{"_id":"616870400f7a536555710ef6","slug":"roadways-employees-protest-against-service-rule-sirsa-news-hsr614438330","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्विस रूल के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्विस रूल के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने दिया धरना
विज्ञापन
प्रदर्शन करते सर्व कर्मचारी संघ से रोडवेज कर्मचारी। विज्ञप्ति
- फोटो : Sirsa
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। सर्विस रूल-2016 के विरोध में कर्मचारियों ने वीरवार को रोडवेज परिसर में सुबह 9 बजे से लेकर 3 बजे तक धरना लगाकर रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान मदनलाल खोथ, डबवाली डिपो प्रधान पृथ्वी चाहर ने की। जबकि मंच संचालन रोडवेज वर्कर्स यूनियन के चेयरमैन सुरजीत अरोड़ा ने किया।
यूनियन के चेयरमैन सुरजीत अरोड़ा, जिला प्रधान मदनलाल खोथ व राजेश भाकर ने बताया कि सरकार ने सर्विस रूल 2016 का हवाला देते हुए आदेश जारी किया गया है कि कर्मचारी अपने परिवार पर विशेष तौर पर नजर रखें कि कहीं वे किसी राजनीतिक गतिविधि में तो शामिल नहीं हो रहे है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर रोक लगा सकती है, लेकिन उनके परिवार के लोगों पर नहीं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय सर्विस रूल 2016 में है। उस वक्त भी इसका विरोध किया गया था। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार इस नियम को लागू कर कर्मचारियों में भय की स्थिति पैदा करना चाहती है, जोकि बर्दाश्त योग्य नहीं है। कर्मचारी के परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि कर्मचारी भी सरकार की नीतियों का विरोध कर सकते है। कोरोना महामारी के दौरान बसें खड़ी रहने के कारण विभाग को हुए घाटे की भरपाई के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया जाए। विभाग में बसें बढ़ाने खाली बड़े पदों पर पक्की भर्ती करने की मांग को दरकिनार कर विभाग को सिकोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
विभाग में किलोमीटर स्कीम व स्टेज कैरिज स्कीम 2016 रद्द करने प्रदेश की आबादी अनुसार विभाग में 14000 सरकारी बसें शामिल करने, निजीकरण ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग पॉलिसी पर पूर्ण रोक लगाने सरकार द्वारा 2004 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, परिचालकों का वेतनमान अपग्रेड करने कर्मशाला सहित सभी श्रेणियों के खाली पड़े पदों पर तुरंत पक्की भर्ती की जाए। इस मौके पर सरदार जोगेंद्र सिंह, चिमनलाल रिछपाल, आत्माराम, रामकुमार चुरनिया, सुरेश बाजेकां, कृष्ण सैनी, भीम चक्कां, बनारसी दास, फायर से राजेश झाझड़ा, राजेंद्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
यूनियन के चेयरमैन सुरजीत अरोड़ा, जिला प्रधान मदनलाल खोथ व राजेश भाकर ने बताया कि सरकार ने सर्विस रूल 2016 का हवाला देते हुए आदेश जारी किया गया है कि कर्मचारी अपने परिवार पर विशेष तौर पर नजर रखें कि कहीं वे किसी राजनीतिक गतिविधि में तो शामिल नहीं हो रहे है।
विज्ञापन
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर रोक लगा सकती है, लेकिन उनके परिवार के लोगों पर नहीं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय सर्विस रूल 2016 में है। उस वक्त भी इसका विरोध किया गया था। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार इस नियम को लागू कर कर्मचारियों में भय की स्थिति पैदा करना चाहती है, जोकि बर्दाश्त योग्य नहीं है। कर्मचारी के परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि कर्मचारी भी सरकार की नीतियों का विरोध कर सकते है। कोरोना महामारी के दौरान बसें खड़ी रहने के कारण विभाग को हुए घाटे की भरपाई के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया जाए। विभाग में बसें बढ़ाने खाली बड़े पदों पर पक्की भर्ती करने की मांग को दरकिनार कर विभाग को सिकोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
विभाग में किलोमीटर स्कीम व स्टेज कैरिज स्कीम 2016 रद्द करने प्रदेश की आबादी अनुसार विभाग में 14000 सरकारी बसें शामिल करने, निजीकरण ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग पॉलिसी पर पूर्ण रोक लगाने सरकार द्वारा 2004 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, परिचालकों का वेतनमान अपग्रेड करने कर्मशाला सहित सभी श्रेणियों के खाली पड़े पदों पर तुरंत पक्की भर्ती की जाए। इस मौके पर सरदार जोगेंद्र सिंह, चिमनलाल रिछपाल, आत्माराम, रामकुमार चुरनिया, सुरेश बाजेकां, कृष्ण सैनी, भीम चक्कां, बनारसी दास, फायर से राजेश झाझड़ा, राजेंद्र मौजूद रहे।