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Sirsa News: प्रभनूर ने 20 सेकंड में 111 स्थानों का पजल सुलझा बनाया विश्व रिकाॅर्ड, ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज करवाया अपना नाम
Sun, 08 Dec 2024 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 08 Dec 2024 12:32 AM IST
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रिकॉर्ड बुक की ओर से मिला सम्मान चिह्न दिखाते प्रभनूर और दीपक कुमार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर निवासी दीपक कुमार के 13 वर्षीय बेटे प्रभनूर ने अपनी काबिलियत से रूबिक क्यूब खेल से 20 से कम सेकेंड में 111 स्थानों का पजल (पहेली) सुलझाने का विश्व रिकाॅर्ड अपने नाम दर्ज किया है। ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से प्रभनूर को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। बेटे प्रभनूर की इस सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। इसके लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने परिजनों को बधाई दी है।
शौकिया तौर पर शुरू किया था रूबिक क्यूब खेल
प्रभनूर के पिता दीपक कुमार ने बताया कि उनका बेटा प्रभनूर सेंट जोसेफ स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है। पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही वह क्रिकेट और शतरंज का भी शौकीन है। दीपक बताते हैं कि प्रभनूर पिछले करीब छह माह से कोच राकेश फुटेला के पास प्रशिक्षण ले रहे हैं। शुरुआत में वह शौकिया तौर पर वह खेलते थे लेकिन धीरे-धीरे रुचि बढ़ने पर वह खेल के प्रति समर्पित हो गए। जब उन्होंने इस खेल को चैलेंज के रूप में लिया तो इसे कम से कम समय में सुलझाने की ठान ली थी। इसके लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। जब उन्हें पता चला कि विश्वभर में जूनियर रूबिक क्यूब हल करने की प्रतियोगिता हो रही है। इसके बाद उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपना भी नाम दर्ज कराया। वहां विश्वभर से सैकड़ों खिलाड़ियों के बीच ऑनलाइन मुकाबला कराया गया। इन सभी को ऑनलाइन पजल दिखाया गया। इन्हें तय समय में सुलझाने का लक्ष्य दिया गया। प्रभनूर ने 20 सेकेंड से कम समय में पहेली सुलझाकर नया कीर्तिमान बनाया। माता अंजू बाला का कहना है कि आजकल अधिकतर बच्चे मोबाइल गेम्स, रील्स और यूट्यूब देखने में व्यस्त रहते हैं लेकिन प्रभनूर ने इस उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर परिजनों को गौरवान्वित किया है।
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सिरसा। शहर निवासी दीपक कुमार के 13 वर्षीय बेटे प्रभनूर ने अपनी काबिलियत से रूबिक क्यूब खेल से 20 से कम सेकेंड में 111 स्थानों का पजल (पहेली) सुलझाने का विश्व रिकाॅर्ड अपने नाम दर्ज किया है। ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से प्रभनूर को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। बेटे प्रभनूर की इस सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। इसके लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने परिजनों को बधाई दी है।
शौकिया तौर पर शुरू किया था रूबिक क्यूब खेल
प्रभनूर के पिता दीपक कुमार ने बताया कि उनका बेटा प्रभनूर सेंट जोसेफ स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है। पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही वह क्रिकेट और शतरंज का भी शौकीन है। दीपक बताते हैं कि प्रभनूर पिछले करीब छह माह से कोच राकेश फुटेला के पास प्रशिक्षण ले रहे हैं। शुरुआत में वह शौकिया तौर पर वह खेलते थे लेकिन धीरे-धीरे रुचि बढ़ने पर वह खेल के प्रति समर्पित हो गए। जब उन्होंने इस खेल को चैलेंज के रूप में लिया तो इसे कम से कम समय में सुलझाने की ठान ली थी। इसके लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। जब उन्हें पता चला कि विश्वभर में जूनियर रूबिक क्यूब हल करने की प्रतियोगिता हो रही है। इसके बाद उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपना भी नाम दर्ज कराया। वहां विश्वभर से सैकड़ों खिलाड़ियों के बीच ऑनलाइन मुकाबला कराया गया। इन सभी को ऑनलाइन पजल दिखाया गया। इन्हें तय समय में सुलझाने का लक्ष्य दिया गया। प्रभनूर ने 20 सेकेंड से कम समय में पहेली सुलझाकर नया कीर्तिमान बनाया। माता अंजू बाला का कहना है कि आजकल अधिकतर बच्चे मोबाइल गेम्स, रील्स और यूट्यूब देखने में व्यस्त रहते हैं लेकिन प्रभनूर ने इस उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर परिजनों को गौरवान्वित किया है।
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