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मंत्री आवास का घेराव करने निकले बिजली कर्मचारी को पुलिस ने बैरिकेड लगा रोका, एसडीएम को सौंपा मांग पत्र
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बिजली मंत्री के आवास जाने वाली गली पर लगाया गया बेरिकेटस। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने बिजली मंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया, परंतु पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेड के कारण प्रदर्शनकारी बालभवन से आगे नहीं बढ़ पाए। पुलिस की ओर से बैरिकेड लगा आगे प्रथम कतार में महिला कर्मचारियों को तैनात किया गया जिसकी कर्मचारियों ने कड़ी निंदा की। इसके पश्चात वहीं धरना देकर अपना रोष व्यक्त किया और एसडीएम जयवीर यादव को ज्ञापन सौंप लौट गए।
शनिवार को ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी की अध्यक्षता में सिरसा के रेलवे पार्क में सैकड़ों की तादाद में बिजली कर्मचारी एकत्रित हुए। दोपहर बाद पूर्व में निर्धारित योजना के मुताबिक सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने निकल पड़े, लेकिन बालभवन के समीप पुलिस की ओर से बैरिकेड लगाए जाने की वजह से कर्मचारी आगे नहीं बढ़ पाए। बैरिकेड के आगे प्रथम कतार में महिला कर्मचारियों को तैनात किया हुआ था। इसे देखकर प्रदर्शनकारियों ने भी तंज कसते हुए कहा की कल ही राखी का पर्व था और हमारी बहनों ने हमारे हाथों पर राखी बांधी थी। महिला पुलिस कर्मचारी भी हमारी बहनें हैं, हमारा संगठन इन्हें खतरे में नहीं डाल सकता। इसके पश्चात भी कर्मचारी वहीं धरना देकर बैठ गए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महासचिव नरेश कुमार ने कहा की प्रदेश सरकार के हठधर्मिता व संवेदनहीनता के चलते कर्मचारियों में भारी रोष है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा महासचिव सतीश सेठी व राज्य प्रधान सुरेश राठी ने कहा कि मौजूदा समय में केंद्र की राज्य की सरकार तमाम विभागों को निजी कंपनियों के हाथों में बेच रही है। राज्य प्रधान ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो 19 व 20 अगस्त को पूरे प्रदेश में सर्कल की बड़ी बैठक की जाएगी तथा 20 अगस्त से 15 नवंबर तक पूरे प्रदेश में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला के तमाम जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए पुतले दहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार वार्ता या समाधान नहीं किया तो 22 नवंबर तक हड़ताल का फैसला लिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अजय वशिष्ठ, अविनाश कंबोज, सूबे सिंह कादियान, सुदामपाल मान, जगमिंद्र पूनिया, सुरेश कुमार, बंसीलाल, जयदेव गुलिया, प्रेस सचिव सुरेंद्र यादव, जितेंद्र तेवतिया, कुलबीर सहारण, सामून खान, मदनलाल, सुखबीर, दलीप सोनी, धर्मवीर भाटी, कृष्ण कुमार,लोकेश कुमार, रेनू कुमारी, मनीष मलिक व प्रभु सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगे कच्चे कर्मचारी को पक्का करवाने, हरियाणा रोजगार कौशल निगम भंग करने, समान काम समान वेतनमान लागू करवाने, पुरानी पेंशन बहाल करवाने, पावर बिल 2022 को रद्द करवाने सहित 30 सूत्रीय मांगों के समाधान करवाने की मांगे हैं।
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रेलवे ब्रिज पर लगा जाम
प्रदर्शन के दौरान बरनाला रोड पर पुरानी कोट रोड से वाहनों का रूट बदल दिया गया। इसके चलते रेलवे ओवर ब्रिज पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई और लाल बत्ती चौक से लेकर बस अड्डा तक वाहनों का जाम लग गया। जाम के कारण यात्री भी निर्धारित समय पर अपने स्थान पर नहीं पहुंच पाए।
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शनिवार को ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी की अध्यक्षता में सिरसा के रेलवे पार्क में सैकड़ों की तादाद में बिजली कर्मचारी एकत्रित हुए। दोपहर बाद पूर्व में निर्धारित योजना के मुताबिक सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने निकल पड़े, लेकिन बालभवन के समीप पुलिस की ओर से बैरिकेड लगाए जाने की वजह से कर्मचारी आगे नहीं बढ़ पाए। बैरिकेड के आगे प्रथम कतार में महिला कर्मचारियों को तैनात किया हुआ था। इसे देखकर प्रदर्शनकारियों ने भी तंज कसते हुए कहा की कल ही राखी का पर्व था और हमारी बहनों ने हमारे हाथों पर राखी बांधी थी। महिला पुलिस कर्मचारी भी हमारी बहनें हैं, हमारा संगठन इन्हें खतरे में नहीं डाल सकता। इसके पश्चात भी कर्मचारी वहीं धरना देकर बैठ गए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महासचिव नरेश कुमार ने कहा की प्रदेश सरकार के हठधर्मिता व संवेदनहीनता के चलते कर्मचारियों में भारी रोष है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा महासचिव सतीश सेठी व राज्य प्रधान सुरेश राठी ने कहा कि मौजूदा समय में केंद्र की राज्य की सरकार तमाम विभागों को निजी कंपनियों के हाथों में बेच रही है। राज्य प्रधान ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो 19 व 20 अगस्त को पूरे प्रदेश में सर्कल की बड़ी बैठक की जाएगी तथा 20 अगस्त से 15 नवंबर तक पूरे प्रदेश में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला के तमाम जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए पुतले दहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार वार्ता या समाधान नहीं किया तो 22 नवंबर तक हड़ताल का फैसला लिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अजय वशिष्ठ, अविनाश कंबोज, सूबे सिंह कादियान, सुदामपाल मान, जगमिंद्र पूनिया, सुरेश कुमार, बंसीलाल, जयदेव गुलिया, प्रेस सचिव सुरेंद्र यादव, जितेंद्र तेवतिया, कुलबीर सहारण, सामून खान, मदनलाल, सुखबीर, दलीप सोनी, धर्मवीर भाटी, कृष्ण कुमार,लोकेश कुमार, रेनू कुमारी, मनीष मलिक व प्रभु सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगे कच्चे कर्मचारी को पक्का करवाने, हरियाणा रोजगार कौशल निगम भंग करने, समान काम समान वेतनमान लागू करवाने, पुरानी पेंशन बहाल करवाने, पावर बिल 2022 को रद्द करवाने सहित 30 सूत्रीय मांगों के समाधान करवाने की मांगे हैं।
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रेलवे ब्रिज पर लगा जाम
प्रदर्शन के दौरान बरनाला रोड पर पुरानी कोट रोड से वाहनों का रूट बदल दिया गया। इसके चलते रेलवे ओवर ब्रिज पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई और लाल बत्ती चौक से लेकर बस अड्डा तक वाहनों का जाम लग गया। जाम के कारण यात्री भी निर्धारित समय पर अपने स्थान पर नहीं पहुंच पाए।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात महिला पुलिस कर्मचारी। संवाद- फोटो : Sirsa

बालभवन के समीप लगाए गए बेरिकेटस पर एकत्रित प्रदर्शनकारी। संवाद- फोटो : Sirsa