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Sirsa News: शव कम पैसे में ले जाने पर राजकीय अस्पताल में भिड़े निजी एंबुलेंस संचालक

Sat, 20 Apr 2024 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 20 Apr 2024 12:01 AM IST
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Private ambulance operators clash with government hospital for taking dead body for less money
सिरसा। शहर के नागरिक अस्पताल में शवगृह के बाहर दो निजी एंबुलेंस संचालक अबूबशहर शव छोड़कर आने को लेकर आपस में उलझ गए। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक जमकर हाथापाई हुई। जिसमें दोनों एंबुलेंस संचालकों को चोटें आईं। दोनों को नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल किया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों में कम रेट में शव ले जाने को लेकर झगड़ा हुआ और इसके बाद दोनों में हाथापाई हो गई।
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हैरानी की बात है नागरिक अस्पताल के अंदर निजी एंबुलेंस खड़ी नहीं हो सकती है। उसके बाद भी अस्पताल परिसर में 10 के करीब निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की नजर इन पर नहीं जाती। जबकि ये एंबुलेंस अस्पताल के मुख्य गेट के साथ एंट्री पर ही खड़ी देखी जा सकती हैं। बता दें कि सरकारी एंबुलेंस में 30 किलोमीटर के लिए मरीजों से 500 रुपये चार्ज किए जाते हैं। वहीं प्राइवेट एंबुलेंस वाले 1500 से 2000 हजार रुपये लेते हैं। सरकारी एंबुलेंस वाले कई बार अस्पताल प्रशासन से शिकायत कर इन्हें बाहर करवाने की मांग कर चुके हैं। उसके बाद इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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यह है मामला
शुक्रवार को नागरिक अस्पताल के शवगृह से गांव अबूबशहर में शव को छोड़कर आने के बाद दो निजी एंबुलेंस चालकों में विवाद हो गया। दोनों के बीच शव को छोड़कर आने के लिए पैसे कम लेने को लेकर झगड़ा हुआ। घायल सीताराम ने बताया कि चालक राजेश कुमार नशा करता है और अक्सर नशे में ही गाड़ी चलता है। वह कहता है कि तू कम रेट पर क्यों जाता है, ज्यादा पैसे लिया कर। उसने राजेश की बात मानने से इन्कार कर दिया और कहा कि वह ज्यादा पैसे नहीं लेगा। इस बात से नाराज होकर राजेश ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वहीं राजेश कुमार ने बताया कि वह एंबुलेंस और प्राइवेट गाड़ी चलता है। वह किसी दूसरे साथी को गाड़ी देने के लिए आया था। ऐसे जैसे ही नागरिक अस्पताल में शवगृह के पास पहुंचा तो सीताराम ने उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान एक महिला भी उसके साथ उलझने लगी और उसने उसके कपड़े फाड़ दिए।
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निजी एंबुलेंस वाले अस्पताल में माहौल खराब करते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से मांग है कि प्राइवेट एंबुलेंस अस्पताल परिसर से बाहर होनी चाहिए। ताकि अस्पताल में माहौल न खराब हो।
-सुरेंद्र बैनीवाल, प्रधान एंबुलेंस एसोसिएशन
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