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प्रीपेड मीटर इंस्टॉल करने का ठेका देने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगे, केस दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 09:21 PM IST
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Rs 20 lakh cheated in the name of giving contract to install prepaid meter, case registered
सिरसा। प्रीपेड मीटर इंस्टॉलमेंट के नाम पर कुछ लोगों ने रवि निवासी रिसालियाखेड़ा से 20 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर राम नारायण उर्फ अमृत निवासी जम्मू बस्ती अबोहर, डायरेक्टर/मैनेजर ईगल आई स्ट्डीज एजुुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट, कुलविंद्र निवासी मोहाली, रामनारायण के चैरिटेबल ट्रस्ट अन्य साझीदारों पर मामला दर्ज किया है।
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पुलिस को दी शिकायत में रवि ने बताया कि उसकी एक फर्म आरके मैन सप्लाई एंड सर्विस के नाम से मंडी डबवाली में है। उसकी फर्म ठेकेदारों के लिए लेबर का प्रबंध करती है। फर्म रजिस्टर्ड हैं और उसके वे दो मालिक हैं। एक जुलाई 2020 में उनके पास राम नारायण व कुलविंद्र सिंह मंडी डबवाली आए और कहा कि आप ठेकेदार हो। उनके पास हरियाणा में सिरसा जिला का हरियाणा सरकार की तरफ से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का ऑर्डर है। वह उनको मीटर इंस्टॉल करवाने का ठेका देना चाहते हैं। तो उन्होंने अपने पास राजेश निवासी मंडी डबवाली, नत्थुराम निवासी गांव रिसालिया खेड़ा व पूर्ण राम निवासी बसंत नगर अबोहर को भी बातचीत करने के लिए कहा। राम नारायण व कुलविंद्र सिंह ने कहा कि वह जब उनके साथ एग्रीमेंट करेंगे, उससे पहले उनको कागजी कार्रवाई के लिए 75 हजार रुपये देने होंगे। जो फर्म के खाते से उनको भेज दिए। राम नारायण ने फाइनल एग्रीमेंट 4 अगस्त 2020 को करने की बात कही और साथ ही कहा कि उनके पास हरियाणा सरकार की तरफ से बाकायदा लीगल परमिशन है कि वह उनको प्रीपेड स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने के लिए ठेका दे सकते हैं। उन्हें एक मीटर इंस्टॉल करने का 10 रुपये मिलना था और उन्होंने चार लाख मीटर सिरसा जिले के अंदर मुताबिक एग्रीमेंट इंस्टॉल करने थे। 4 अगस्त 2020 को उन्होंने मंडी डबवाली से दो हजार रुपये का स्टांप खरीदा, जो राम नारायण ने एग्रीमेंट लिखे जाने के लिए खरीदा था, लेकिन राम नारायण व कुलविंद्र सिंह ने टाइपिस्ट से एग्रीमेंट अंग्रेजी में टाइप करवा लिया। जबकि वह अंग्रेजी पढ़ना नहीं जानता। उसने नत्थुराम निवासी रिसालिया खेड़ा व पूर्ण राम निवासी बसंत नगर अबोहर के सामने इकरारनामा के लिए बुलाने लगा तो दोनों ने कहा कि किसी गवाह की कोई जरूरत नहीं। इकरारनामा के तहत उसने अपनी फर्म के खाते से 1.90 लाख रुपये आरोपियों के खाते में भेज दिए। इसके बाद राम नारायण ने अलग-अलग तारीखों में सात लाख रुपये जमा करवा दिए। जो उन्होंने प्रदीप माकड़ सिरसा से उधार लेकर दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि आप पेमेंट खाते में मत भेजो, इससे उनका काम बिगड़ जाएगा। पेमेंट आप नकद में दे दो। फिर उसने उनके कार्यालय में जाकर 4 लाख रुपये केश दे दिए। इस प्रकार 6-7 बार में आरोपियों ने 20 लाख रुपये उनसे ले लिए। जब वे मीटर इंस्टॉल करने के बारे पूछताछ करते तो टाल मटोल करने लगते। जब उन्होंने मीटर इंस्टॉल करने के बारे में सरकारी कार्यालय में जाकर पता किया तो पता चला कि इन लोगों के पास ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं था। वे कई दिनों तक उनसे संपर्क करते रहे, लेकिन न तो पेमेंट वापस की और न ही मीटर इंस्टॉलमेंट का कार्य दिलवाया। जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। डबवाली मंडी पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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