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Sirsa News: सीडीएलयू में एसआर रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई गई
Wed, 12 Aug 2026 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:49 PM IST
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विद्यार्थियों को पुस्तकालय से जुड़ने का आह्वान
फोटो-- - 8
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के विवेकानंद पुस्तकालय में बुधवार को एसआर रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई गई। उन्हें भारत में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान का जनक माना जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकालयों के महत्व और ज्ञान के प्रसार के प्रति जागरूक करना था।
कुलसचिव सुनील कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधरोपण और हवन से हुआ। हवन में विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना की गई। सुनील कुमार ने कहा कि रंगनाथन ने पुस्तकालय को ज्ञान के लोकतांत्रिक प्रसार का माध्यम बनाया।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका व्यापक हुई है। ई-पुस्तकों और ऑनलाइन संसाधनों ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है। विश्वविद्यालय पुस्तकालय अपनी सेवाओं को आधुनिक बना रहा है।
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डीन अकादमिक अफेयर्स सुशील कुमार ने शैक्षणिक उत्कृष्टता में पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। लाइब्रेरियन अशोक मलिक ने रंगनाथन के अमूल्य योगदान और उनके पांच सूत्रों को याद किया। डिप्टी लाइब्रेरियन राजीव विज ने रंगनाथन के जीवन पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम कुलगुरु विजय कुमार के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की छात्रा तनु को माह के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालय उपयोगकर्ता का पुरस्कार दिया गया।
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के विवेकानंद पुस्तकालय में बुधवार को एसआर रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई गई। उन्हें भारत में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान का जनक माना जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकालयों के महत्व और ज्ञान के प्रसार के प्रति जागरूक करना था।
कुलसचिव सुनील कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधरोपण और हवन से हुआ। हवन में विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना की गई। सुनील कुमार ने कहा कि रंगनाथन ने पुस्तकालय को ज्ञान के लोकतांत्रिक प्रसार का माध्यम बनाया।
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उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका व्यापक हुई है। ई-पुस्तकों और ऑनलाइन संसाधनों ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है। विश्वविद्यालय पुस्तकालय अपनी सेवाओं को आधुनिक बना रहा है।
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डीन अकादमिक अफेयर्स सुशील कुमार ने शैक्षणिक उत्कृष्टता में पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। लाइब्रेरियन अशोक मलिक ने रंगनाथन के अमूल्य योगदान और उनके पांच सूत्रों को याद किया। डिप्टी लाइब्रेरियन राजीव विज ने रंगनाथन के जीवन पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम कुलगुरु विजय कुमार के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की छात्रा तनु को माह के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालय उपयोगकर्ता का पुरस्कार दिया गया।