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Sirsa News: विभागीय अनुमति के फेर में नहीं भरा जा रहा तालाब में पानी, पशुपालक परेशान
Tue, 21 Jul 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:56 AM IST
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नुहियांवाली में तालाब
- गांव नुहियांवाली की सरपंच बोलीं- हमने विभाग को अनुमति पत्र भेज रखा है
फोटो 13
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संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। कालुवाना माइनर में पानी आए 5 दिन हो गए पर गांव नुहियांवाली में पशुओं के लिए बने तालाब में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। तालाब में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। लोगों को पशुओं को पानी पिलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत का कहना है कि उन्होंने तो नहर में पानी आने के बाद संबंधित विभाग को पानी के लिए लिखित में मांग पत्र भेज दिया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। ग्रामीण बलदेव यादव, रामेश्वर राजपूत, रामस्वरूप, संजय नेहरा, साहबराम व रामप्रताप आदि ने बताया कि गांव में एक बड़ा तालाब दो हिस्सों में है। इनमें इस समय नाममात्र ही पानी बचा है।
ग्रामीणों ने बताया कि अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जो पानी बचा है वह दूषित हो रहा है। ऐसे में पशु न तो पानी पी पाते हैं न ही नहा पाते हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी आए 5 दिन हो गए हैं लेकिन अब तक तालाब में पानी नहीं डाला जा रहा। कुछ दिन बाद नहरों में बंदी आ जाएगी जिसके बाद और परेशानी बढ़ जाएगी।
जलघर व तालाब के लिए है अलग-अलग पाइपलाइन
जलघर व तालाब को पानी राजपुरा माइनर से मिलता है। जलघर के लिए आने वाली पाइपलाइन स्थायी रूप से लगी हुई है जबकि तालाब के लिए अलग से पाइप लगानी पड़ती है। जब तालाब में पानी डालना होता है तो इसके लिए नहरी एवं सिंचाई विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन पिछले 4-5 दिनों से विभागीय अनुमति के चक्कर में तालाब में पानी नहीं आ रहा।
कोट्स
नहर में पानी 16 जुलाई को आया था और पंचायत ने 17 जुलाई को संबंधित विभाग को माइनर से पाइप लगाकर पानी उठाने के लिए अनुमति पत्र भेज दिया था। इस विषय में जेई को बोला भी गया था। अब तक पानी की अनुमति नहीं मिली है। गांव का तालाब भरने में कई दिनों लग जाते हैं।
-सुनीता देवी, सरपंच।
हमारे पास पंचायत का मांग पत्र आया हुआ है। हमने अनुमति देने से इन्कार नहीं किया अपितु पत्र को होल्ड किया है क्योंकि आगे टेल पर पानी भी पहुंचाना अनिवार्य है। हमने आज ही गांव बिज्जूवाली को अनुमति दी है। दो दिन बाद नुहियांवाली को भी अनुमति दे देंगे। नहर में पानी 15 दिन के लिए आया है।
-दीपक कुमार, एसडीओ, नहरी एवं सिंचाई विभाग।
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फोटो 13
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संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। कालुवाना माइनर में पानी आए 5 दिन हो गए पर गांव नुहियांवाली में पशुओं के लिए बने तालाब में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। तालाब में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। लोगों को पशुओं को पानी पिलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत का कहना है कि उन्होंने तो नहर में पानी आने के बाद संबंधित विभाग को पानी के लिए लिखित में मांग पत्र भेज दिया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। ग्रामीण बलदेव यादव, रामेश्वर राजपूत, रामस्वरूप, संजय नेहरा, साहबराम व रामप्रताप आदि ने बताया कि गांव में एक बड़ा तालाब दो हिस्सों में है। इनमें इस समय नाममात्र ही पानी बचा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जो पानी बचा है वह दूषित हो रहा है। ऐसे में पशु न तो पानी पी पाते हैं न ही नहा पाते हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी आए 5 दिन हो गए हैं लेकिन अब तक तालाब में पानी नहीं डाला जा रहा। कुछ दिन बाद नहरों में बंदी आ जाएगी जिसके बाद और परेशानी बढ़ जाएगी।
जलघर व तालाब के लिए है अलग-अलग पाइपलाइन
जलघर व तालाब को पानी राजपुरा माइनर से मिलता है। जलघर के लिए आने वाली पाइपलाइन स्थायी रूप से लगी हुई है जबकि तालाब के लिए अलग से पाइप लगानी पड़ती है। जब तालाब में पानी डालना होता है तो इसके लिए नहरी एवं सिंचाई विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन पिछले 4-5 दिनों से विभागीय अनुमति के चक्कर में तालाब में पानी नहीं आ रहा।
कोट्स
नहर में पानी 16 जुलाई को आया था और पंचायत ने 17 जुलाई को संबंधित विभाग को माइनर से पाइप लगाकर पानी उठाने के लिए अनुमति पत्र भेज दिया था। इस विषय में जेई को बोला भी गया था। अब तक पानी की अनुमति नहीं मिली है। गांव का तालाब भरने में कई दिनों लग जाते हैं।
-सुनीता देवी, सरपंच।
हमारे पास पंचायत का मांग पत्र आया हुआ है। हमने अनुमति देने से इन्कार नहीं किया अपितु पत्र को होल्ड किया है क्योंकि आगे टेल पर पानी भी पहुंचाना अनिवार्य है। हमने आज ही गांव बिज्जूवाली को अनुमति दी है। दो दिन बाद नुहियांवाली को भी अनुमति दे देंगे। नहर में पानी 15 दिन के लिए आया है।
-दीपक कुमार, एसडीओ, नहरी एवं सिंचाई विभाग।