{"_id":"66771c4fdd4cea1bd20ac424","slug":"people-with-houses-and-cars-in-thousands-of-yards-are-arriving-to-reduce-their-income-sirsa-news-c-21-hsr1019-406846-2024-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: हजार गज में मकान और कार वाले पहुंच रहे आय कम करवाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: हजार गज में मकान और कार वाले पहुंच रहे आय कम करवाने
Sun, 23 Jun 2024 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 23 Jun 2024 12:17 AM IST
विज्ञापन
सिरसा। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आधार बनने के कारण कई लोग अपने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की आईडी का विभाजन करा आय कम करवाने की जुगत में लग गए हैं। खासकर हैप्पी कार्ड और बीपीएल का लाभ लेने के लिए कई अपात्र लोग भी प्रयास करने लगे हैं। ऐसे लोगों ने लघु सचिवालय में लगने वाले उपायुक्त के समाधान शिविर का भी सहारा लिया है। समाधान शिविर में कम आय के प्रमाणपत्र संबंधी आवेदन पत्र के सत्यापन में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
इन शिविरों में पीपीपी में संशोधन की करीब 135 अर्जियां आ चुकी हैं। पीपीपी प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गांव कागदाना के एक व्यक्ति ने समाधान शिविर में अर्जी दी थी। इसमें उसने कहा था कि उसका बीपीएल कार्ड नहीं बन रहा। जब पीपीपी बनाने वाली टीम सत्यापन करने के लिए आवेदक के घर में पहुंची तो 200 गज में बने उसके आवास समेत कार समेत कई संसाधन उसके घर पर उपलब्ध थे। इसलिए उसे अपात्र मानते हुए टीम ने उसकी अर्जी को रद्द कर दिया।
वहीं, कालांवाली के एक व्यक्ति ने बीपीएल कार्ड बनवाने के बाद आवेदन कर शिकायत भी की थी। टीम ने दो बार सत्यापन किया तो उसका एक हजार गज का आवास, कार समेत अन्य सामान उसके घर में रखा था। पीपीपी का सत्यापन करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि अपात्र लोगों की ऐसी कई अर्जियां उनके पास आईं हैं जो मानकों पर सही नहीं उतरी हैं।
विज्ञापन
50 प्रतिशत शिकायतें फैमिली आईडी संबंधित
कर्मचारियों के अनुसार परिवार पहचान पत्र में 50 प्रतिशत शिकायतें आईडी के विभाजन की आ रहीं हैं। आईडी में संयुक्त परिवार में रहने वाले सदस्य अपनी अलग फैमिली आईडी बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं ताकि उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। क्योंकि कई परिवारों में लोगों की सालाना आय ज्यादा है। इसलिए वह विभाजन करवाना चाहते है। हालांकि करीब 30 प्रतिशत लोगों की पीपीपी के विभाजन संबंधी मांग सही पाई गई है।
हैप्पी कार्ड
वार्षिक आय - परिवार पहचान पत्र में सालाना आय 1,40,000 रुपये होनी चाहिए।
लाभ - एक हजार किलोमीटर दूरी तक की मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी।
बीपीएल कार्ड
सालाना आय - परिवार पहचान पत्र में सालाना आय 1,80,000 रुपये होनी चाहिए।
लाभ - मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड की सुविधा सहित कई अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ।
विज्ञापन
इन शिविरों में पीपीपी में संशोधन की करीब 135 अर्जियां आ चुकी हैं। पीपीपी प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गांव कागदाना के एक व्यक्ति ने समाधान शिविर में अर्जी दी थी। इसमें उसने कहा था कि उसका बीपीएल कार्ड नहीं बन रहा। जब पीपीपी बनाने वाली टीम सत्यापन करने के लिए आवेदक के घर में पहुंची तो 200 गज में बने उसके आवास समेत कार समेत कई संसाधन उसके घर पर उपलब्ध थे। इसलिए उसे अपात्र मानते हुए टीम ने उसकी अर्जी को रद्द कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, कालांवाली के एक व्यक्ति ने बीपीएल कार्ड बनवाने के बाद आवेदन कर शिकायत भी की थी। टीम ने दो बार सत्यापन किया तो उसका एक हजार गज का आवास, कार समेत अन्य सामान उसके घर में रखा था। पीपीपी का सत्यापन करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि अपात्र लोगों की ऐसी कई अर्जियां उनके पास आईं हैं जो मानकों पर सही नहीं उतरी हैं।
विज्ञापन
50 प्रतिशत शिकायतें फैमिली आईडी संबंधित
कर्मचारियों के अनुसार परिवार पहचान पत्र में 50 प्रतिशत शिकायतें आईडी के विभाजन की आ रहीं हैं। आईडी में संयुक्त परिवार में रहने वाले सदस्य अपनी अलग फैमिली आईडी बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं ताकि उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। क्योंकि कई परिवारों में लोगों की सालाना आय ज्यादा है। इसलिए वह विभाजन करवाना चाहते है। हालांकि करीब 30 प्रतिशत लोगों की पीपीपी के विभाजन संबंधी मांग सही पाई गई है।
हैप्पी कार्ड
वार्षिक आय - परिवार पहचान पत्र में सालाना आय 1,40,000 रुपये होनी चाहिए।
लाभ - एक हजार किलोमीटर दूरी तक की मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी।
बीपीएल कार्ड
सालाना आय - परिवार पहचान पत्र में सालाना आय 1,80,000 रुपये होनी चाहिए।
लाभ - मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड की सुविधा सहित कई अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ।