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Sirsa News: नुहियांवाली में लोगों ने किया रोड जाम, बोले- प्लांट से उठने वाली धूल से हुआ जीना दूभर
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सड़क को जाम करने के लिए खड़े लोग
ओढां। गांव नुहियांवाली में घुकांवाली रोड पर स्थित बायोमास पेलेट प्लांट से उठने वाली धूल से परेशान आस पड़ोस में रहने वाले लोग रोष व्यक्त करते हुए सड़क पर बैठ गए। इसके चलते यातायात बाधित हो गया। सूचना के बाद ओढां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर रोड खुलवाते हुए यातायात सुचारू करवाया।
प्लांट के निकट स्थित घरों में रहने वाले राकेश कुमार, टहल सिंह, रमेश कुमार, भजन लाल, महावीर, कृष्ण लाल, मलकीत कौर, गुड्डी देवी, बिमला देवी, सुखचैन कौर, सीबो व अमरजीत कौर आदि ने बताया कि प्लांट से उठने वाली धूल से उनका जीना दूभर हो गया है। वे इस बारे में कई बार प्लांट के कर्मचारियों को कह चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि धूल इतनी ज्यादा उड़ती है कि न तो वे ढंग से खाना बना सकते और न ही सो सकते। धूल की वजह से उनके घरों के सदस्य बीमार हो रहे हैं। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है। सबसे ज्यादा बूरा हाल बुजुर्गों और बीमार लोगों का है।
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रोष व्यक्त कर रहे हनुमान ने बताया कि वह तथा उसकी पत्नी दोनों बीमार रहते हैं। तो वहीं महावीर का कहना था कि उसके पिता को दो दिन पूर्व ही अस्पताल से घर लाया गया है। ऐसे में प्लांट से उठने वाली धूल की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है। वहीं रुकमा देवी के मुताबिक उसका पति सोहन लाल श्वास रोग से पीड़ित है। इसलिए उसे धूल की वजह से मजबूरन बंद कमरे में रखना पड़ता है।
लोगों ने कहा कि अगर दिन के समय उनके कमरों दरवाजे खुले रह जाएं तो पूरा कमरा धूल से भर जाता है। उन्होंने कहा कि प्लांट संचालक को लोगों की उक्त समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा न होने से उन्हें मजबूरन सड़क पर बैठना पड़ा।
प्लांट मैनेजर बोले- जल्द कराएंगे हल
प्लांट के मैनेजर अशोक कौशिक ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि धूल की समस्या के समाधान के लिए कम्पनी की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को समझाते हुए कहा कि प्लांट में एक डस्ट कलेक्टर मशीन लगी हुई है जोकि करीब 40 प्रतिशत धूल कम कर रही है। इसके अलावा प्लांट के बाहरी छोर पर ड्रिप फोगर सिस्टम भी लगाया हुआ है। एक और डस्ट कलेक्टर लगने के बाद करीब 80 से 90 प्रतिशत धूल कम हो जाएगी।
-- -- -- -- -- -प्लांट से उठने वाली धूल की वजह से कुछ परेशानी तो है। लोगों की समस्या के समाधान के लिए एक डस्ट कलेक्टर मशीन लगाई हुई है जबकि दूसरी मशीन ऑर्डर की हुई है जो अगले माह तक आ जाएगी। दूसरी मशीन लगने के बाद धूल की समस्या लगभग हल हो जाएगी। तब तक लोगों को परेशानी न हो इसके लिए हम पर्याप्त कदम उठा रहे हैं।
- अशोक कौशिक, प्लांट मैनेजर
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प्लांट के निकट स्थित घरों में रहने वाले राकेश कुमार, टहल सिंह, रमेश कुमार, भजन लाल, महावीर, कृष्ण लाल, मलकीत कौर, गुड्डी देवी, बिमला देवी, सुखचैन कौर, सीबो व अमरजीत कौर आदि ने बताया कि प्लांट से उठने वाली धूल से उनका जीना दूभर हो गया है। वे इस बारे में कई बार प्लांट के कर्मचारियों को कह चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
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उन्होंने बताया कि धूल इतनी ज्यादा उड़ती है कि न तो वे ढंग से खाना बना सकते और न ही सो सकते। धूल की वजह से उनके घरों के सदस्य बीमार हो रहे हैं। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है। सबसे ज्यादा बूरा हाल बुजुर्गों और बीमार लोगों का है।
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रोष व्यक्त कर रहे हनुमान ने बताया कि वह तथा उसकी पत्नी दोनों बीमार रहते हैं। तो वहीं महावीर का कहना था कि उसके पिता को दो दिन पूर्व ही अस्पताल से घर लाया गया है। ऐसे में प्लांट से उठने वाली धूल की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है। वहीं रुकमा देवी के मुताबिक उसका पति सोहन लाल श्वास रोग से पीड़ित है। इसलिए उसे धूल की वजह से मजबूरन बंद कमरे में रखना पड़ता है।
लोगों ने कहा कि अगर दिन के समय उनके कमरों दरवाजे खुले रह जाएं तो पूरा कमरा धूल से भर जाता है। उन्होंने कहा कि प्लांट संचालक को लोगों की उक्त समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा न होने से उन्हें मजबूरन सड़क पर बैठना पड़ा।
प्लांट मैनेजर बोले- जल्द कराएंगे हल
प्लांट के मैनेजर अशोक कौशिक ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि धूल की समस्या के समाधान के लिए कम्पनी की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को समझाते हुए कहा कि प्लांट में एक डस्ट कलेक्टर मशीन लगी हुई है जोकि करीब 40 प्रतिशत धूल कम कर रही है। इसके अलावा प्लांट के बाहरी छोर पर ड्रिप फोगर सिस्टम भी लगाया हुआ है। एक और डस्ट कलेक्टर लगने के बाद करीब 80 से 90 प्रतिशत धूल कम हो जाएगी।
- अशोक कौशिक, प्लांट मैनेजर