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Sirsa News: रेलवे पुल के नीचे पार्किंग बनाने में रेहड़ी यूनियन व अस्पताल संचालक आमने सामने, बैरंग लौटी नगर परिषद की टीम

Sun, 01 Sep 2024 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 01 Sep 2024 12:46 AM IST
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Rehri union and hospital operator face to face in making parking under the railway bridge, Nagar Parishad team returned empty handed
टीम के कार्रवाई के दौरान रेहड़ी वाले व अस्पताल के कर्मचारी बहस करते।   संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। बस स्टैंड के साथ लगते रेलवे पुल के नीचे लगने वाली रहेड़ियों के दोनों ओर दो-दो फुट कब्जा हटाकर पार्किंग बनाने की कवायद शुरू करने पहुंची नगर परिषद की टीम को विरोध के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा। रेहड़ी वाले और निजी अस्पतालों के चिकित्सक व उनके कर्मचारी आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहसबाजी हुई।

नगर परिषद की टीम सुबह साढ़े 11 बजे पुल के नीचे बनी सड़क के साथ दो-दो फुट जगह बनाने के लिए ग्रिल हटाने पहुंची। टीम ने सबसे पहले शौचालय का कार्य बंद करवाया। इसके बाद जब ग्रिल के साथ लगते सामान को हटाने लगे तो रेहड़ीवालों ने विरोध शुरू कर दिया। यूनियन के प्रधान महेंद्र कुमार व अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए। इसके बाद शिकायतकर्ता निजी अस्पताल के चिकित्सक व उनके स्टाफ मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्ष के बीच एक घंटे तक जमकर बहस हुई। विवाद की सूचना मिलने पर पहुंचे भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। उन्होंने कहा कि मामले को आपसी बातचीत से हल किया जाएगा।
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चिकित्सकों का कहना

इस मामले में शिकायत देने वाले चिकित्सकों का कहना है कि दोपहिया वाहनों के कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है। इससे एंबुलेंस में आने वाले गंभीर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जान का खतरा बन जाता है। उनकी मांग है कि पार्किंग के लिए जगह बनाकर दी जाए।
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अस्पताल की स्वयं की होनी चाहिए पार्किंग पर ज्यादातर की सड़क पर
यूनियन के प्रधान महेंद्र कुमार ने बताया कि 2012 में मार्केट बनी थी। उस दौरान अस्पतालों के पास अपनी पार्किंग की जगह थी और सड़क चौड़ी थी। उन्होंने अपनी जगहों पर दुकानें काटकर किराये पर चढ़ा दी। इस कारण सड़क छोटी हो गई। अस्पताल के नियमानुसार उनकी स्वयं की पार्किंग होती है। पुल के एक हिस्से में वाहनों की पार्किंग ही होती है। अधिकतर चिकित्सकों को कोई आपत्ति नहीं है। एक अस्पताल संचालक को ही ज्यादा परेशानी है। उन्होंने कहा कि शौचालय यूनियन स्वयं बना रही थी, क्योंकि शौच के लिए रहेड़ीवालों को रेलवे पटरी के पास जाना पड़ता था। शौचालय बनने से मरीजों के साथ आने वाले लोग, सब्जी लेने के लिए आने वाले ग्राहकों और रेहड़ी वालों को सुविधा मिल पाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर रेहड़ियों को नहीं हटाने दिया जाएगा, भले ही आंदोलन करना पड़े।


पूर्व में भी चिकित्सक ने उठाई थी मांग

एक माह पहले पुल के साथ बने हुए एक निजी अस्पताल के चिकित्सक ने उपायुक्त आरके सिंह को मांग पत्र सौंपा था। उन्होंने मांग की थी कि दो-दो फुट रेहड़ी वालों की जगह कम कर दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाए। उपायुक्त ने उन्हें जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल से मिलने के लिए भेजा था। जिला नगर आयुक्त कहा था कि इस मामले में मौका निरीक्षण करवाकर कार्रवाई की जाएगी।

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चिकित्सकों की ओर से दो-दो फुट पार्किंग की जगह बनाने की मांग की थी। रेहड़ी वालों को हटाया नहीं जा रहा है। दो फुट से उनके आने वाले दुपहिया वाहनों की व्यवस्था ही बनेगी। चिकित्सकों को इतना लाभ होगा कि उनकी एंबुलेंस जाम में नहीं फसेगी। मरीजों की जान का खतरा नहीं रहेगा। दोनों पक्षों से पुन: बातचीत कर समाधान करवाया जाएगा। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद


ये बोले सब्जी विक्रेता
एक अस्पताल के चिकित्सक तंग करते है। इनके अलावा कोई अस्पताल संचालक कुछ नहीं कहता। हमारा शौचालय नहीं बनते देते। अब कहते हैं कि 10-10 फुट जगह दोनों ओर से लेंगे। ऐसे में बीच में जगह कम होगी और सब्जी बेचना मुश्किल हो जाएगा। यह हमें यहां से हटाना चाहते हैं। अधिकारियों को हम नजर आते हैं, सामने बिल्डिंग बन रही है, उसकी भी पार्किंग नहीं है। उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। - प्रताप सिंह। सब्जी विक्रेता। फोटो -- 16




अस्पताल संचालक के साथ मिलकर अधिकारी खेल खेल रहे हैं। पार्किंग के नाम पर रहेड़ियां हटाना चाहते हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, भले ही आंदोलन करना पड़े। - मनोज कुमार, सब्जी विक्रेता। फोटो -- 17
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