{"_id":"69da8c2ed9536e24a301e211","slug":"punishment-terminated-sirsa-news-c-128-1-sir1004-156451-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: निचली अदालत का फैसला रद्द, आरोपी को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: निचली अदालत का फैसला रद्द, आरोपी को मिली राहत
Sat, 11 Apr 2026 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मई 2023 में कोर्ट ने सुनाई थी एक साल कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चेक बाउंस के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को रद्द कर आरोपी को बरी कर दिया। आरोपी मलकीत सिंह, निवासी गांव गंगा को निचली अदालत ने 22 मई 2023 को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की कैद और शिकायतकर्ता बैंक को दो लाख दस हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ मलकीत सिंह ने 20 जून 2023 को सत्र न्यायालय में अपील दायर की। मामले की सुनवाई के बाद 9 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजन वालिया ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए आरोपी को आरोपों से मुक्त कर दिया।
मामले के अनुसार, मलकीत सिंह ने द सिरसा डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड की मंडी डबवाली शाखा से 2 लाख 20 हजार 225 रुपये का ऋण लिया था। निर्धारित समय तक ऋण न चुकाने पर उस पर ब्याज सहित 2 लाख 78 हजार 406 रुपये बकाया हो गए।
विज्ञापन
इसके बाद 20 अगस्त 2018 को उसने बैंक को एक लाख पांच हजार रुपये का चेक दिया, जो 29 अगस्त 2018 को बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद बैंक ने उसके खिलाफ न्यायालय में केस दायर कर दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चेक बाउंस के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को रद्द कर आरोपी को बरी कर दिया। आरोपी मलकीत सिंह, निवासी गांव गंगा को निचली अदालत ने 22 मई 2023 को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की कैद और शिकायतकर्ता बैंक को दो लाख दस हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ मलकीत सिंह ने 20 जून 2023 को सत्र न्यायालय में अपील दायर की। मामले की सुनवाई के बाद 9 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजन वालिया ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए आरोपी को आरोपों से मुक्त कर दिया।
विज्ञापन
मामले के अनुसार, मलकीत सिंह ने द सिरसा डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड की मंडी डबवाली शाखा से 2 लाख 20 हजार 225 रुपये का ऋण लिया था। निर्धारित समय तक ऋण न चुकाने पर उस पर ब्याज सहित 2 लाख 78 हजार 406 रुपये बकाया हो गए।
विज्ञापन
इसके बाद 20 अगस्त 2018 को उसने बैंक को एक लाख पांच हजार रुपये का चेक दिया, जो 29 अगस्त 2018 को बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद बैंक ने उसके खिलाफ न्यायालय में केस दायर कर दिया।