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रोड़ी में सफाई व्यवस्था चरमराई : पंचायत की अनदेखी से गांव बना कचरा घर
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रोड़ी में कालांवाली रोड पर लगे कचरे के ढेर । संवाद।
रोड़ी। रोड़ी। ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते रोड़ी गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। मुख्य बस स्टैंड, बाजार, गलियों और चौक-चौराहों के आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इनसे उठती दुर्गंध के कारण लोगों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे जमा कचरा ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी बड़ी परेशानी बना हुआ है।
गांव की कई गलियों की नालियां मिट्टी से भरी पड़ी हैं। नियमित सफाई न होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। पानी लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सफाई कर्मचारी नालियों की ऊपरी सफाई करके कचरे को किनारे छोड़ जाते हैं, जिससे वह ढेर बनकर और अधिक बढ़ जाता है। कुछ वार्डों में स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सुबह पानी की सप्लाई शुरू होते ही जाम नालियां ओवरफ्लो होकर गलियों को गंदा कर देती हैं। कचरे के ढेरों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। बाजार क्षेत्र की गंदगी दुकानदारों के व्यापार को भी प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था तुरंत सुधारने की मांग की है।
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छह सफाई कर्मचारियों के बावजूद कचरा वहीं का वहीं
ग्राम पंचायत भले ही ओडीएफ मुक्त रोड़ी के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्थिति बिल्कुल उलट है। गांव में सफाई के लिए छह सफाई कर्मचारी, चार रिक्शे और गीला-सूखा कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार कालांवाली रोड के साथ बने निकासी नाले की सफाई करीब एक साल से नहीं हुई।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -ग्राम पंचायत और सफाई कर्मचारियों को सूचना दे दी है। गांव में जहां-जहां गंदगी है, वहां तुरंत प्रभाव से सफाई करवाई जाएगी।
- विष्णु वर्मा, पंचायत सचिव, बड़ागुड़ा
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गांव की कई गलियों की नालियां मिट्टी से भरी पड़ी हैं। नियमित सफाई न होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। पानी लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सफाई कर्मचारी नालियों की ऊपरी सफाई करके कचरे को किनारे छोड़ जाते हैं, जिससे वह ढेर बनकर और अधिक बढ़ जाता है। कुछ वार्डों में स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सुबह पानी की सप्लाई शुरू होते ही जाम नालियां ओवरफ्लो होकर गलियों को गंदा कर देती हैं। कचरे के ढेरों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। बाजार क्षेत्र की गंदगी दुकानदारों के व्यापार को भी प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था तुरंत सुधारने की मांग की है।
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छह सफाई कर्मचारियों के बावजूद कचरा वहीं का वहीं
ग्राम पंचायत भले ही ओडीएफ मुक्त रोड़ी के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्थिति बिल्कुल उलट है। गांव में सफाई के लिए छह सफाई कर्मचारी, चार रिक्शे और गीला-सूखा कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार कालांवाली रोड के साथ बने निकासी नाले की सफाई करीब एक साल से नहीं हुई।
- विष्णु वर्मा, पंचायत सचिव, बड़ागुड़ा

रोड़ी में कालांवाली रोड पर लगे कचरे के ढेर । संवाद।