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सिरसा : आनन-फानन में आईं एक वर्ष पहले खरीदीं पुस्तकें
Thu, 01 Aug 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:00 AM IST
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पंचायत द्वारा कमरे में रखवाई गईं पुस्तकें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। गांव घुकांवाली में लाइब्रेरी का मुद्दा जब मीडिया में उठा तो इस पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। इसके बाद एक वर्ष पहले खरीद गईं 509 किताबें गांव में पहुंच गई हैं। इनको गांव की व्यायामशाला में बने एक कमरे में रखवाया गया है।
बीते दिन ये मुद्दा मीडिया के माध्यम से उठने के बाद पंचायत व खंड कार्यालय के कर्मचारी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। मामला उठा तो ग्राम सचिव व खंड कार्यालय के कर्मचारियों ने पुस्तकों की खोजबीन शुरू कर दी। बात जब पंचायत पर आई तो सरपंच ने ग्राम सचिव पर थोपते हुए कहा कि उन्होंने तो उनके कहने पर 99 हजार रुपये का चेक काटा था। ग्राम सचिव की ओर से विभागीय कार्रवाई के भय के मद्देनजर पुस्तकें लाकर घुकांवाली में स्कूल के साथ लगते सार्वजनिक हॉल में बने एक कमरे में रख दी गई। पंच विनोद कुमार, सुखजीत सिंह व अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि मामला उठने के बाद आनन-फानन में जो पुस्तकें पहुंचाई गई हैं, वो किसी अन्य जगह से मंगवाई गई है, ताकि मामला शांत हो सके। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत भेजी गई है।
ग्राम सरपंच स्वर्णजीत कौर का कहना है कि पुस्तकें तो खंड कार्यालय में ही थीं। पुस्तकें कमरे में रखवा दी गई हैं। जबकि बीते दिन सरपंच का ये तर्क था कि उन्होंने पता ही नहीं कि किताबें कहां है। ग्रामीण हरबंस सिंह, मेजर सिंह, यादविंदर सिंह, जगसीर सिंह, मंजीत सिंह आदि ने कहा कि एक वर्ष बाद ही सही आखिर उन्हें पता तो चला कि उनके गांव में लाइब्रेरी में 509 पुस्तकें हैं।
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ओढां। गांव घुकांवाली में लाइब्रेरी का मुद्दा जब मीडिया में उठा तो इस पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। इसके बाद एक वर्ष पहले खरीद गईं 509 किताबें गांव में पहुंच गई हैं। इनको गांव की व्यायामशाला में बने एक कमरे में रखवाया गया है।
बीते दिन ये मुद्दा मीडिया के माध्यम से उठने के बाद पंचायत व खंड कार्यालय के कर्मचारी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। मामला उठा तो ग्राम सचिव व खंड कार्यालय के कर्मचारियों ने पुस्तकों की खोजबीन शुरू कर दी। बात जब पंचायत पर आई तो सरपंच ने ग्राम सचिव पर थोपते हुए कहा कि उन्होंने तो उनके कहने पर 99 हजार रुपये का चेक काटा था। ग्राम सचिव की ओर से विभागीय कार्रवाई के भय के मद्देनजर पुस्तकें लाकर घुकांवाली में स्कूल के साथ लगते सार्वजनिक हॉल में बने एक कमरे में रख दी गई। पंच विनोद कुमार, सुखजीत सिंह व अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि मामला उठने के बाद आनन-फानन में जो पुस्तकें पहुंचाई गई हैं, वो किसी अन्य जगह से मंगवाई गई है, ताकि मामला शांत हो सके। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत भेजी गई है।
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ग्राम सरपंच स्वर्णजीत कौर का कहना है कि पुस्तकें तो खंड कार्यालय में ही थीं। पुस्तकें कमरे में रखवा दी गई हैं। जबकि बीते दिन सरपंच का ये तर्क था कि उन्होंने पता ही नहीं कि किताबें कहां है। ग्रामीण हरबंस सिंह, मेजर सिंह, यादविंदर सिंह, जगसीर सिंह, मंजीत सिंह आदि ने कहा कि एक वर्ष बाद ही सही आखिर उन्हें पता तो चला कि उनके गांव में लाइब्रेरी में 509 पुस्तकें हैं।
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