शाम को काउंटर में लगी बसें, यात्रियों को मिली राहत
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तीन दिन से सिरसा डिपो पर किए गए चक्का जाम को खुलवाने के लिए कर्मचारियों की मांग के समक्ष प्रशासन झुक गया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और बसें काउंटर में लगा दी। शाम को हड़ताल खुलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इससे पूर्व सिरसा में हुई 8 यूनियनों की बैठक में फैसला लिया गया था कि रात के 12 बजे तक मांग नहीं मानी गई तो वे बुधवार से पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा। इसके बाद एसडीएम बिजेंद्र सिंह हुड्डा मौके पर पहुंचे और बताया कि 2016-17 की परमिट नीति के तहत जारी की गईं बसें नहीं चलने दी जाएंगी। इसके बाद कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि पूरे प्रदेश में इस नीति के तहत जारी हुए परमिट की बस कहीं भी चली तो 24 घंटे के अल्टीमेटम पर प्रदेशभर में चक्का जाम कर दिया जाएगा।
मंगलवार को हरियाणा रोडवेज की सभी आठ यूनियनों के प्रदेशाध्यक्षों व महासचिवों की चार घंटों की एक महत्वपूर्ण बैठक सिरसा में चली जिसमें फैसला लिया गया कि बुधवार से प्रदेश भर में रोडवेज की बसों का चक्का जाम किया जाएगा। यदि आज मध्य रात्रि तक उनकी मांग मान ली जाती है तो वे बुधवार को किसी प्रकार का आंदोलन नहीं करेंगे। प्रदेश स्तरीय रोडवेज नेताओं ने सिरसा रोडवेज की समस्या के हल के लिए चार घंटे तक निरंतर मंथन किया और अंत में स्थानीय जिला प्रशासन के पाले में गेंद डालते हुए अपना निर्णय दिया कि यदि मंगलवार रात्रि 12 बजे तक निजी बसों के सड़कों पर उतरने पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो बुधवार अलसुबह से पूरे हरियाणा में रोडवेज बसें चक्का जाम करेंगी। इसके बाद शाम को एसडीएम बिजेंद्र सिंह हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांग मानने की बात की। इसके बाद कर्मचारियों ने तालियां बजा कर स्वागत किया और तुरंत ड्यूटी पर लौट गए। इसके बाद यात्रियों ने भी राहत की सांस ली है।
बैठक में उठाई मांग
बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक वर्ष 2016-17 की परमिट नीति में संशोधन नहीं लाया जाता, उनका निजी बसों के प्रति विरोध जारी रहेगा। इसके साथ-साथ यदि भविष्य में फिर कभी निजी बसों से संबंधित टाइम टेबल देने का प्रयास किया तो भी 24 घंटे के शॉर्ट नोटिस पर पूरे हरियाणा भर में चक्का जाम कर दिया जाएगा। प्रादेशिक रोडवेज यूनियन नेताओं के फैसले का सिरसा हरियाणा रोडवेज डिपो के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
हरियाणा रोडवेज के सिरसा डिपो की समस्या के समाधान के लिए प्रदेशभर में सक्रिय आठ यूनियनों के प्रधान व महासचिवों ने करीब चार घंटों तक गहन मंथन किया। मंथन करने वालों में दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, आजाद सिंह मलिक, इंद्र बधाना, बलराज देसवाल, विरेंद्र धनखड़, बाबूलाल यादव, आजाद गिल, सरबत पूनिया, हवा सिंह पूनिया, रमेश सैनी, पहल सिंह, रतन जांगड़ा, अशोक व सावंत सिंह आदि कर्मचारी नेता थे।
पूरी तरह से रहा चक्का जाम, लोगाें को हुई परेशानी
आज भी सिरसा डिपो की बसें नहीं चली। कर्मचारी सुबह ही गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए थे। दिन भर नारेबाजी चलती रही। प्राइवेट वाहनों की आज ज्यों की त्यों चांदी बनी रही। सिरसा डिपो को हर रोज करीब 15 लाख रुपये का फटका लग रहा है। डबवाली में भी रोडवेज कर्मचारियों ने रोडवेज का चक्का जाम रखा। कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर लगातार संघर्ष जारी रखा। जब सिरसा में हड़ताल समाप्त की गई तो डबवाली में भी समाप्त कर दी गई।