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Sirsa News: फर्जी टोकन नंबर देकर रजिस्ट्री के नाम पर हड़प लिए लाखों रुपये, प्रॉपर्टी डीलर पर केस दर्ज
Mon, 12 May 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 12 May 2025 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। फर्जी टोकन नंबर देकर स्टांप ड्यूटी और विकास शुल्क की राशि हड़पने के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान सुखसागर कॉलोनी निवासी गुरचरण सिंह के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत पर थाना मॉडल टाउन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रीत सागर कॉलोनी निवासी कमल किशोर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने मेहनत की कमाई से एक मकान खरीदा था। इस सौदे की मध्यस्थता आरोपी गुरचरण सिंह ने की थी। इकरारनामा के अनुसार तयशुदा राशि आरोपी को अदा कर दी गई थी। आरोपी ने रजिस्ट्री के नाम पर 9 नवंबर 2024 को विकास शुल्क के तौर पर 21 हजार रुपये अपने खाते में जमा करवाए। इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को स्टांप फीस के रूप में एक लाख रुपये की राशि भी बैंक के जरिए उसके खाते में ट्रांसफर की गई।
कमल किशोर के अनुसार, 20 और 26 दिसंबर को आरोपी ने दो टोकन नंबर भेजे, जो बाद में जांच में फर्जी निकले। इन टोकनों की आड़ में आरोपी ने कहा कि डीआरओ द्वारा संबंधित क्षेत्र की रजिस्ट्री नहीं हो रही, जिससे शंका हुई। जब वह अपने परिचितों के साथ आरोपी की दुकान पर गया, तो वह बहाने बनाने लगा। इस पर जांच की गई तो पता चला कि अभी तक स्टांप ड्यूटी की खरीद ही नहीं हुई थी।
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बाद में पंचायत की मौजूदगी में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टोकन नंबर जारी किए और प्रार्थी को धोखे में रखकर राशि खुर्दबुर्द की। इसके बाद आरोपी ने 23 जून 2023 को ‘फुल एंड फाइनल पेमेंट’ के तहत इकरारनामा की पूरी राशि चुकाई, जिस पर उसने खुद गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
कमल किशोर का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी ने उसे फिर धोखा देते हुए विक्रेता को 50 हजार रुपये कम अदा किए, जिससे अब विक्रेता ने रजिस्ट्री से इनकार कर दिया और सिविल सूट दायर कर दिया है। इस पूरे प्रकरण से उसे मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सिरसा। फर्जी टोकन नंबर देकर स्टांप ड्यूटी और विकास शुल्क की राशि हड़पने के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान सुखसागर कॉलोनी निवासी गुरचरण सिंह के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत पर थाना मॉडल टाउन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रीत सागर कॉलोनी निवासी कमल किशोर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने मेहनत की कमाई से एक मकान खरीदा था। इस सौदे की मध्यस्थता आरोपी गुरचरण सिंह ने की थी। इकरारनामा के अनुसार तयशुदा राशि आरोपी को अदा कर दी गई थी। आरोपी ने रजिस्ट्री के नाम पर 9 नवंबर 2024 को विकास शुल्क के तौर पर 21 हजार रुपये अपने खाते में जमा करवाए। इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को स्टांप फीस के रूप में एक लाख रुपये की राशि भी बैंक के जरिए उसके खाते में ट्रांसफर की गई।
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कमल किशोर के अनुसार, 20 और 26 दिसंबर को आरोपी ने दो टोकन नंबर भेजे, जो बाद में जांच में फर्जी निकले। इन टोकनों की आड़ में आरोपी ने कहा कि डीआरओ द्वारा संबंधित क्षेत्र की रजिस्ट्री नहीं हो रही, जिससे शंका हुई। जब वह अपने परिचितों के साथ आरोपी की दुकान पर गया, तो वह बहाने बनाने लगा। इस पर जांच की गई तो पता चला कि अभी तक स्टांप ड्यूटी की खरीद ही नहीं हुई थी।
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बाद में पंचायत की मौजूदगी में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टोकन नंबर जारी किए और प्रार्थी को धोखे में रखकर राशि खुर्दबुर्द की। इसके बाद आरोपी ने 23 जून 2023 को ‘फुल एंड फाइनल पेमेंट’ के तहत इकरारनामा की पूरी राशि चुकाई, जिस पर उसने खुद गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
कमल किशोर का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी ने उसे फिर धोखा देते हुए विक्रेता को 50 हजार रुपये कम अदा किए, जिससे अब विक्रेता ने रजिस्ट्री से इनकार कर दिया और सिविल सूट दायर कर दिया है। इस पूरे प्रकरण से उसे मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।