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Sirsa News: तीन माह से नहीं मिला प्राथमिक शिक्षकों को वेतन, जताया रोष
Fri, 31 May 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 31 May 2024 12:11 AM IST
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बैठक करते शिक्षक।
सिरसा। प्राथमिक शिक्षकों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन न मिलने के विरोध स्वरूप वीरवार को जाट धर्मशाला में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान विजय शर्मा ने की।
जिला प्रधान ने कहा कि मार्च व अप्रैल माह में विभाग द्वारा 2004, 2008 व 2011 बैच के प्राथमिक शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया गया था तथा 2017 बैच के प्राथमिक शिक्षकों को गृह जिला आबंटित किए गए थे। जिसके बाद जिले में ये स्थिति उत्पन्न हुई कि यहां के अनेक विद्यालयों में एमआईएस पर अध्यापकों के संख्या अनुसार रिक्त पद न होने की स्थिति में वेतन जारी नहीं हो पाया। जैसे ही यह विषय संगठन के संज्ञान में आया संगठन ने तुरंत जिला कार्यालय के समक्ष व राज्य कार्यकारिणी के समक्ष भी यह विषय रखा।
राज्य व जिलास्तर पर तुरंत पत्र जारी कर सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को यह निर्देश जारी किए गए कि अपने-अपने खंड में अन्य विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध वेतन निकलवा दिया जाए। परंतु यह आदेश भी केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गए। पत्र जारी होने के लगभग दो माह बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है व अध्यापक अभी भी अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि आगामी दो दिन में अध्यापकों की वेतन संबंधी समस्या का हल नहीं निकलता है तो संगठन को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी प्रतिनिधि तिलक भारद्वाज, जिला महासचिव विजय सहारण, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र ढिल्लो, जिला वरिष्ठ उपप्रधान प्रेम चंद, खंड प्रधान संदीप रूंडला, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे।
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जिला प्रधान ने कहा कि मार्च व अप्रैल माह में विभाग द्वारा 2004, 2008 व 2011 बैच के प्राथमिक शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया गया था तथा 2017 बैच के प्राथमिक शिक्षकों को गृह जिला आबंटित किए गए थे। जिसके बाद जिले में ये स्थिति उत्पन्न हुई कि यहां के अनेक विद्यालयों में एमआईएस पर अध्यापकों के संख्या अनुसार रिक्त पद न होने की स्थिति में वेतन जारी नहीं हो पाया। जैसे ही यह विषय संगठन के संज्ञान में आया संगठन ने तुरंत जिला कार्यालय के समक्ष व राज्य कार्यकारिणी के समक्ष भी यह विषय रखा।
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राज्य व जिलास्तर पर तुरंत पत्र जारी कर सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को यह निर्देश जारी किए गए कि अपने-अपने खंड में अन्य विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध वेतन निकलवा दिया जाए। परंतु यह आदेश भी केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गए। पत्र जारी होने के लगभग दो माह बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है व अध्यापक अभी भी अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि आगामी दो दिन में अध्यापकों की वेतन संबंधी समस्या का हल नहीं निकलता है तो संगठन को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी प्रतिनिधि तिलक भारद्वाज, जिला महासचिव विजय सहारण, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र ढिल्लो, जिला वरिष्ठ उपप्रधान प्रेम चंद, खंड प्रधान संदीप रूंडला, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे।
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