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Sirsa News: नहरी पानी की किल्लत को लेकर धरना जारी
Mon, 22 Sep 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 22 Sep 2025 10:53 PM IST
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डबवाली। चौटाला माइनर पर धरने पर बैठे किसान। संवाद
डबवाली। चौटाला माइनर के अंतिम छोर पर नहरी पानी की किल्लत को लेकर किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर आम आदमी पार्टी की नेता सरोज मानव ने पहुंचकर किसानों को अपना समर्थन दिया।
किसानों के हाईवे जाम की घोषणा करने के बाद चौटाला चौकी इंचार्ज आनंद बेनीवाल, सीआईडी डबवाली टीम, और संबंधित विभाग के अधिकारी किसानों से वार्ता के लिए मौके पर पहुंचे।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक चली वार्ता की। इस दौरान किसानों ने अपनी 10 मुख्य मांगें उनके समक्ष रखीं। इनमें नहर से जुड़े एसडीओ ,जेई और बेलदार के तबादले की प्रमुख मांग भी शामिल थी। इस पर कार्यकारी अधिकारी ने असमर्थता जताई, जिससे किसानों की नाराजगी बढ़ गई।
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किसानों ने आरोप लगाया कि पीछे के वाटर बॉक्स (मोगों) को बंद करके नहर के टेल पर पानी दिखाने की कोशिश की गई। जब कार्यकारी अधिकारी किसानों के साथ टेल पर पहुंचे, तो चार हिस्से पानी देखकर किसानों ने विरोध जताया।
इसके बाद टीम किसानों को लेकर पीछे के मोगे जांचने गई। टीम लौटते ही नहर में पानी फिर आधा हो गया। इसी बात को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद भी अधिकारियों ने किसानों को मनाने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। किसान अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि पीने और सिंचाई के लिए स्थायी और पारदर्शी समाधान दिया जाए। वर्तमान एसडीओ और जेई व बेलदार को हटाया जाए।
इस दौरान दयाराम उलाणिया, सरोज मानव , सुभाष सुथार, नीरज सहारण, गणेशीलाल आदि मौजूद रहे।
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किसानों के हाईवे जाम की घोषणा करने के बाद चौटाला चौकी इंचार्ज आनंद बेनीवाल, सीआईडी डबवाली टीम, और संबंधित विभाग के अधिकारी किसानों से वार्ता के लिए मौके पर पहुंचे।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक चली वार्ता की। इस दौरान किसानों ने अपनी 10 मुख्य मांगें उनके समक्ष रखीं। इनमें नहर से जुड़े एसडीओ ,जेई और बेलदार के तबादले की प्रमुख मांग भी शामिल थी। इस पर कार्यकारी अधिकारी ने असमर्थता जताई, जिससे किसानों की नाराजगी बढ़ गई।
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किसानों ने आरोप लगाया कि पीछे के वाटर बॉक्स (मोगों) को बंद करके नहर के टेल पर पानी दिखाने की कोशिश की गई। जब कार्यकारी अधिकारी किसानों के साथ टेल पर पहुंचे, तो चार हिस्से पानी देखकर किसानों ने विरोध जताया।
इसके बाद टीम किसानों को लेकर पीछे के मोगे जांचने गई। टीम लौटते ही नहर में पानी फिर आधा हो गया। इसी बात को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद भी अधिकारियों ने किसानों को मनाने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। किसान अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि पीने और सिंचाई के लिए स्थायी और पारदर्शी समाधान दिया जाए। वर्तमान एसडीओ और जेई व बेलदार को हटाया जाए।
इस दौरान दयाराम उलाणिया, सरोज मानव , सुभाष सुथार, नीरज सहारण, गणेशीलाल आदि मौजूद रहे।