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Sirsa News: संस्था का अध्यक्ष कोई, मोबाइल नंबर दूसरे का, पार्क की देखरेख कोई और कर रहा

Mon, 06 Jul 2026 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 06 Jul 2026 12:14 AM IST
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park adopters gave wrong message
संस्थाओं ने किया कारनामा, कर्मचारियों ने पकड़ी गड़बड़ी, चेयरमैन बोले जांच कर करेंगे कार्रवाई
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- संस्थाओं के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने वालों का खेल आया जांच में सामने, दस्तावेज में मिली बड़ी गड़बड़ी


संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। शहर में पार्कों को संस्थाओं को गोद दिया गया है। इन संस्थाओं में कई बेहतर तरीके से काम कर रही हैं तो कई पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में दस्तावेज की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कई सालों से पार्कों को गोद लेने वाली एक संस्था के प्रतिनिधियों ने दूसरी संस्था के चेयरमैन के मोबाइल नंबर की जगह अपना नंबर दे दिया।
इतना ही नहीं, संस्था के नाम पर जिला नगर आयुक्त को अपने स्तर पर बार-बार मेल जारी कर पार्कों की कमियां बता रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि नगर परिषद में पहले ही दो संस्थाओं के नाम पर पार्क लेने वाले एक महिला और पुरुष ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर यह संस्था बनाई हुई है। इसकी देखरेख वे स्वयं करते हैं।
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महिला अध्यक्ष की जगह दूसरी संस्था चलाने वाले एक व्यक्ति ने अपना मोबाइल नंबर देकर धोखाधड़ी नगर परिषद के साथ की है। इतना ही नहीं, सामने आया है कि संस्था के पीछे से पार्कों की देखरेख के साथ-साथ बिलिंग तक स्वयं करवा रहा है। ऐसे में संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर बड़े स्तर पर सवालिया निशान लग गया है।
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कारण यह कि कुछ लोगों ने संस्थाओं की आड़ में अपना बिजनेस बना रखा है। उसी आधार पर हजारों रुपये प्रति माह नगर परिषद से कमा रहे हैं। यही कारण है कि चेयरमैन वीर शांति स्वरूप भी पूर्व में संस्थाओं को पार्क गोद देने का विरोध जता चुके हैं। उनका मानना है कि साढ़े आठ लाख रुपये प्रति माह खर्च करने के बजाय नगर परिषद स्वयं 30 से 35 कर्मचारी अनुबंध पर रखकर पार्कों की देख-रेख करवाए। इससे दो से तीन लाख रुपये प्रति माह की बचत होगी। उस पैसे को पार्कों में लगाया जा सकेगा मगर, अधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी और सरकार की गाइडलाइन का हवाला देते हुए संस्थाओं को पार्क गोद दे डाले।
संकल्प रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन मेला ग्राउंड नाम संस्था पर दिए गए नंबर पर सचिव मोनिका से बात की गई तो फोन पर दिग्विजय सिंह नाम आया। फोन उठाने वाले युवक ने कहा कि संकल्प संस्था के संबंध में वह कुछ नहीं जानते हैं। यह संस्था उनकी मामी पुनिता रानी चलाती हैं। वही इस संबंध में जानकारी दे सकती हैं। पार्क की देखभाल भी वहीं करती हैं।
वहीं, चेयरमैन सुषमा रानी के मोबाइल नंबर की जगह बलदेव राज नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया हुआ है। यह पहले ही अन्य संस्था के नाम से पार्कों को गोद लिए हुए हैं। इतना ही नहीं, जांच में सामने आया है कि पुनिता रानी के नाम पर ही ई मेल आईडी दर्ज करवाई गई है। नगर परिषद की ब्रांच की जांच में यह सामने आया है। इतना ही नहीं, हाल ही में इसी मोबाइल नंबर वाले व्यक्ति की ओर से संस्था के नाम पर जिला नगर आयुक्त को मेल की गई है। मेल में मोबाइल नंबर पर शक होने के आधार पर जांच करने पर सब सामने आया है।
पार्कों को बनाया कमाई का जरिया
नगर परिषद के पास ग्रीन बेल्ट और पार्क मिलाकर 82 जगहें हैं। इनमें से कुछ ने अपनी चहेती संस्थाओं को पूर्व अधिकारियों ने बिना ड्राॅ निकाले ही रीअलॉट कर दिया था। इसको लेकर कई पार्षदों ने डीसी से लेकर पूर्व जिला नगर आयुक्त को शिकायत की थी मगर कोई जांच नहीं की गई और खानापूर्ति कर मामला दबा दिया गया। वहीं, ड्राॅ के माध्यम से 52 प्लाट अलॉट किए गए। ड्राॅ में पूर्व में संस्थाएं लगाकर पार्क ले चुके लोग दूसरी संस्थाओं के समर्थन में आकर अपनी बताते हुए पार्क लेते हुए ड्राॅ निकालते हुए नजर आए। अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों की मानें तो पूर्व जिला नगर आयुक्त के दो संस्थाओं का समर्थन करने के चलते अधिकारी पूरी तरह से प्रक्रिया में चुप्पी साधे रहे और गलत होने का पता होने के बाद भी पार्क अलाॅट कर दिए। इसका परिणाम यह हुआ है कि आज लाखों रुपये इन संस्थाओं को बांटा जा रहा है।
कोटस
संस्थाओं को पार्क देने का मकसद पार्क बेहद बनाना था। यदि कोई संस्था गलत काम कर रही है और दस्तावेज के साथ गड़बड़ी की है तो जांच करवाई जाएगी। सभी संस्थाओं का रिव्यू किया जाएगा। जब तक मामले की जांच नहीं होती है तब तक संबंधित संस्थाओं के भुगतान पर रोक लगवाई जाएगी।

-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद सिरसा।
कोट्स
संस्थाओं के दस्तावेज की जांच की जा रही है। इस तरह की गड़बड़ी करके पार्क लेने वाली सभी संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
-रोहित हुड्डा, जेई, नगर परिषद।
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