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इथेनॉल फैक्टरी का एमओयू रद्द करे राजस्थान सरकार : औलख
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सिरसा। एथनोल फक्टरी को लेकर प्रदर्शन करते हुए किसान। संवाद
सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (भारत) की पंजाब, हरियाणा व राजस्थान चैप्टर की मोर्चे से जुड़ी हुई किसान जथेबंदियों ने टिब्बी में चल रहे इथेनॉल फैक्ट्री हटाओ क्षेत्र बचाओ मोर्चे में पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया। लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि पंजाब में हरियाणा से किसान रतनपुरा कैंचियां (संगरिया) एकत्रित हुए।
वहां से गाड़ियों व बसों के काफिले के साथ टिब्बी (हनुमानगढ़) में चल रहे मोर्चे में पहुंचे। औलख ने कहा कि राजस्थान सरकार इथेनॉल फैक्टरी मालिकों की कठपुतली बनकर काम कर रही है, पूरा क्षेत्र फैक्टरी के विरोध में है। सबसे ज्यादा उपजाऊ क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी इथेनॉल फैक्टरी लगाकर किसानों को उजाड़ा जा रहा है।
विरोध में क्रांतिकारी किसान नेता महंगा सिद्धू व पूरे क्षेत्र के लोगों की ओर से आंदोलन शुरू किया गया। बार-बार राजस्थान सरकार की ओर से आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने 16 महीनों से शांतमई चल रहे धरने को भारी पुलिस बल के साथ रातों-रात उठा दिया।उन्होंने कहा कि महंगा सिद्धू व कई अन्य नौजवानों और किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उन्हें जेलों में भेज दिया गया।
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आंदोलनकारियों को डराने के लिए महंगा सिद्धू पर 307 जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया, जिसे लोगों के दबाव के चलते सरकार को रिहा करना पड़ा। आज एसकेएम गैर राजनीतिक से इंद्रजीत सिंह कोटबुढा, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, लखविंदर सिंह औलख, सुखजिंदर सिंह खोसा, गुरिंदर सिंह भंगू, कुलदीप सिंह औलख, हीरा सिंह, सुभाष झोरड़, भूपेंद्र सिंह, मुख्तार सिंह, मनजीत सिंह ने अपने-अपने विचार रखे।
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वहां से गाड़ियों व बसों के काफिले के साथ टिब्बी (हनुमानगढ़) में चल रहे मोर्चे में पहुंचे। औलख ने कहा कि राजस्थान सरकार इथेनॉल फैक्टरी मालिकों की कठपुतली बनकर काम कर रही है, पूरा क्षेत्र फैक्टरी के विरोध में है। सबसे ज्यादा उपजाऊ क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी इथेनॉल फैक्टरी लगाकर किसानों को उजाड़ा जा रहा है।
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विरोध में क्रांतिकारी किसान नेता महंगा सिद्धू व पूरे क्षेत्र के लोगों की ओर से आंदोलन शुरू किया गया। बार-बार राजस्थान सरकार की ओर से आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने 16 महीनों से शांतमई चल रहे धरने को भारी पुलिस बल के साथ रातों-रात उठा दिया।उन्होंने कहा कि महंगा सिद्धू व कई अन्य नौजवानों और किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उन्हें जेलों में भेज दिया गया।
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आंदोलनकारियों को डराने के लिए महंगा सिद्धू पर 307 जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया, जिसे लोगों के दबाव के चलते सरकार को रिहा करना पड़ा। आज एसकेएम गैर राजनीतिक से इंद्रजीत सिंह कोटबुढा, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, लखविंदर सिंह औलख, सुखजिंदर सिंह खोसा, गुरिंदर सिंह भंगू, कुलदीप सिंह औलख, हीरा सिंह, सुभाष झोरड़, भूपेंद्र सिंह, मुख्तार सिंह, मनजीत सिंह ने अपने-अपने विचार रखे।