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Sirsa News: ट्रॉमा सेंटर के पुनर्निर्माण से मरीज परेशान, बिना कक्ष नंबर भटक रहे, पुराने भवन में बीएंडआर विभाग का काम जारी, अस्थायी व्यवस्थाएं नाकाफी
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नागरिक अस्पताल में चल रहा मरम्मत कार्य और इलाज के लिए इंतजार में बैठे मरीज।
सिरसा। जिला नागरिक अस्पताल, सिरसा के ट्रॉमा सेंटर के पुराने भवन में इन दिनों बीएंडआर विभाग की ओर से पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। भवन की मरम्मत, बिजली, टॉयलेट और पानी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। हालांकि यह कार्य मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है, लेकिन पिछले दो से तीन माह से चल रहे निर्माण कार्य के कारण मरीजों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं तो की जा रही हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। पुराने कक्षों के स्थान पर बने नए कमरों को कक्ष संख्या (रूम नंबर) या सूचनापत्र (नोटिस) नहीं लगाए जाने से मरीज भटकते रहते हैं। ट्रॉमा सेंटर में पहले आपातकालीन मरीजों, नेत्र विभाग, इमरजेंसी, रसीद काउंटर, पुलिस चौकी और किशोरावस्था जागरूकता काउंसलिंग कक्ष स्थापित थे। अब इन विभागों के लिए कोई स्पष्ट या स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। कहीं अस्थायी रूप से स्थान दिए गए हैं, परंतु उन पर कक्ष नंबर या दिशानिर्देश चस्पा नहीं हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को किसी विभाग तक पहुंचने में कई बार घंटों भटकना पड़ता है, और कुछ तो निराश होकर बिना इलाज के वापस लौट जाते हैं।
छोटे कमरे में चल रहा नेत्र विभाग
पहले ट्रॉमा सेंटर के कक्ष नंबर 35 और 37 में संचालित नेत्र विभाग अब एक छोटे से कक्ष 37 में सिमट गया है। इसमें दो चिकित्सकों के लिए मुश्किल से दो कुर्सियां और एक टेबल की जगह है। जबकि अस्पताल में रोजाना लगभग 100 मरीज नेत्र उपचार के लिए पहुंचते हैं। दोनों चिकित्सक अब एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठकर मरीजों को देखते हैं। इसी तरह किशोरावस्था काउंसिलिंग कक्ष को अस्पताल के सामने वाले भवन में शिफ्ट किया गया है, लेकिन कक्ष संख्या नहीं होने से मरीज बिना परामर्श के ही लौट रहे हैं।
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इसके अलावा पुलिस चौकी का भी पुनर्निर्माण कार्य जारी है और अस्थायी तौर पर उसके लिए कोई अलग कक्ष नहीं बनाया गया है। वहीं, रसीद काउंटर के अस्थायी रूप से स्थानांतरित होने के कारण मरीजों को लंबी कतारों और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इमरजेंसी वार्ड में बढ़ा दबाव
ट्रॉमा सेंटर की मरम्मत के चलते आपात स्थिति वाले मरीजों का इलाज अब इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है। इससे बिस्तरों की कमी हो गई है और मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट करना पड़ रहा है। जगह की तंगी के कारण अस्पताल स्टाफ को भी काम करने में कठिनाई हो रही है।
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नागरिक अस्पताल में पुनर्निर्माण कार्य जारी है। इससे अस्थायी अव्यवस्था जरूर बनी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को अधिक परेशानी न हो। - डॉ. आरके दहिया, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, सिरसा।
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अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं तो की जा रही हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। पुराने कक्षों के स्थान पर बने नए कमरों को कक्ष संख्या (रूम नंबर) या सूचनापत्र (नोटिस) नहीं लगाए जाने से मरीज भटकते रहते हैं। ट्रॉमा सेंटर में पहले आपातकालीन मरीजों, नेत्र विभाग, इमरजेंसी, रसीद काउंटर, पुलिस चौकी और किशोरावस्था जागरूकता काउंसलिंग कक्ष स्थापित थे। अब इन विभागों के लिए कोई स्पष्ट या स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। कहीं अस्थायी रूप से स्थान दिए गए हैं, परंतु उन पर कक्ष नंबर या दिशानिर्देश चस्पा नहीं हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को किसी विभाग तक पहुंचने में कई बार घंटों भटकना पड़ता है, और कुछ तो निराश होकर बिना इलाज के वापस लौट जाते हैं।
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छोटे कमरे में चल रहा नेत्र विभाग
पहले ट्रॉमा सेंटर के कक्ष नंबर 35 और 37 में संचालित नेत्र विभाग अब एक छोटे से कक्ष 37 में सिमट गया है। इसमें दो चिकित्सकों के लिए मुश्किल से दो कुर्सियां और एक टेबल की जगह है। जबकि अस्पताल में रोजाना लगभग 100 मरीज नेत्र उपचार के लिए पहुंचते हैं। दोनों चिकित्सक अब एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठकर मरीजों को देखते हैं। इसी तरह किशोरावस्था काउंसिलिंग कक्ष को अस्पताल के सामने वाले भवन में शिफ्ट किया गया है, लेकिन कक्ष संख्या नहीं होने से मरीज बिना परामर्श के ही लौट रहे हैं।
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इसके अलावा पुलिस चौकी का भी पुनर्निर्माण कार्य जारी है और अस्थायी तौर पर उसके लिए कोई अलग कक्ष नहीं बनाया गया है। वहीं, रसीद काउंटर के अस्थायी रूप से स्थानांतरित होने के कारण मरीजों को लंबी कतारों और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इमरजेंसी वार्ड में बढ़ा दबाव
ट्रॉमा सेंटर की मरम्मत के चलते आपात स्थिति वाले मरीजों का इलाज अब इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है। इससे बिस्तरों की कमी हो गई है और मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट करना पड़ रहा है। जगह की तंगी के कारण अस्पताल स्टाफ को भी काम करने में कठिनाई हो रही है।
नागरिक अस्पताल में पुनर्निर्माण कार्य जारी है। इससे अस्थायी अव्यवस्था जरूर बनी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को अधिक परेशानी न हो। - डॉ. आरके दहिया, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, सिरसा।