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Sirsa News: बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का बदला पैटर्न बदला, ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों की संख्या को बढ़ाया
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सिरसा। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में सुधार के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को वेबिनार का आयोजन किया गया, लेकिन विभाग अधिकारियों ने इस वेबिनार से जुड़ना गवारा ही नहीं समझा। इसमें बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि इस बार दसवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत प्रश्न पत्रों का पैटर्न बदला गया है। इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों की संख्या को बढ़ाया गया है।
दसवीं व बारहवीं परीक्षा के परिणाम को सुधारने के उद्देश्य से हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरपर्सन कार्यालय से प्रदेशभर के शिक्षा विभाग अधिकारियों और शिक्षकों के लिए वेबिनार आयोजित हुआ। इसका लिंक भी बोर्ड ने सार्वजनिक किया। इसमें बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को जुड़ना के आदेश दिए थे। बेबिनार का समय सुबह 11 बजे रखा गया था, लेकिन बैठक 25 मिनट देरी से 11:25 बजे शुरू हुई। वेबिनार में जिले के किसी भी अधिकारियों ने जरूरी नहीं समझा। कोई अधिकारी किसी की सेवानिवृत्त पार्टी में व्यस्त रहा तो कोई अपने निजी कार्य में तो किसी के पास सूचना ही नहीं थी।
20 प्रश्न ऑबजेक्टिव टाइप आएंगे
वेबिनार में हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने बताया कि इस बार दसवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत प्रश्न पत्रों का पैटर्न बदला गया है। इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों की संख्या को बढ़ाया गया है। इस बार 20 प्रश्न ऑबजेक्टिव टाइप आएंगे, जिसमें एक प्रश्न एक नंबर का होगा। अधिकारी ने कहा कि इससे विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता व उनका ज्ञान बढ़ेगा। वहीं गणित के प्रश्न पत्र के पहला सेक्शन में ऑबजेक्टिव टाइप प्रश्न 20 होंगे। वहीं छोटे प्रश्न चार नंबरों के होंगे। इस दौरान दो प्रश्न विकल्प के रूप में भी दिए जाएंगे। वहीं 6 प्रश्न 3 - 3 नंबरों के होंगे। वहीं इसके बाद बड़े प्रश्न होंगे। अधिकारी ने बताया कि अक्सर देखने को मिलता है कि गणित विषय के लिए विद्यार्थियों के मन में भय बना रहता है। इसी भय को देखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। इसी तरह साइंस, अंग्रेजी, इतिहास व अन्य विषयों के प्रश्नों में भी बदलाव किया गया है।
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स्कूल प्राचार्याें को दिए निर्देश
- सभी प्राचार्य पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाएं।
- विद्यार्थियों पिछले 3 सालों के प्रश्न पत्रों को हल करवाएं।
- 24 विशेष कक्षाएं लगाएं, जिसमें सिर्फ प्रश्न पत्रों को ही हल करवाया जाए।
- विद्यार्थियों को एनसीआरटी की पुस्तकों की तैयारी करवाएं।
- पोर्टल पर मॉडल पेपर अपलोड है, उन्हें डाउनलोड कर विद्यार्थियों को दें।
उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल होगी मार्किंग
चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने बताया कि दसवीं व बारहवीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग डिजिटल होगी। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जिसका ये प्रयोग सफल हुआ है। डिजिटल मार्किंग करने से अधिकतर नंबरों को गिनने की जो समस्या आती थी, उससे निजात मिली है। डिजिटल मार्किंग से ऑटो मार्किंग होगी। वहीं इस दौरान उत्तर पुस्तिकाओं के कोड भी डिजिटल मार्किंग में ऑटो मोड में होंगे।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सूचना ही नहीं
शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की गई बैठक का जिला शिक्षा कार्यालय अधिकारियों व जिला खंड शिक्षा अधिकारियों को किसी प्रकार की कोई जानकारी ही नहीं थी। जिले में उप जिला शिक्षा अधिकारी की पोस्ट खाली पड़ी है। वहीं कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी भी निजी कार्य में व्यस्त होने के कारण वेबिनार से जुड़ नहीं पाए। स्कूल के प्राचार्यों को भी इस बारे कोई सूचना नहीं थी।
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मैं किसी काम से व्यस्त था। इसलिए वेबिनार से जुड़ नहीं पाया। - कपिल पूनिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।
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दसवीं व बारहवीं परीक्षा के परिणाम को सुधारने के उद्देश्य से हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरपर्सन कार्यालय से प्रदेशभर के शिक्षा विभाग अधिकारियों और शिक्षकों के लिए वेबिनार आयोजित हुआ। इसका लिंक भी बोर्ड ने सार्वजनिक किया। इसमें बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को जुड़ना के आदेश दिए थे। बेबिनार का समय सुबह 11 बजे रखा गया था, लेकिन बैठक 25 मिनट देरी से 11:25 बजे शुरू हुई। वेबिनार में जिले के किसी भी अधिकारियों ने जरूरी नहीं समझा। कोई अधिकारी किसी की सेवानिवृत्त पार्टी में व्यस्त रहा तो कोई अपने निजी कार्य में तो किसी के पास सूचना ही नहीं थी।
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20 प्रश्न ऑबजेक्टिव टाइप आएंगे
वेबिनार में हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने बताया कि इस बार दसवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत प्रश्न पत्रों का पैटर्न बदला गया है। इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों की संख्या को बढ़ाया गया है। इस बार 20 प्रश्न ऑबजेक्टिव टाइप आएंगे, जिसमें एक प्रश्न एक नंबर का होगा। अधिकारी ने कहा कि इससे विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता व उनका ज्ञान बढ़ेगा। वहीं गणित के प्रश्न पत्र के पहला सेक्शन में ऑबजेक्टिव टाइप प्रश्न 20 होंगे। वहीं छोटे प्रश्न चार नंबरों के होंगे। इस दौरान दो प्रश्न विकल्प के रूप में भी दिए जाएंगे। वहीं 6 प्रश्न 3 - 3 नंबरों के होंगे। वहीं इसके बाद बड़े प्रश्न होंगे। अधिकारी ने बताया कि अक्सर देखने को मिलता है कि गणित विषय के लिए विद्यार्थियों के मन में भय बना रहता है। इसी भय को देखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। इसी तरह साइंस, अंग्रेजी, इतिहास व अन्य विषयों के प्रश्नों में भी बदलाव किया गया है।
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स्कूल प्राचार्याें को दिए निर्देश
- सभी प्राचार्य पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाएं।
- विद्यार्थियों पिछले 3 सालों के प्रश्न पत्रों को हल करवाएं।
- 24 विशेष कक्षाएं लगाएं, जिसमें सिर्फ प्रश्न पत्रों को ही हल करवाया जाए।
- विद्यार्थियों को एनसीआरटी की पुस्तकों की तैयारी करवाएं।
- पोर्टल पर मॉडल पेपर अपलोड है, उन्हें डाउनलोड कर विद्यार्थियों को दें।
उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल होगी मार्किंग
चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने बताया कि दसवीं व बारहवीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग डिजिटल होगी। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जिसका ये प्रयोग सफल हुआ है। डिजिटल मार्किंग करने से अधिकतर नंबरों को गिनने की जो समस्या आती थी, उससे निजात मिली है। डिजिटल मार्किंग से ऑटो मार्किंग होगी। वहीं इस दौरान उत्तर पुस्तिकाओं के कोड भी डिजिटल मार्किंग में ऑटो मोड में होंगे।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सूचना ही नहीं
शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की गई बैठक का जिला शिक्षा कार्यालय अधिकारियों व जिला खंड शिक्षा अधिकारियों को किसी प्रकार की कोई जानकारी ही नहीं थी। जिले में उप जिला शिक्षा अधिकारी की पोस्ट खाली पड़ी है। वहीं कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी भी निजी कार्य में व्यस्त होने के कारण वेबिनार से जुड़ नहीं पाए। स्कूल के प्राचार्यों को भी इस बारे कोई सूचना नहीं थी।
मैं किसी काम से व्यस्त था। इसलिए वेबिनार से जुड़ नहीं पाया। - कपिल पूनिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।