती तत्वों से सख्ती से पेश आया जाए। साथ ही हाईवे पर प्रशासन का फोकस रहा, ताकि किसी भी सूरत में ये मार्ग बाधित नहीं हो पाए। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता व सीआईडी इंचार्ज अजय शर्मा रात तक जिलेभर से इनपुट लेते रहे। वहीं सोशल साइटों पर भी पुलिस कर्मचारी की पैनी नजर बनी रही।
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जाट बाहुल्य चोपटा व डबवाली पर रहा फोकस
डीएसपी कुलदीप बैनीवाल के हाथों में ऐलनाबाद क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चोपटा व डबवाली क्षेत्र सिरसा में जाटों का गढ़ माना जाता है ऐसे में यहां पर अन्य क्षेत्रों की तुलना में पुलिस बल की तैनाती ज्यादा रही। दोपहर को सिरसा शहर में डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ की अगुवाई में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें शहर थाना प्रभारी सहित सभी चौकी प्रभारी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से फ्लैग मार्च की शुरुआत हुई। ये बरनाला रोड, हिसार रोड, डबवाली रोड, रानियां रोड, बेगू रोड व बाजारों से होकर गुजरा। देर शाम तक जिले में शांति व्यवस्था कायम रहने के उपरांत जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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सीआईडी की रही अहम भूमिका
एक तरफ पुलिस फोर्स फ्लैग मार्च निकालकर लोगोें में सुरक्षा का अहसास भरती रही दूसरी तरफ सीआईडी के कर्मचारी जाट बहुल क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच रहकर उनके इरादे टटोलते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में जाट आंदोलन को लेकर क्या-क्या बातें हो रही है इसकी जानकारी सीआईडी कर्मचारी अपने इंचार्ज को देते रहे। सीआईडी का ज्यादातर फोकस अफवाह फैलाने वालों व भड़काऊ पूर्ण बातें करने वालों पर रहा। इससे प्रशासन को जिले भर की असल स्थिति की जानकारी मिलती रही। जिस क्षेत्र के बारे में सीआईडी से कोई इनपुट मिला शीघ्र ही वहां अधिकारी फ्लैग मार्च निकालने वहां पहुंच गए। जाट आंदोलन से जुड़ी हर प्रकार की सटीक सूचना जुटाकर प्रशासन तक पहुंचाने में सीआईडी अहम भूमिका अदा कर रही हैं।