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Sirsa News: पुलिस ने किया आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास
Tue, 28 Jul 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 28 Jul 2026 12:40 AM IST
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आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास करते पुलिस कर्मचारी।
फोटो 42
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के निर्देश पर सोमवार को पुलिस लाइन डबवाली में एक विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में पुलिस जवानों ने अनुशासन, साहस और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य दंगा नियंत्रण और आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास करना था।
पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है। यह प्रशिक्षण दंगा, हिंसक भीड़, आपदा और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में कानून सम्मत कार्रवाई के लिए था।
जवानों ने अभ्यास के दौरान दंगा निरोधी उपकरणों का उपयोग किया। उन्होंने भीड़ नियंत्रण का प्रदर्शन किया। आपात प्रतिक्रिया और असामाजिक तत्वों से निपटने की रणनीतियों का भी प्रदर्शन किया गया।
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प्रशिक्षण और क्षमता विकास
सब इंस्पेक्टर सुग्रीव सिंह और एएसआई गुलाब सिंह ने जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया। इसमें दंगा निरोधी उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और संचालन की विस्तृत जानकारी शामिल थी। जवानों को आंसू गैस उपकरणों के प्रयोग के बारे में भी बताया गया। उन्हें तनावपूर्ण परिस्थितियों में कानून के दायरे में न्यूनतम आवश्यक बल का उपयोग करने की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नियमित मॉक ड्रिल से आपात स्थिति में समन्वित और त्वरित कार्रवाई की क्षमता विकसित होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के निर्देश पर सोमवार को पुलिस लाइन डबवाली में एक विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में पुलिस जवानों ने अनुशासन, साहस और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य दंगा नियंत्रण और आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास करना था।
पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है। यह प्रशिक्षण दंगा, हिंसक भीड़, आपदा और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में कानून सम्मत कार्रवाई के लिए था।
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जवानों ने अभ्यास के दौरान दंगा निरोधी उपकरणों का उपयोग किया। उन्होंने भीड़ नियंत्रण का प्रदर्शन किया। आपात प्रतिक्रिया और असामाजिक तत्वों से निपटने की रणनीतियों का भी प्रदर्शन किया गया।
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प्रशिक्षण और क्षमता विकास
सब इंस्पेक्टर सुग्रीव सिंह और एएसआई गुलाब सिंह ने जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया। इसमें दंगा निरोधी उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और संचालन की विस्तृत जानकारी शामिल थी। जवानों को आंसू गैस उपकरणों के प्रयोग के बारे में भी बताया गया। उन्हें तनावपूर्ण परिस्थितियों में कानून के दायरे में न्यूनतम आवश्यक बल का उपयोग करने की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नियमित मॉक ड्रिल से आपात स्थिति में समन्वित और त्वरित कार्रवाई की क्षमता विकसित होती है।