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राजतिलक के साथ राम की लीला हुई संपन्न
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राज्यभिषेक के दौरान उपस्थित कलाकार व अन्य
- फोटो : Sirsa
सिरसा। श्री रामा क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट के 72वें रामलीला महोत्सव की कड़ी में भगवान राम के राजतिलक की लीला का मंचन किया गया। क्लब के प्रधान अश्वनी बठला, महासचिव गुलशन गाबा व अन्य पदाधिकारियों ने विधि पूर्वक भगवान राम का पूजन किया और चांदी के सिक्के से राजतिलक किया। बाद में शुभ सिक्के की बोली करवाई गई जो कि सिरसा निवासी कार्तिक कालड़ा ने सबसे अधिक 71 हजार रुपये की बोली देकर हासिल किया।
रामलीला मंचन में लंका पर विजय के बाद भगवान राम विभीषण को लंका का राजा बनाते है। लक्ष्मण विभीषण का राजतिलक करवाते हैं। उसके पश्चात वे सीता को लेकर राम के पास पहुंचते है। जहां सीता की अग्नि परीक्षा होती है। अग्नि परीक्षा के बाद हनुमान भगवान राम के आगमन का संदेश लेकर अयोध्या जाते हैं। उधर अयोध्या में वनवास की अवधि में एक दिन शेष रहने के बावजूद राम के न आने पर भरत अधीर दिखाई देते है और कहते है कि अगर राम नहीं आए तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इसी दौरान हनुमान उन्हें प्रभु राम के आने का शुभ समाचार सुनाते हैं। अयोध्या में आने पर भरत और राम का मिलन होता है। इसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया जाता है। इस अवसर पर क्लब सदस्यों ने मिठाई व प्रसाद वितरित कर खुशी मनाई।
एक लाख दो हजार रुपये में बिका श्रीराम के राजतिलक का सिक्का
सिरसा। श्री विष्णु क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का श्रीराम के राजतिलक के साथ ही समापन हो गया। समापन कार्यक्रम के मौके पर बतौर मुख्यातिथि सिटी थाना प्रभारी ईश्वर सिंह पहुंचे। इस मौके पर ट्रस्ट के प्रधान अजय ऐलावादी ने बताया कि चांदी के सिक्के से भगवान राम का राजतिलक किया गया। राजतिलक किए गए सिक्के की बोली लगाई गई, जिसे सन्नी सहगल ने 1 लाख 2 हजार में खरीदा। प्रधान ने रामलीला व दशहरा महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन, नगर परिषद, जिला वासियों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व रामलीला मंचन हुआ, जिसमें लंका पर विजय के बाद भगवान राम विभीषण को लंका का राजा बनाते है। लक्ष्मण विभीषण का राजतिलक करवाते हैं। उसके पश्चात वे सीता को लेकर राम के पास पहुंचते है। जहां सीता की अग्नि परीक्षा होती है। अग्नि परीक्षा के बाद हनुमान भगवान राम के आगमन का संदेश लेकर अयोध्या जाते है। अयोध्या में आने पर भरत और राम का मिलन होता है।
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रामलीला मंचन में लंका पर विजय के बाद भगवान राम विभीषण को लंका का राजा बनाते है। लक्ष्मण विभीषण का राजतिलक करवाते हैं। उसके पश्चात वे सीता को लेकर राम के पास पहुंचते है। जहां सीता की अग्नि परीक्षा होती है। अग्नि परीक्षा के बाद हनुमान भगवान राम के आगमन का संदेश लेकर अयोध्या जाते हैं। उधर अयोध्या में वनवास की अवधि में एक दिन शेष रहने के बावजूद राम के न आने पर भरत अधीर दिखाई देते है और कहते है कि अगर राम नहीं आए तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इसी दौरान हनुमान उन्हें प्रभु राम के आने का शुभ समाचार सुनाते हैं। अयोध्या में आने पर भरत और राम का मिलन होता है। इसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया जाता है। इस अवसर पर क्लब सदस्यों ने मिठाई व प्रसाद वितरित कर खुशी मनाई।
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एक लाख दो हजार रुपये में बिका श्रीराम के राजतिलक का सिक्का
सिरसा। श्री विष्णु क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का श्रीराम के राजतिलक के साथ ही समापन हो गया। समापन कार्यक्रम के मौके पर बतौर मुख्यातिथि सिटी थाना प्रभारी ईश्वर सिंह पहुंचे। इस मौके पर ट्रस्ट के प्रधान अजय ऐलावादी ने बताया कि चांदी के सिक्के से भगवान राम का राजतिलक किया गया। राजतिलक किए गए सिक्के की बोली लगाई गई, जिसे सन्नी सहगल ने 1 लाख 2 हजार में खरीदा। प्रधान ने रामलीला व दशहरा महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन, नगर परिषद, जिला वासियों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व रामलीला मंचन हुआ, जिसमें लंका पर विजय के बाद भगवान राम विभीषण को लंका का राजा बनाते है। लक्ष्मण विभीषण का राजतिलक करवाते हैं। उसके पश्चात वे सीता को लेकर राम के पास पहुंचते है। जहां सीता की अग्नि परीक्षा होती है। अग्नि परीक्षा के बाद हनुमान भगवान राम के आगमन का संदेश लेकर अयोध्या जाते है। अयोध्या में आने पर भरत और राम का मिलन होता है।

रामलीला मंच पर भगवान राम का राजतिलक करते क्लब सदस्य- फोटो : Sirsa
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