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कई दिन पहले लिखी जा चुकी थी सिरसा चेयरपर्सन चुनाव के स्थगन की पटकथा
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सिरसा नगर परिषद के चेयरपर्सन के चुनाव को स्थगित करवाने की पटकथा कई दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पार्षद बलजीत कौर के हस्ताक्षरयुक्त याचिका दो अगस्त को ही लग चुकी थी। वहीं प्रशासन के पास किसी पार्षद से नहीं बल्कि तीसरे व्यक्ति ने ही चुनाव का स्टे ऑर्डर भेजा। ऐसे में चुनाव पर स्टे ऑर्डर लाने के लिए योजना पांच अगस्त को स्थगित होने वाले चेयरपर्सन के चुनाव से पहले ही बन चुकी थी। गौरतलब है कि पार्षद बलजीत कौर ने 11 अगस्त को नगर परिषद के चुनाव पर लाए गए स्टे पर अपने हस्ताक्षरों से इनकार कर दिया था। उनका दावा था कि यह स्टे उन्होंने हासिल नहीं किया। किसी ने फर्जी हस्ताक्षर करके स्टे लिया है। वहीं भाजपा ने चुनाव स्थगित करवाने का ठीकरा कांग्रेस पार्षद व वाइस चेयरमैन रणधीर सिंह पर फोड़ा है।
सिरसा नगर परिषद को स्टे हासिल करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो अगस्त को ही याचिका दायर की जा चुकी थी। इस पर पार्षद बलजीत कौर के हस्ताक्षर हैं। सात अगस्त को सुनवाई हुई और स्टे मिलने के बाद इसका ऑर्डर स्टे प्रशासन के पास नहीं पहुंचा। इसी बीच दस अगस्त को दोपहर तक भाजपा हलोपा गठबंधन ने पार्षद सुमन शर्मा को चेयरपर्सन के अपना साझा उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस बीच दस अगस्त को ई-मेल आईडी म्यूजिक 564 का प्रयोग करते हुए एक तीसरे व्यक्ति ने आदेशों की कॉपी प्रशासन के पास भेज दी। जिला प्रशासन की ई-मेल पर रात सात बजकर 58 मिनट पर स्टे की कॉपी भेजी गई। प्रशासनिक अधिकारियों को रात नौ बजे स्टे की जानकारी मिली तो कोर्ट के आदेशों के संबंध में सरकार के एएजी से जानकारी ली। तब आदेशों की पालना करवाने के लिए चुनाव स्थगित करने की प्रकिया शुरू की गई।
भाजपा का आरोप, कांग्रेस के वाइस चेयरमैन कर रहे शक्तियों का प्रयोग, इसलिए हुआ स्टे
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस समर्थित पार्षद बलजीत कौर का यह कहना कि उन्होंने याचिका दायर ही नहीं की और न ही याचिका पर उनके हस्ताक्षर हैं। यह अपने आपमें एक गंभीर विषय है। क्योंकि याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता को वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने होते हैं, शपथपत्र देना होता है, उसका आधार कार्ड, वोटर आई-डी कार्ड, नगर पार्षद निर्वाचन प्रमाणपत्र की प्रति भी संलग्न करनी होती है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर भाजपा के पास संख्याबल अर्थात बहुमत नहीं था तो चुनाव-स्थगन के लिए कांग्रेस समर्थित पार्षद माननीय उच्च न्यायालय क्यों गई? पिछले लगभग दो वर्षों से नगर परिषद चेयरपर्सन न होने पर उनकी शक्तियों का उपयोग कांग्रेस पार्षद एवं नगर परिषद वाइस-चेयरमैन रणधीर सिंह द्वारा किया जा रहा है। उसी को जारी रखने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्षद बलजीत कौर द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई ताकि चेयरपर्सन के चुनाव को टाला जा सके और कांग्रेस इस परिस्थिति का लाभ उठाती रहे। यतिंद्र सिंह ने कहा कि बलजीत कौर ने अगर याचिका दायर नहीं की तो उन्हें इस मामले की अगली सुनवाई के समय उच्च न्यायालय के समक्ष इस दावे संबंधी शपथपत्र देना चाहिए, ताकि न्यायालय के सामने सच्चाई आ सके।
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कोट
चुनाव को स्थगित करवाने में मेरी कोई भूमिका नहीं है। जिस पार्षद ने स्टे हासिल किया है, इस संबंध में वे ही बता सकते हैं।
- रणधीर सिंह, कार्यकारी प्रधान, नगर परिषद सिरसा।
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सिरसा नगर परिषद को स्टे हासिल करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो अगस्त को ही याचिका दायर की जा चुकी थी। इस पर पार्षद बलजीत कौर के हस्ताक्षर हैं। सात अगस्त को सुनवाई हुई और स्टे मिलने के बाद इसका ऑर्डर स्टे प्रशासन के पास नहीं पहुंचा। इसी बीच दस अगस्त को दोपहर तक भाजपा हलोपा गठबंधन ने पार्षद सुमन शर्मा को चेयरपर्सन के अपना साझा उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस बीच दस अगस्त को ई-मेल आईडी म्यूजिक 564 का प्रयोग करते हुए एक तीसरे व्यक्ति ने आदेशों की कॉपी प्रशासन के पास भेज दी। जिला प्रशासन की ई-मेल पर रात सात बजकर 58 मिनट पर स्टे की कॉपी भेजी गई। प्रशासनिक अधिकारियों को रात नौ बजे स्टे की जानकारी मिली तो कोर्ट के आदेशों के संबंध में सरकार के एएजी से जानकारी ली। तब आदेशों की पालना करवाने के लिए चुनाव स्थगित करने की प्रकिया शुरू की गई।
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भाजपा का आरोप, कांग्रेस के वाइस चेयरमैन कर रहे शक्तियों का प्रयोग, इसलिए हुआ स्टे
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस समर्थित पार्षद बलजीत कौर का यह कहना कि उन्होंने याचिका दायर ही नहीं की और न ही याचिका पर उनके हस्ताक्षर हैं। यह अपने आपमें एक गंभीर विषय है। क्योंकि याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता को वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने होते हैं, शपथपत्र देना होता है, उसका आधार कार्ड, वोटर आई-डी कार्ड, नगर पार्षद निर्वाचन प्रमाणपत्र की प्रति भी संलग्न करनी होती है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर भाजपा के पास संख्याबल अर्थात बहुमत नहीं था तो चुनाव-स्थगन के लिए कांग्रेस समर्थित पार्षद माननीय उच्च न्यायालय क्यों गई? पिछले लगभग दो वर्षों से नगर परिषद चेयरपर्सन न होने पर उनकी शक्तियों का उपयोग कांग्रेस पार्षद एवं नगर परिषद वाइस-चेयरमैन रणधीर सिंह द्वारा किया जा रहा है। उसी को जारी रखने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्षद बलजीत कौर द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई ताकि चेयरपर्सन के चुनाव को टाला जा सके और कांग्रेस इस परिस्थिति का लाभ उठाती रहे। यतिंद्र सिंह ने कहा कि बलजीत कौर ने अगर याचिका दायर नहीं की तो उन्हें इस मामले की अगली सुनवाई के समय उच्च न्यायालय के समक्ष इस दावे संबंधी शपथपत्र देना चाहिए, ताकि न्यायालय के सामने सच्चाई आ सके।
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चुनाव को स्थगित करवाने में मेरी कोई भूमिका नहीं है। जिस पार्षद ने स्टे हासिल किया है, इस संबंध में वे ही बता सकते हैं।
- रणधीर सिंह, कार्यकारी प्रधान, नगर परिषद सिरसा।