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गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, बच्चों की स्वास्थ्य जांच न होने से कुपोषण का खतरा बढ़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 11:24 PM IST
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Registration of pregnant women, lack of health check-up of children increases the risk of malnutrition
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चे का वजन और हाइट नापते हुए। - फोटो : Sirsa
सिरसा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए न तो गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हो पा रहा है और न ही नवजात बच्चों की पोषण और स्वास्थ्य की जांच हो रही है। तय समय पर होने वाला टीकाकरण कार्य भी प्रभावित है। ऐसे में कुपोषित बच्चों का आंकड़ा बढ़ने का खतरा है। क्योंकि 98 दिन से सभी खंडों के 1400 आंगनबाड़ी केंद्र पर ताले लटके हैं।
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कुपोषण को दूर करने के लिए जिन 1500 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की ड्यूटी है वे 8 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। इससे जिले के करीब 60 हजार बच्चे और करीब 6 हजार महिलाएं सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित है। जांच न होने से कुपोषण का आंकड़ों के अनुसार हर माह औसतन 80 बच्चे कुपोषित मिलते हैं। बच्चों और महिलाओं को पोषण के लिए दिया जाने वाला राशन वितरण कार्य, किशोरियों से संबंधित कार्य और प्री स्कूल जैसी सुविधा भी ठप है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी व्यवस्था को सुचारु नहीं कर पा रहे है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था की है लेकिन उनकी व्यवस्था से चंद केंद्रों पर पंजीकरण बच्चों और महिलाओं को ही कुछ मिलेगी, जबकि अन्य सभी सुविधाओं से वंचित है।
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19 सुपरवाइजर के सहारे 1500 वर्कर्स व हेल्पर्स का काम
वैकल्पिक व्यवस्था में विभाग की ओर से सभी खंडों की 19 सुपरवाइजर को फील्ड में उतारा गया है। दावा है कि इनके माध्यम से राशन भी वितरित हो रहा है और अन्य काम भी करवाए जा रहे है। जबकि सभी केंद्रों का संचालन तीन हजार हेल्पर्स व वर्कर्स भी बेहतर ढंग से नहीं कर पाती है। क्योंकि कई पद खाली है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि न तो उन्हें तीन माह से राशन मिला है। और न ही कोई अन्य योजना का लाभ। केंद्रों पर ताले लटके है। छोटे कार्य के लिए भी उन्हें मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
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150 दिनों में पंजीकरण करना जरूरी
गर्भधारण करने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सही खानपान के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। पात्र महिला को गर्भधारण के लिए 150 दिन के भीतर पंजीकरण पत्र आवश्यक दस्तावेज के साथ जमा करवाने पर पहली किश्त का भुगतान होता है।

24 वर्कर्स व हेल्पर्स की जा चुकी हैं बर्खास्त
हड़ताल के दौरान वर्कर्स को संबंधित सीडीपीओ की ओर से दो बार नोटिस भी जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद भी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज न कराने पर 24 वर्कर्स व हेल्पर्स को अब तक बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं करीब सभी कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे गए है। यदि हड़ताल लंबी चली तो और वर्कर्स भी बर्खास्त होंगी। यूनियन कार्यकारी प्रधान शकुंतला का कहना है कि सरकार को मांगे पूरी करके हड़ताल खत्म करानी चाहिए। नियम के अनुसार गर्भवती महिला और नवजात बच्चे की हर माह वजन और स्वास्थ्य जांच होती है। इसका रिकॉर्ड भी रखा जाता है। कुपोषित बच्चे की हर सप्ताह वजन और स्वास्थ्य जांच जरूरी है।
ये होते है आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्य
- गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकरण
- माताओं और नवजात बच्चों के वजन की जांच। इसमें कुपोषित बच्चे की जांच हर सप्ताह और सामान्य बच्चे व गर्भवती के वजन की जांच हर माह होती है।
- किशोरियों की देखरेख करती है, उन्हें घर पर सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाते हैं।
- प्रसव पूर्व, प्रसव पश्चात स्वास्थ्य, बाल विकास, शिक्षा, शिशुओं के टीकाकरण इत्यादि सुविधाएं भी दी जाती है।
सीडीपीओ व सुपरवाइजरों द्वारा महिलाओं व बच्चों को राशन वितरित किया जा रहा है। किसी प्रकार कोई दिक्कत नहीं है।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सिरसा।
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